बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा और सेंटर फॉर पीस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है. ओवैसी से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “बात असल ये है कि आपको हर वक्त तलाश है कि उस आदमी की जो कुत्ते को काटे.” उन्होंने बयान को “इग्नोर” करने की बात भी कही, लेकिन उनके लहजे से स्पष्ट था कि वे ओवैसी के बयानों से नाराज और दुखी हैं. यह बयान तब आया जब राज्यपाल खान से ओवैसी के हालिया बयानों पर उनकी प्रतिक्रिया चाही गई थी.
ओवैसी ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार की आलोचना की थी, और राज्यपाल खान के अनुसार, ओवैसी “हमेशा विवाद पैदा करने वाले बयान देते हैं.” राज्यपाल ने कहा कि वे ओवैसी के बयानों को महत्व नहीं देते हैं, लेकिन उनके बयान से साफ जाहिर कर दिया कि वे ओवैसी के बयानों से नाराज हैं. कार्यक्रम में राज्यपाल खान ने तीन तलाक कानून को सामाजिक सुधार बताया और वक्फ संशोधन कानून का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति गरीबों की मदद के लिए थी, लेकिन अब उस पर मॉल, अस्पताल और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बन गए हैं.
उन्होंने वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन संपत्तियों का उपयोग गरीब मुसलमानों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए. राज्यपाल ने मुस्लिम संगठनों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने ईसाई समुदाय द्वारा गरीबों के लिए स्कूल बनाने का उदाहरण देते हुए पूछा कि वक्फ ने पिछले 20-25 सालों में गरीबों के लिए कितने स्कूल बनाए हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब मुसलमानों को भावनाओं के नाम पर लूटा गया है. उन्होंने मुस्लिम संगठनों पर गरीब मुसलमानों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक और व्यावसायिक हितों के लिए करने का आरोप लगाया.
खान ने कहा कि अमीर मुसलमानों के बच्चे मदरसों में नहीं पढ़ते, जबकि गरीब मुसलमानों के बच्चे पढ़ते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमीर मुसलमानों के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम संगठन, गरीब मुसलमानों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं और अमीर मुसलमानों ने धर्म को व्यवसाय बना लिया है. उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा कि अमीर मुसलमान अपने व्यवसायों को बचाने के लिए इसका विरोध कर रहे हैं, न कि वे मुसलमानों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं.







