बिहार महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खींचतान जारी है और इंडिया इंडिया ब्लॉक की ओर से अभी तक प्रदेश में सीएम फेस को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की गई है. अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि बिहार में किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा. बता दें कि इस पसोपेश के बीच कांग्रेस के हाल के दिनों के तेवर के बाद राजद ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए और तेजस्वी यादव ने खुद को एक तरह से सीएम फेस बता दिया. अब आगामी 17 (गुरुवार) अप्रैल को एनडीए महागठबंधन के दलों की एक बड़ी मीटिंग होने वाली है. लेकिन उसके पहले एक बड़ा घटनाक्रम यह है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से तेजस्वी यादव की मुलाकात होने जा रही है. यह बैठक बिहार में चुनावी रणनीति को देखते हुए महागठबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
कल मंगलवार की दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर नई दिल्ली में यह बैठक होने जा रही है और विधानसभा चुनाव से पहले इसे बेहद महत्वपूर्ण कहा जा रहा है. यह बैठक खड़गे के घर पर होगी। सूत्रों के मुताबिक इसमें राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।
दो दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे खड़गे
वहीं, राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार आ रहे हैं। 19 और 20 अप्रैल को दो दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगे। खड़गे 19 अप्रैल को बक्सर तो 20 अप्रैल को पटना में रैली करेंगे। 7 अप्रैल को राहुल गांधी बिहार आए थे अब 12 दिन बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार पहुंचेंगे।
बता दें कि अभी हाल में ही बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कांग्रेस आलाकमान की बैठक हुई थी और बिहार में मिलकर चुनाव लड़ने की बात कही गई थी. हालांकि, मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर अब तक कांग्रेस की ओर से तेजस्वी की यादव के नाम पर हमी नहीं भरी गई है. ऐसे में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.सूत्र बताते हैं कि आगामी 17 अप्रैल को महागठबंधन की बैठक से पहले बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के भीतरसब कुछ सामान्य करने और बेहतर तालमेल करने के लिहाज से या बैठक महत्वपूर्ण है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार अभी सीट शेयरिंग पर कोई बात नहीं होगी, लेकिन इस मुलाकात के संकेत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि गठबंधन में सामंजस्य और तालमेल बनाने की कवायद होगी.
वहीं, आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने तेजस्वी-खड़गे मीटिंग पर कहा, इस मुलाकात की पृष्ठभूमि यह है कि कांग्रेस के सबसे पुराने गठबंधन साथी हम हैं.6 महीने बाद बिहार में चुनाव होने हैं, इसलिए एक औपचारिक बातचीत होगी. कांग्रेस की तरफ से तेजस्वी यादव के नाम पर हामी नहीं भरे जाने पर मनोज झा ने कहा कि लीडरशिप जनता तय कर देती है और यह अब आरजेडी के हाथ में नहीं है.वहीं, महागठबंधन के किसी दल के हाथ में नहीं है कि वह कुछ विकल्प सोच पाए.
मनोज झा ने कहा, बिहार की अवाम ने तय कर दिया है तेजस्वी यादव भी मना नहीं कर सकते हैं.सनराइजेज इन द ईस्ट, यह यूनिवर्सल ट्रुथ है. अब तेजस्वी जी भी चाहें तो इस हकीकत से इनकार नहीं कर सकते हैं कि बिहार के व्यापक अवाम ने अपना फैसला कर लिया है. सीट शेयरिंग के मुद्दे पर कहा कि एक औपचारिक बैठक होगी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के नेता हैं तेजस्वी जी बिहार के, इसलिए औपचारिक माहौल में बातचीत होगी.
वहीं, कल की तेजस्वी यादव की मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने कहा कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है, क्योंकि लालू जी के करीबी अखिलेश सिंह को हटाकर दूसरे व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. कन्हैया कुमार को लेकर आरजेडी असहज रहती है. वहीं, मनोज झा के तेजस्वी यादव पर दिए बयान पर के सी त्यागी ने कहा किजब हम नीतीश कुमार के बारे में कहते हैं कि वह गठबंधन के नेता हैं उनके नेतृत्व में चुनाव होगा और वह मुख्यमंत्री फिर बनेंगे तो आरजेडी के लोग क्यों प्रश्न खड़ा करते हैं. फिर तेजस्वी यादव के बारे में भी सवाल होंगे उन्हें स्वीकार करना चाहिए.







