IPL 2025 में आज चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की भिड़ंत चेपॉक स्टेडियम में होनी है। CSK पांच में से चार और KKR पांच में से तीन मैच हार चुकी है। हालांकि, CSK को चारों हार लगातार मैचों में मिली है।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 18वां सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) मुश्किल में घिरती जा रही है. पांच बार की चैंपियन सीएसके आईपीएल 2025 में पांच में से चार मैच हार चुकी है और पॉइंट टेबल में नौवें नंबर पर है. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं. अब बाकी सीजन टीम के महानायक एमएस धोनी कप्तानी करते नजर आएंगे. क्या थाला यानी धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स को जीत की पटरी पर लौटा सकते हैं? आइए सीएसके के तीन सबसे बड़े चैलेंज और धोनी की भूमिका पर नजर डालते हैं.
1. मिडिल ऑर्डर की कमजोरी
सीएसके का मिडिल ऑर्डर आईपीएल 2025 में लगातार लड़खड़ा रहा है. शिवम दुबे, राहुल त्रिपाठी, विजय शंकर ने कुछ मौकों पर रन बनाए, लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही है. खासकर, बड़े स्कोर का पीछा करते समय मिडिल ऑर्डर ढह रहा है. इसका असर एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा के प्रदर्शन पर भी पड़ रहा है, जो अक्सर छठे-सातवें नंबर पर बैटिंग करते हैं. लेकिन पहले 4-5 विकेट जल्दी गिरने के चलते इन दोनों को बैटिंग के लिए पहले आना पड़ रहा है.
2. डेथ ओवर्स में गेंदबाजी
चेन्नई सुपरकिंग्स की गेंदबाजी इस सीजन में कमजोर साबित हुई है. खासकर आखिरी ओवर्स में मथीशा पाथिराना और खलील अहमद जैसे गेंदबाज रन लुटाते नजर आ रहे हैं. पंजाब किंग्स के खिलाफ सीएसके ने आखिरी पांच ओवर में 60 से ज्यादा रन लुटाए, जो उसकी हार का बड़ा कारण बना. सीएसके के पास रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन और नूर अहमद के तौर पर अच्छे स्पिनर हैं लेकिन डेथ ओवर्स में इनका इस्तेमाल कम ही हुआ है.
3. खराब फॉर्म और रणनीतिक चूक
चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम आईपीएल 2025 में रणनीतिक रूप से पिछड़ती नजर आई है. टीम बैटिंग ऑर्डर में बदलाव से लेकर बॉलर्स का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रही है. कप्तान गायकवाड़ की स्ट्रेटकई बार डिफेंसिव रही, जिससे विरोधी टीमें हावी हुईं. लगातार 4 हार के बाद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी डगमगाया हुआ है.
क्या धोनी बदल पाएंगे हालात
ऋतुराज गायकवाड़ के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने सीएसके की कप्तानी संभाल ली है. एमएस धोनी इस टीम को पांच बार चैंपियन बना चुके हैं. चाहे डीआरएस का मामला हो या फील्डिंग सजाने का, गायकवाड़ के कप्तान रहते भी धोनी ही यह जिम्मेदारी संभालते रहे हैं. दबाव में शांत रहने की क्षमता ऐसी है कि दुनिया उन्हें कैप्टन कूल बुलाती है. अगर वे बैटिंग ऑर्डर में थोड़ा ऊपर आते हैं तो मध्यक्रम की कमजोरी पर लगाम लगा सकते हैं. उनके बॉलिंग चेंज की तो दुनिया दीवानी है. पिच और विरोधी बैटर्स के मुताबिक गेंदबाजी में बदलाव करना धोनी की सबसे बड़ी ताकत रही है. वे डेथ ओवर्स में गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं. रवींद्र जडेजा का इस्तेमाल डेथ ओवर्स और अश्विन पावरप्ले के भीतर भी कर सकते हैं. अब इससे सीसके के प्रदर्शन पर कितना फर्क कितना पड़ेगा यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन यह तय है कि धोनी के कप्तान बनने से फैंस खुश हैं.
फ्लेमिंग बोले, टीम में रिप्लेसमेंट के ऑप्शन कम
कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, “जहां तक रिप्लेसमेंट की बात है तो हमारे पास टीम में कुछ ही विकल्प हैं। हमने अभी तक किसी पर फैसला नहीं किया है। धोनी कमान संभालने के लिए तैयार थे। इसलिए उन्हीं का नाम फाइनल किया गया।”

तुषार देशपांडे की बॉल गायकवाड की कोहनी पर लगी थी
गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान गायकवाड को तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे की गेंद कोहनी पर लगी थी। उन्होंने मैच में अर्धशतक जरूर जड़ा था, लेकिन चेन्नई मुकाबला हार गई थी। गायकवाड ने मैच के बाद कुछ दिन ट्रेनिंग नहीं की थी। अब वे टूर्नामेंट से बाहर ही हो गए।

धोनी की फिटनेस को लेकर फ्लेमिंग ने दिया था बयान
चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच ने धोनी की फिटनेस को लेकर अपडेट दिया था। उन्होंने बताया कि धोनी के घुटने पहले जैसे नहीं रहे और इसी वजह से वे 10 ओवर तक लगातार भाग कर बल्लेबाजी नहीं कर सकते। इसी कारण मुकाबले के अनुसार उनकी बैटिंग पोजिशन का फैसला किया जाता है।
100 से ज्यादा IPL मैच जीतने वाले इकलौते कप्तान धोनी ने 2023 तक IPL में कप्तानी करने के बाद ऋतुराज गायकवाड को जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसी सीजन उन्होंने टीम को आखिरी बार चैंपियन भी बनवाया था। धोनी ने 226 मैचों में कप्तानी की और 133 में टीम को जीत दिलाई। वे कप्तानी करते हुए 100 से ज्यादा IPL मैच जीतने वाले इकलौते कप्तान हैं। उनके बाद रोहित शर्मा ने 158 मैचों में कप्तानी की, उन्होंने 87 मैचों में टीम को जीत दिलाई।
सबसे ज्यादा IPL मैच खेलने वाले प्लेयर धोनी IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर भी हैं। उन्होंने 18 साल के करियर में 2 टीमों के लिए 269 मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम करीब 137 के स्ट्राइक रेट से 5342 रन रहे। उन्होंने इनमें 24 फिफ्टी लगाईं। उनके नाम 368 चौके और 257 छक्के हैं। धोनी के बाद मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा ने 260 मैच खेले।

दिल्ली के खिलाफ मैच में पहुंचे थे माही के पैरेंट्स
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मैच के दौरान धोनी के पैरेंट्स भी मैदान में मौजूद थे। इससे उनके संन्यास की अटकलें तेज हो गई थीं। क्योंकि धोनी के इंटरनेशनल करियर में कभी भी उनके पैरेंट्स उनका मैच देखने स्टेडियम में नहीं पहुंचे थे। हालांकि, धोनी ने मैच के बाद संन्यास नहीं लिया, अब वे टीम की कप्तानी भी करेंगे।







