आज कन्हैया कुमार की ‘पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा’ का समापन है। 5000 कार्यकर्ताओं के साथ सीएम हाउस तक मार्च करेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पटना पहुंच गए हैं।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा, ‘नौकरी दो, पलायन रोको, यह कांग्रेस पार्टी का नारा है। हम उस नारे और यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। लोगों ने राज्य में चल रही उथल-पुथल भरी राजनीति और शासन-व्यवस्था को बहुत देखा है। युवाओं के साथ धोखा हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार ने सबसे बड़े वर्ग को नजरअंदाज किया है।
कांग्रेस हमेशा जनता और युवाओं के साथ खड़ी रहेगी। केंद्र सरकार ने बिहार से जो वादे किए थे, वो पूरे नहीं हुए। इसलिए हम जवाब मांगने का काम करेंगे। लोकतांत्रिक तरीके से हम पूरे जोश के साथ विरोध करेंगे। केंद्र में 11 साल तक सत्ता में कौन रहा। यहां बिहार में सालों से कौन राज कर रहा है। सबको पता है कि जनता ने कितनी बार मौका दिया है। हर बार झूठे वादों और झूठे आश्वासनों के अलावा युवाओं को कुछ नहीं मिला।


सीएम को मांग पत्र सौपेंगे- कन्हैया
कन्हैया ने कहा, ‘हमलोग सीएम नीतीश कुमार से मिलने का प्रयास करेंगे। इस पलायन यात्रा के दौरान सभी जिलों की परेशानी को लेकर मांग पत्र तैयार की गई है। इसे हम मुख्यमंत्री को सौंपने की कोशिश करेंगे। ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा की शुरुआत 16 मार्च को पश्चिम चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ आवाज उठाना था।’

कन्हैया ने आगे कहा
बिहार से पलायन हो रहा है, यह हकीकत है। इसे रोकना चाहिए। इस मुद्दे पर आमसहमति होनी चाहिए। केंद्र में 10 लाख और बिहार में2.75 लाख सरकारी पद खाली हैं। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। बीजेपी परिवारवाद पर सवाल करती है। गृहमंत्री अमित शाह अपने बेटे को आईसीसी का चेयरमैन बना देते हैं। इस पर बीजेपी क्यों नहीं बोलती है।

गुरुद्वारा पहुंचे थे कन्हैया
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की पदयात्रा गुरुवार को राजधानी पटना पहुंची थी। इस यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा से सुबह 10 बजे हुई। उससे पहले सुबह 8:30 बजे सदाकत आश्रम कैंप में झंडोत्तोलन किया गया। 11:30 बजे गुरु का बाग कमेटी हॉल में विश्राम के बाद शाम 4:30 बजे यह यात्रा फिर से शुरू हुई।
कांग्रेस अधिवेशन में शामिल होने के कारण कन्हैया सुबह में इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। शाम के समय पदयात्रा में शामिल हुए थे। पटना साहिब गुरुद्वारा माथा टेकने भी गए थे।
बीजेपी के गढ़ में कन्हैया की यात्रा
कन्हैया ने कल की पदयात्रा के लिए पटना साहिब, कुम्हरार और बांकीपुर जैसे इलाकों को चुना था। ये इलाके आमतौर पर बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का सबसे बड़ा हब इसी इलाके में है। बड़ी संख्या में इन इलाकों में कोचिंग संस्थान हैं। जो यूपीएससी, बीपीएससी, मेडिकल, इंजीनियरिंग के अलावा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी की तैयारी कराते हैं।







