पीएम मोदी के साथ चिली के राष्ट्रपति
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में चिली के राष्ट्रपति का स्वागत किया और उनके सम्मान में भोज का आयोजन किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चिली के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों सहित अन्य नेता मौजूद थे। यहां उन्होंने कहा, ‘ भारत में किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत हूं। मैं पहली बार राजकीय यात्रा पर यहां आया हूं। मैं यहां मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। पिछले 16 वर्षों से चिली से कोई भी यहां नहीं आया है और इन 16 वर्षों में भारत बहुत बदल गया है।’
पीएम मोदी के साथ चिली के राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट के सम्मान में एक भोज का आयोजन किया। इस दौरान वहां मौजूद अतिथिगणों को संबोधित करते हुए चिली के राष्ट्रपति कहा कि चिली भारत के साथ हमारे संबंधों पर काम करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘चिली एक ऐसा देश है जो दुनिया से जुड़ा हुआ है और अब हम भारत के साथ अपने संबंधों पर काम करना चाहते हैं। आज हमने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।’
पीएम मोदी के साथ चिली के राष्ट्रपति
उन्होंने भारत के साथ अपने देश के संबंधों की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने रणनीतिक आजादी और आपसी सहयोग की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘चिली एक ऐसा देश है जो दुनिया से जुड़ा हुआ है। हम किसी एक विशेष देश पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि हमारे चीन, अमेरिका, यूरोपीय संघ, हमारे क्षेत्र के देशों, लैटिन अमेरिका, एशिया प्रशांत, जापान, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंध हैं। अब हम भारत के साथ अपने संबंधों को और अधिक गहराई से काम करना चाहते हैं। इसके लिए हमने आज कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।’
पीएम मोदी के साथ चिली के राष्ट्रपति
विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति बोरिक और प्रधानमंत्री मोदी दोनों की पहली मुलाकात नवंबर 2024 में रियो डी जेनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। वायुसेना स्टेशन पालम पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति बोरिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति बोरिक से मुलाकात की। राष्ट्रपति बोरिक के साथ विदेश मामलों, कृषि, खनन, महिला और लैंगिक समानता तथा संस्कृति, कला और विरासत मंत्री, संसद सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारिक नेता भी आए हैं।