पाकिस्तान के कराची में हाफिज सईद के रिश्तेदार की बंदूकधारी ने गोली मारकर हत्या कर दी है. आतंकवादी हाफिज सईद के रिश्तेदार और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड उगाने वाले अब्दुल रहमान को कराची में अज्ञात शख्स ने गोली मारी. बताया जाता है कि अब्दुल रहमान आतंकवादी संगठन लश्कर के लिए फंड कलेक्शन का काम करता था. जितने भी फंड कलेक्टर कराची में फंड उगाने का काम करते थे वह सभी अब्दुल रहमान के पास आकर फंड जमा करते थे जहां से यह आगे जाता था.
पिछले कुछ सालों से आतंकवाद का आका पाकिस्तान बहुत परेशान है. एक तरफ बलूचिस्तान में बीएलए यानी बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं. वहीं, शाहबाज शरीफ के देश में भारत में आतंकी घटनाओं में शामिल दहशतगर्दों को अज्ञात लोग एक-एक कर ठिकाने लगा रहे हैं. जिस व्यक्ति ने हाफिज सईद के करीबी को निशाना बनाया, उसे ना तो किसी ने देखा और ना ही कोई पहचानता है.
दुकान पर सामान खरीदने आया हमलावर
सीसीटीवी कैमरे की जो तस्वीर सामने आ रही है, उसमें देखा जा सकता है कि दुकान में मौजूद अब्दुल रहमान से एक शख्स सामाना खरीदने आया. फिर उसपर गोली चलाने के बाद मौके से फरार हो गया. हाफिज सईद के करीबी अब्दुल रहमान को नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अज्ञात बंदूकधारी ने पिछले दिनों फैजल नदीम ऊर्फ अबु कताल सिंधी को मार गिरया था. दावा किया जाता है कि अबु कताल आतंकी हाफिज सईद का भतीजा है. नकाबपोश अज्ञात बंदूकधारियों ने झेलम जिले में शनिवार रात 8 बजे उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई.
सेना के अधिकारी को ठोक चुके हमलावर
इससे पहले मार्च की शुरुआत में पाकिस्तान सेना से जुड़े ISPR के अधिकारी मेजर दानियाल की पेशावर में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. वह 17 अगस्त 2016 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भारतीय सैन्य काफिले पर घातक हमले के मुख्य सूत्रधारों बताया जाता है. सूत्रों के मुताबिक मेजर दानियाल को पेशावर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया और उन्हें मौके पर ही गोली मार दी गई. हमलावरों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन इस हमले के पीछे कौन है, इसे लेकर पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र में हलचल मची हुई है.







