बिहार में इफ्तार पार्टी का दौर शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यहां जहां रविवार पार्टी को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है. वहीं लालू यादव समेत अन्य सियासी दिग्गज आज इफ्तार पार्टी का आयोजन करने जा रहे हैं. लालू प्रसाद यादव का इफ्तार आज आयोजित किया गया है. जानकारी के अनुसार यह आयोजन अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर हो रहा है. लालू प्रसाद यादव के साथ राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी इस इफ्तार में शामिल होंगे. लालू ने इस आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित किया है.
राजनीतिक दलों के इफ्तार पार्टियों का सिलसिला जारी है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज अपनी इफ्तार पार्टी देंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस इफ्तार पार्टी में शामिल होंगे. बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत बीजेपी के कई बड़े नेता भी इस इफ्तार पार्टी में शिरकत करेंगे. वहीं इससे पहले रविवार को सीएम नीतीश कुमार के यहां आयोजित इफ्तार पार्टी में कई सियासी दिग्गज शामिल हुए थे.
नीतीश की इफ्तार पार्टियां पूरी तरह धार्मिक
इफ्तार पार्टी पर चढ़े इस सियासी रंग के बीच जेडीयू नेता खालिद अनवर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से इफ्तार पार्टियों का आयोजन करते आ रहे हैं। ये इफ्तार पार्टियां पूरी तरह धार्मिक हैं, राजनीतिक नहीं हैं और इनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। यह एक आस्था आधारित आयोजन है, जिसे नीतीश कुमार रमजान के सम्मान में मुसलमानों के सम्मान में और ईद के स्वागत में पूरी श्रद्धा के साथ आयोजित करते हैं।
RJD पर लगाया नीतीश टारेगट करने का आरोप
आरजेडी को लगता है कि वह इस तरह के फर्जी लेटर के माध्यम से नीतीश कुमार को टारेगट करेंगे तो उन्हें पता होना चाहिए कि बिहार के मुसलमान जागरूक हैं। बिहार के मुसलमान नीतीश कुमार के साथ हैं। आरजेडी मुसलमानों के साथ सियासत करती रही है। लेकिन, कभी आरजेडी मुसलमानों के हित के लिए खड़ी नहीं हुई। मैं समझता हूं कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में आरजेडी का सबसे खराब प्रदर्शन रहने वाला है। बिहार के लोग नीतीश कुमार के साथ हैं। नीतीश कुमार ने बिहार में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा पर शानदार काम किया है। मुसलमानों ने आरजेडी को रिजेक्ट कर दिया है।
नीतीश की इफ्तार में शामिल नहीं हुए ये संगठन
सीएम नीतीश कुमार की ओर से मुख्यमंत्री आवास में रविवार (23 मार्च) को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, लेकिन जेडीयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का समर्थन करने के मामले पर कई मुस्लिम संगठन जैसे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, इमारत-ए-शरिया, जमीयत उलेमा हिंद, जमात-ए-इस्लामी हिंद, खानकाह मुजीबिया जैसे प्रमुख संगठन की ओर से सम्मेलन कर के सामूहिक रूप से बहिष्कार किया गया है.







