बिहार में पुलिसकर्मी की हत्या और लगातार हो रहे हमलों पर राज्य सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लिया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सरकार आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। जिससे अपराधियों में हताशा है। यही कारण है कि ऐसी घटनाएं घट रही है। किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। सीएम को पूरी मामले की जानकारी है। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताया है।
ASI हत्या मामले में थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित
मुंगेर में ASI संतोष कुमार की हत्या मामले में एसपी सैयद इमरान मसूद ने बड़ी कार्रवाई की है। मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष चंदन कुमार, सिपाही दीपक कुमार और 112 के चालक परमानंद सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
एसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष चंदन कुमार को सूचना जुटाने में विफल रहने और ड्यूटी में लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है। सिपाही दीपक कुमार और चालक परमानंद सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
यह घटना 14 मार्च की है, जब मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में शराब के नशे में हंगामा कर रहे आरोपी रणवीर कुमार को समझाने के लिए एएसआई संतोष कुमार पहुंचे थे। तभी रणवीर कुमार और उसके परिजनों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल एएसआई को पटना ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस लाइन में दी गई श्रद्धांजलि
15 मार्च को मुंगेर पुलिस लाइन में शहीद एएसआई संतोष कुमार को डीआईजी, डीएम, एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी और अशोक सलामी दी।
मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि इस मामले में गंभीरता से जांच की जाएगी और सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी। घटना के 72 घंटे के भीतर सदर डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने सख्त कदम उठाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
पहले से शिकायतों के घेरे में थे थानाध्यक्ष
मुफस्सिल थानाध्यक्ष चंदन कुमार के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें थीं, और एसपी उनके कार्यों पर नजर बनाए हुए थे। इस घटना के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी गई।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर कड़ी सजा दिलाने की कोशिश होगी।
ASI की हत्या मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार
मुंगेर में विवाद सुलझाने गए एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। घटना 14 मार्च की रात की है। एएसआई संतोष कुमार सिंह नंदलालपुरा में विवाद सुलझाने गए थे।
वहां मुख्य आरोपी रणवीर यादव के परिवार ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल एएसआई की 15 मार्च की सुबह पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मुफस्सिल थाना के कॉन्स्टेबल दीपक कुमार के बयान पर दर्ज एफआईआर में रंजीत कुमार, रणवीर यादव, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को नामजद किया गया है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रणवीर कुमार, उनकी पत्नी मौसम कुमारी, विकास कुमार और गुड्डू कुमार शामिल हैं। रणवीर, मौसम और विकास को रविवार शाम जेल भेज दिया गया है।
गुड्डू ने पुलिस पर तानी राइफल
शनिवार को पुलिस जब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गुड्डू को लेकर जा रही थी, तब बाकरपुर के पास पुलिस वाहन पेड़ से टकरा गया। इस दौरान गुड्डू ने पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और पुलिस पर तान दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने गुड्डू के पैर में गोली मार दी। फिलहाल उसका इलाज सदर अस्पताल में पुलिस निगरानी में चल रहा है।
डीआईजी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि एएसआई संतोष कुमार विवाद सुलझाने गए थे, लेकिन एक पक्ष ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने 4 नामजद अभियुक्त को किया गिरफ्तार
डीआईजी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। डीआईजी ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस कांड में जो भी लोग सुझबूझ हैं पुलिस उनलोगों की गिरफ्तारी कर वैसे कार्रवाई करेगी। जिससे आगे चल कर पुलिस पर हमला करने के लिए सोचना होगा।
इसके लिए पुलिस की ओर से जो एक्शन लिया जाएगा वह मीडिया भी देखेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस की तरफ से दो या तीन राउंड फायरिंग की गई है, जबकि आरोपी गुड्डू यादव ने भी फायरिंग की थी।
परिजन को दी जाएगी सहायता राशि
डीआईजी ने कहा कि हमारे विभाग के तरफ से जो तय राशि है, वो शहीद के परिजनों को मिलेगा। साथ ही, बैंक ऑफ बड़ौदा से भी उन्हें सहायता राशि दी जाएगी। अभी उनका एक आठ साल का बच्चा है अगर शहीद की पत्नी चाहेंगी तो उन्हें भी अनुकम्पा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
नीतीश कुमार से बिहार संभल नहीं रहा है। विपक्ष के आरोपों पर विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रगति यात्रा की। क्या कोई युवा व्यक्ति भी इस तरह की यात्रा कर सकता है। यह आरोप बिल्कुल निराधार है। जो लोग इस तरह के ट्वीट करते हैं, उनका कोई विशेष मतलब नहीं है। सीएम आज सुबह भी सड़कों का जायजा लेने निकले थे। कई मंत्रियों से भी मिले हैं। लगातार एक्टिव हैं।
वहीं, तेजप्रताप यादव के मामले पर कहा कि लोग समझदार हैं और इस मुद्दे पर ज्यादा बहस करने की आवश्यकता नहीं है।
तेजप्रताप के आदेश पर डांस करने वाले पुलिसकर्मी को हटाया
दरअसल, बिहार में होली के दिन 15 मार्च को तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर वर्दी में पुलिसकर्मी को डांस करने के लिए कहा था। तेजप्रताप ने अपने अंदाज में कहा- ‘ठुमके लगाओ वरना सस्पेंड कर दिए जाओगे।’
होली के रंग में रंगे तेजप्रताप यादव बिना हेलमेट पहले स्कूटी से CM आवास के बाहर पहुंचे और कहा- ‘ए पलटू चाचा, हैप्पी होली!’ इस मामले में भी कार्रवाई हुई है। बिना हेलमेट जिस स्कूटी को तेजप्रताप चला रहे थे उसका 4000 रुपए का चालान भी कटा गया है।
गाड़ी का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन फेल था। बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का 1000 रुपए, पॉल्यूशन का 1000 रुपए और इंश्योरेंस फेल का 2000 रुपए का चालान भेजा गया है। स्कूटी फुलवारी शरीफ के कमरूल हुदा के नाम पर रजिस्टर्ड है।







