बिहार में नीतीश कैबिनेट का विस्तार हो गया है. नीतीश कैबिनेट के विस्तार के साथ ही बिहार सरकार में अब कुछ 36 मंत्री बन गए हैं और इसी के साथ बिहार कैबिनेट में मंत्रियों का कोटा भी फुल हो गया है. बुधवार को बीजेपी कोटे के साथ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. वहीं इससे पहले बीजेपी कोटे के एक मंत्री दिलीप जायसवाल ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. इसी के साथ बिहार कैबिनेट में बीजेपी की हिस्सेदारी पहले के मुक़ाबले में काफी अधिक को गयी. बिहार कैबिनेट में अब बीजेपी कोटे से कुल 21 मंत्री हो गए हैं.
वहीं इससे पहले बिहार कैबिनेट 15-13-1-1 के फॉर्मूले पर चल रहा था, जिसमें से 15 मंत्री बीजेपी कोटे से थे, वहीं 13 मंत्री JDU कोटे से, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से 1 और निर्दलीय कोटे से भी एक मंत्री नीतीश कैबिनेट में शामिल हैं. हालांकि अब बिहार में नए फॉर्मूले के साथ कैबिनेट का विस्तार हो गया है. दरअसल अब नीतीश कैबिनेट का विस्तार 21-13-1-1 के फॉर्मूले पर किया गया. यानि कि अब बीजेपी कोटे से नीतीश कैबिनेट में कुल 21 मंत्री हो गए हैं. वहीं जेडीयू कोटे से 13, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से एक और निर्दलीय कोटे से बी एक मंत्री हैं. इसी के साथ ही बिहार में नीतीश कैबिनेट का 36 पदों का कोटा पहली बार पूरी तरह से भर गया है.
कल यानी 28 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले आज गुरुवार को बिहार के 7 नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया जाएगा। भूमि सुधार और राजस्व विभाग पर सभी नए मंत्रियों की नजर है। ये विभाग पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के पास था। कैबिनेट विस्तार से पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि संजय सरावगी को भूमि सुधार और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं मोतीलाल प्रसाद को कला संस्कृति, कृष्ण कुमार मंटू को विधि और कानून, जीवेश मिश्रा को कृषि विभाग मिलने की संभावना है।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट में शामिल सभी नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। इन मंत्रियों ने कल शाम में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने मौजूदा कैबिनेट में कई मंत्रियों के विभाग भी बदल दिए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए साल भर से भी कम समय बाकी रह गया है। इस बीच बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट में सात नए चेहरों को शामिल किया। सातों चेहरे बीजेपी से हैं। इसके साथ ही नीतीश कैबिनेट के सदस्यों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीट हैं। नियमों के अनुसार सदन की कुल सीट का 15 प्रतिशत ही मंत्री हो सकते हैं। इस लिहाज से राज्य मंत्रिपरिषद में अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं।
विभागों का बंटवारा
- संजय सरावगी -राजस्व एवं भूमि
- सुनील कुमार -वन पर्यावरण
- विजय मंडल -आपदा प्रबंधन
- कृष्ण कुमार मंटू -IT
- मोतीलाल प्रसाद -कला संस्कृति
- राजू सिंह -पर्यटन
- जीवेश मिश्रा -नगर विकास
इनके विभाग बदले गए
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से पथ निर्माण और कला संस्कृति विभाग दो मंत्रालय ले लिए गए। पथ निर्माण विभाग नितिन नवीन को दे दिया गया जबकि कला और संस्कृति नए मंत्री मोतीलाल प्रसाद को दे दिया गया है। नितिन नवीन के पास पहले नगर विकास था। अब नगर विकास मंत्रालय नए मंत्री जीवेश मिश्रा को दे दिया गया है।
बुधवार को राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नए मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश सरकार के इस कैबिनेट विस्तार को बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले समाज के सभी वर्ग को मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व दिए जाने के एक प्रयास के रूप देखा जा रहा है।
डिप्टी CM विजय सिन्हा की पावर कम होगी, उनके पास 3 विभाग
सूत्रों की माने तो बीजेपी में बड़े दमदार विभाग को लेकर रस्साकशी है। राजस्व एवं भूमि सुधार के अलावा खान एवं भूतत्व विभाग, स्वास्थ्य, नगर विकास और कृषि विभाग पाने की भी चाहत है। आर्ट एंड कल्चर,विधि जैसे विभाग पसंद नहीं किए जा रहे।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की पावर कम होगी। उनके पास तीन विभाग हैं, जिसमें कला संस्कृति और खनन विभाग को लेकर दूसरे मंत्रियों को दिया जा सकता है। आज ही सभी 7 नवनियुक्त मंत्री अपना कार्यभार संभाल लेंगे। कल बुधवार को बीजेपी कोटे से 7 मंत्रियों ने शपथ ली है।
कुछ ऐसे होगा विभागों का बंटवारा
जिन मंत्रियों के पास पहले से एक से ज्यादा विभाग है, उनके विभागों में कटौती की जा सकती है। भाजपा कोटे से पुराने मंत्रियों के बीच भी विभागों की अदला-बदली हो सकती है। जैसे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के पास कृषि विभाग भी है। जिसे नए मंत्री को सौंपा जा सकता है।
वहीं बीजेपी कोटे के मंत्री प्रेम कुमार के पास सहकारिता के साथ वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का भी जिम्मा है। प्रेम कुमार से वन, पर्यावरण विभाग वापस लिया जा सकता है।
वैसे ही उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा के पास पर्यटन विभाग की जिम्मेवारी है। उनसे पर्यटन विभाग लिए जाने की खबर है। वहीं मंत्री नितिन नवीन के पास नगर विकास विभाग के साथ-साथ विधि विभाग भी है। माना जा रहा है कि उनसे विधि विभाग वापस लेकर नए मंत्रियों को एडजस्ट किया जायेगा।
बजट को लेकर करेंगे बैठक
नवनियुक्त मंत्री पदभार ग्रहण करने के बाद बजट को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बजट की रूपरेखा को जानेंगे। कल से बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुरू हो रहा है। पहले दिन राज्यपाल संयुक्त सत्र की संबोधित करेंगे। 3 मार्च को वित्त मंत्री सम्राट चौधरी बजट पेश करेंगे।
बता दें, नीतीश कुमार के कार्यकाल में कभी भी कैबिनेट पूरी तरह से नहीं भरी गई थी 2005 में जबसे नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी है, तबसे अब तक कभी भी 36 मंत्री नहीं बने थे. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खास रणनीति के तहत कुछ मंत्री पद खाली रखते थे ताकि उसका इस्तेमाल खास मौके पर किया जा सके. बता दें, नीतीश कैबिनेट में 2010 में 30, 2015 में 29 और 2020 में भी 30 मंत्री बनाए गए थे. वहीं जब 2022 में महागठबंधन की सरकार थी तब भी 31 मंत्री ही बनाए गए थे. यानि 36 मंत्रियों का कोटा फुल नहीं हुआ था.
BJP ने ले ली बड़ी लीड
अब कैबिनेट विस्तार के बाद बीजेपी कोटे के मंत्रियों की संख्या जदयू के मंत्रियों की संख्या से डेढ़ गुना हो गयी है. ऐसे में अब बिहार में एक बार फिर से नीतीश कैबिनेट में बीजेपी के मंत्रियों की हिस्सेदारी अधिक होगी. इसका बिहार की राजनीति में कितना असर होगा यह तो आने वाले समय में पता चलेगा लेकिन फिलहाल तो बीजेपी मंत्री पद के मामले जेडीयू से काफी आगे निकल गयी है. हालांकि बड़ी बात यह है कि बिहार मंत्रिमंडल के मुखिया अभी भी नीतीश कुमार ही हैं.
चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार
अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से 7 महीने पहले बुधवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था। 7 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।
इनमें से 4 मिथिलांचल इलाके से हैं। इन्हें मिलाकर अब मिथिलांचल से 6 मंत्री हो गए हैं। मंत्री बनाए गए सभी विधायक भाजपा के हैं। इनमें 3 पिछड़े, 2 अति पिछड़े और 2 सवर्ण समुदाय से हैं।
राज्य में एनडीए सरकार का 13 महीने में यह तीसरा विस्तार है। नीतीश सरकार में अब 36 मंत्री हैं। इनमें भाजपा के 21, जेडीयू के 13, बाकी एक हम से और एक निर्दलीय हैं।
मौजूदा कैबिनेट में 36 मंत्री, भाजपा के 21
नीतीश कुमार की मौजूदा कैबिनेट में कुल 36 मंत्री हो गए हैं। 6 मंत्रियों की जगह खाली थी। बुधवार को दिलीप जायसवाल के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 7 जगह खाली हो गईं थी।
दरभंगा से BJP विधायक संजय सरावगी ने सबसे पहले शपथ ली। इसके बाद सुनील कुमार (बिहार शरीफ), जीवेश मिश्रा (जाले), राजू सिंह (साहेबगंज), मोतिलाल प्रसाद (रीगा), कृष्ण कुमार उर्फ मंटू (अमनौर), विजय मंडल (सिकटी) मंत्री बने।







