सेंसेक्स आज यानी 21 फरवरी को 600 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 75,130 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 190 अंक की गिरावट है, ये 22,720 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 में गिरावट और 7 में तेजी है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 42 में गिरावट और 8 में तेजी है। NSE सेक्टोरल इंडेक्स के ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा 1.09% की गिरावट है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार
- एशियाई बाजार में कोरिया के कोस्पी में 0.0053% की गिरावट है। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 2.96% की गिरावट और चीन के शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स में 0.77% की तेजी है।
- 20 फरवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 3,311.55 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने भी 3,907.64 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
- 19 फरवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 1.01% की गिरावट के साथ 44,176 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 0.43% गिरकर 6,117 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.47% गिरा।
कल गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले कल यानी 20 फरवरी को सेंसेक्स 203 अंक की गिरावट के साथ 75,735 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 19 अंक की गिरावट रही, ये 22,913 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, BSE स्मॉलकैप 599 अंक चढ़कर 46,054 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 में गिरावट और 15 में तेजी थी। निफ्टी के 50 शेयरों में से 22 में गिरावट और 28 में तेजी थी। NSE सेक्टोरल इंडेक्स के बैंकिंग, IT, फार्मा और FMCG सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए थे।
लगातार 5वें महीने नीचे जा रहा सेंसेक्स:8 दिन और गिरा बाजार तो 30 साल का रिकॉर्ड टूटेगा, 24 साल का रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका
शेयर बाजार में 20 फरवरी को गिरावट आई। सेंसेक्स 203 अंक गिरकर 75,736 और निफ्टी 20 अंकों की गिरावट के साथ 22,913 पर बंद हुआ। फरवरी में सेंसेक्स अब तक 2.3% और निफ्टी 2.5% गिर चुके हैं।
गिरावट इसी तरह जारी रही तो 30 साल का रिकॉर्ड टूट जाएगा। ऐसा हुआ तो यह लगातार पांचवां महीना होगा, जब शेयर बाजार ने गिरावट दर्ज की होगी। गिरावट का इतना लंबा दौर आखिरी बार करीब 30 साल पहले 1996 में देखा गया था।
यदि फरवरी के बाकी दिनों में शेयर बाजार कुछ रिकवर हो जाए और सेंसेक्स-निफ्टी भी थोड़ी बढ़त बना ले तो भी 24 साल का रिकॉर्ड टूटेगा। हालांकि, शेयर बाजार में गिरावट का ढाई दशक का रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर, 2024 से लेकर जनवरी, 2025 के बीच लगातार चार महीने निफ्टी ने गिरावट देखी गई। पिछली बार 24 साल पहले 2001 में ऐसा हुआ था।
सितंबर, 1994 से फरवरी, 1997 के दौरान बाजार ने इससे भी कमजोर दौर देखा था। इस दौरान 30 में से 20 महीने शेयर बाजार में गिरावट आई थी।
निवेशकों का धैर्य टूट रहा, मजबूत सपोर्ट लेवल भी टूटा कोटक सिक्युरिटीज के रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान ने बताया कि निफ्टी ने 22,950 और सेंसेक्स ने 75,800 का सपोर्ट लेवल तोड़ दिया है। मतलब यह कि अब तक बाजार इस लेवल से नीचे नहीं आ रहा था। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का धैर्य टूट रहा है।
आने वाले दिनों में सेंटिमेंट नहीं सुधरता तो सेंसेक्स 75,500 तक नीचे आ सकता है। ऐसा होने पर बिकवाली तेज होगी, क्योंकि निवेशक और ट्रेडर घबरा जाएंगे। यदि सेंसेक्स किसी तरह 76 हजार के लेवल से ऊपर निकलने में कामयाब होता है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
जल्द नहीं टूटती शेयर बाजार की सुस्ती अब तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि सितंबर 1994 से लेकर अप्रैल 1995 के बीच शेयर बाजार में 8 महीने गिरावट रही। इसके बाद बाजार संभला, लेकिन एक साल बाद ही बाजार ने लगातार 5 महीने निगेटिव रिटर्न दिया। यानी लंबी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा लौटने में काफी समय लगता है।
दिसंबर तक निफ्टी 4% रिटर्न दे सकता है: नोमुरा जापान की ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का अनुमान है कि दिसंबर, 2025 तक भारतीय शेयर बाजार रिकवरी दिखाएगा और निफ्टी 23,784 तक पहुंच जाएगा। यह मौजूदा लेवल से 3.8% ऊपर है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अभी निफ्टी-50 इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेश्यो 19 गुना है। इसके इससे नीचे आने का अंदेशा कम है। सितंबर, 2024 में यह 21.3 गुना था।
इकोनॉमी ने खोई गति हासिल की: रिजर्व बैंक रिजर्व बैंक का मानना है कि देश की इकोनॉमी ने खोई हुई रफ्तार हासिल कर ली है। मजबूत ग्रामीण मांग को कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से मदद मिलेगी। टैक्स राहत के चलते शहरी मांग में सुधार की उम्मीद है।
इस बीच, अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भी भारत की विकास दर का अनुमान 0.10% बढ़ाकर 6.2% कर दिया है। इससे मार्केट सेंटीमेंट को मजबूती मिलेगी।







