असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की दस साल पहले भारत में उस समय पाकिस्तान के हाई कमिश्नर के साथ हुई मीटिंग को लेकर सवाल उठाए और इसे उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जोड़ा है. बिस्वा सरमा के गोगोई और उनकी ब्रिटिश मूल की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर सवाल उठाने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार को इन आरोपों को दोहराया. बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ है और चीन के साथ उसका अघोषित समझौता है.
एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, बिस्वा सरमा ने कहा, “2015 में, भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए पहली बार के एक सांसद और उनके स्टार्टअप पॉलिसी फॉर यूथ को आमंत्रित किया. इसके तुरंत बाद, उनके स्टार्टअप ने ‘द हिंदू’ में एक लेख प्रकाशित किया जिसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों से निपटने के तरीके की आलोचना की गई थी. उनके संसदीय प्रश्नों की बारीकी से जांच करने पर संवेदनशील रक्षा मामलों पर बढ़ते फोकस का पता चला. दिलचस्प बात यह है कि ये घटनाक्रम एक ब्रिटिश नागरिक से उनकी शादी के तुरंत बाद हुआ, जिसकी प्रोफेशनल बैकग्राउंड और भी सवाल उठाती है.”
एलिजाबेथ ने पाकिस्तान में किया था काम
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम बिस्वा सरमा ने एलिजाबेथ पर निशाना साधना जारी रखते हुए कहा, “अतीत में उन्होंने पाकिस्तान में कुछ समय बिताया था, जहां वह एक ऐसे संगठन में काम करती थीं जिसके बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का मुखौटा है.” बिस्वा सरमा और अन्य बीजेपी के अन्य नेताओं ने गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ की विदेशी नागरिकता और अतीत में उनके पाकिस्तान में काम करने को लेकर उनके खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. दरअसल जब गौरव गोगोई पाकिस्तानी हाई कमिश्नर से मिलने गए तो वो उस समय संसद की विदेशी मामलों की समिति के सदस्य तक नहीं थे. उन्होंने न तो इस मुलाकात की जानकारी किसी को दी और न ही किसी से इसकी इजाजत ली थी. बीजेपी ने गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ की शादी के आठ साल बाद भी भारत की नागरिकता न लेने पर सवाल उठाए.
कौन हैं एलिजाबेथ गोगोई?
आखिर कौन हैं एलिजाबेथ गोगाई और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा किस संगठन की बात कर रहे हैं? साथ में ये भी जानिए कि बिस्वा सरमा, गौरव गोगोई को क्यों नापसंद करते हैं? एलिजाबेथ का जन्म ब्रिटेन में हुआ था. उनका पूरा नाम एलिजाबेथ कोलबर्न था. उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है और 2013 में उनकी शादी गौरव गोगोई से हुई. अतीत में, एलिजाबेथ ने क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (सीडीकेएन) के लिए काम किया था, जिसके लिए भाजपा उन पर निशाना साध रही है. सीडीकेएन वेबसाइट पर उनकी प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने अपना अंतिम लेख 2014 में लिखा था. इसमें यह भी कहा गया है कि उन्होंने भारत और नेपाल में सीडीकेएन के कार्यक्रमों का कोऑर्डिनेशन किया.
2011 में शामिल हुईं सीडीकेएन में
वेबसाइट पर लिखा है, “एलिजाबेथ मार्च 2011 में जलवायु परिवर्तन और विकास नीति-निर्माण और रिसर्च की बैकग्राउंड के साथ सीडीकेएन में शामिल हुईं. इसमें 2009 के यूरोपीय संघ जलवायु परिवर्तन पैकेज पर यूरोपीय संसद में काम करना और यूरोपीय संघ के विकास सहयोग को देखते हुए ओवरसीज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में रिसर्चर के रूप में काम करना शामिल था. उन्हें अमेरिकी सीनेट, संयुक्त राष्ट्र सचिवालय, तंजानिया और दक्षिण अफ्रीका में गैर सरकारी संगठनों के लिए काम करने का भी अनुभव है.” गौरव गोगोई से उनकी शादी 2013 में नई दिल्ली में एक समारोह में हुई थी.
क्यों है सरमा और गोगोई के बीच अदावत
गौरव गोगोई और बिस्वा सरमा के बीच की खटास की जड़ें बहुत गहरी हैं. हिमंत बिस्वा सरमा पहले कांग्रेस में थे. उस समय वे गौरव गोगोई के पिता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी सहयोगियों में से एक थे. साल 2023 में गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि सीएम बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा संचालित एक मीडिया कंपनी के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत 10 करोड़ रुपये के अनुदान की मंजूरी हासिल करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया था. इसके बाद रिनिकी ने गौरव गोगोई के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था.
तीन बार से सांसद हैं गौरव गोगोई
42 वर्षीय गौरव गोगोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं. गौरव गोगोई 2024 से लोकसभा में विपक्ष के उपनेता का पद संभाल रहे हैं. वह वर्तमान में असम की जोरहाट लोकसभा सीट से सांसद हैं. गौरव 2014 से 2024 तक कालियाबोर चुनाव क्षेत्र से सांसद बने थे. जिसके बाद इस सीट को समाप्त कर दिया गया. बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों को गौरव गोगोई ने निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि वो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ”बीजेपी मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने के लिए अपना कदम उठा चुकी है. उनके आरोप दुर्भावनापूर्ण और निराधार हैं. मैं उचित कानूनी कार्रवाई करूंगा.







