लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण का जिक्र किया। वहीं, उन्होंने कहा कि डेटा का नियंत्रण चीन के पास है, इसलिए वह हमारी सीमा में घुसा है।
राहुल ने कहा- मैंने राष्ट्रपति का भाषण सुना। वह पिछले कई सालों से यही बातें दोहरा रही हैं। हमने ये किया, हमने ये किया हमने वो किया। मैं संसद में बैठकर उन्हें सुन रहा था, मैं सिर्फ उसके खिलाफ जो उन्होंने बोला। आज मैं वो बताऊंगा, कि उनका क्या संबोधन हो सकता था।
राहुल ने कहा- देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। इसलिए जो कुछ होना चाहिए उनके लिए होना चाहिए। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया लेकर आई, ये अच्छा आइडिया है, लेकिन ये आखिर में फेल साबित हुआ।
लाइव अपडेट्स
राहुल की अपील- समाज में हिंसा, घृणा की जगह नहीं होनी चाहिए, इससे देश नष्ट हो जाएगा
भाषण के आखिर में राहुल ने कहा- पिछले सत्र में मैंने शिवजी की पिक्चर दिखाई थी। एक कारण था, वह हमें बताती है कि फोकस रखो, भटको मत। काम पर ध्यान दो। शिवजी की फिलॉसफी है कि जो कहना हो वो कहो और जो करना चाहते हो उसे करो। आप सरदार पटेल की बात करते हैं, अंबेडकर की बात करते हैं। उनके मूल्यों को आपने नष्ट कर दिया। आपने बुद्ध के सामने सिर झुकाया, लेकिन उनके मूल्यों को ठुकरा दिया। आप जो हो, वही रहो। लेकिन हिंसा, घृणा की जगह नहीं होनी चाहिए, इससे देश नष्ट हो जाएगा।
चुनाव से पहले BJP ने कहा था- 400 पार में संविधान बदल देंगे, खुशी हुई पीएम को झुकना पड़ा
राहुल ने भारतीय चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- इलेक्शन कमिश्नर को चुना गया है। चीफ जस्टिस को उस कमेटी से हटा दिया, जिसमें पीएम और लीडर ऑफ अपोजिशन थे। मुझे मीटिंग में जाना था एक तरफ शाह और मोदीजी थे और एक तरफ में। क्या करता वहां जाकर। इसे एक सोची समझी साजिश किया जाएगा।
इस संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष प्रार्थना करता है कि महाराष्ट्र चुनाव का आंकड़ा, लोकसभा और विधानसभा की वोटर लिस्ट दे दीजिए। मैं कह रहा हूं कि इलेक्शन कमीशन नहीं देगा।
चुनाव से पहले भाजपा ने कहा था कि 400 पार और संविधान बदल देंगे। यह देखकर खुशी हुई कि प्रधानमंत्री को संविधान के सामने झुकना पड़ा।संविधान हमेशा भारत पर राज करेगा
राहुल ने कहा- वोटों को सुरक्षित किए बिना संविधान की रक्षा नहीं कर सकते
हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा-संविधान को वोट से समर्थन मिलता है। भारतीय लोगों के वोट के बिना ये संविधान कुछ नहीं है। महाराष्ट्र इलेक्शन के बारे में बोलूंगा। लोकसभा चुनाव के वक्त इंडिया अलायंस जीती, विधानसभा के वक्त हिमाचल प्रदेश का वोटिंग रोल, महाराष्ट्र के वोटर रोल में जोड़ा गया। लोकसभा और विधानसभा में हिमाचल की टोटल वोटिंग जोड़ दी गई।
जितने 5 साल में जोड़े जाते हैं, उतने 5 महीने में जोड़ दिए गए। शिरडी में एक बिल्डिंग में 7 हजार नए वोटर एक बिल्डिंग में एड कर दिए गए। चुनाव आयोग को कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) को महाराष्ट्र चुनावों के आंकड़े देने होंगे, ताकि हम देख सकें कि मतदाता कहां जुड़े हैं।
राहुल ने कहा- मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं सिर्फ यह कह रहा हूं कि इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ है। हिमाचल प्रदेश जितने बड़े वोटर्स लोकसभा के बाद जादू से आए कैसे। इलेक्शन कमीशन से हम कह रहे हैं कि हमें लोकसभा की वोटर लिस्ट इलेक्ट्रॉनिकली दीजिए। दिलचस्प बात है कि नए वोटर्स उन्हीं विधानसभाओं में ज्यादा हैं, जहां भाजपा जीती है।
राहुल बोले- देश की तरक्की में मददगार होगा AI
राहुल गांधी बोले- चार टेक्नोलॉजी गतिशीलता में बदलाव ला रही हैं – इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी, ऑप्टिक्स, AI का इस्तेमाल। एआई अपने आप में अर्थहीन है क्योंकि यह डेटा पर काम करता है। प्रोडक्शन सिस्टम से निकलने वाला हर एक डेटा चीन के स्वामित्व में है। हम भी कास्ट सेंसस में AI की मदद से क्या कुछ नहीं कर सकते हैं। सोशल वेलफेयर में इसका इस्तेमाल हो सकता है। एक तरफ दलित, ओबीसी और आदिवासी संस्थानों और सत्ता में पार्टिसिपेट करें और दूसरी तरफ आधुनिक चीजों में पार्टिसिपेट करके चीन को हराएं।
बजट से पहले हुई हलवा सेरेमनी पर बोले राहुल- इस बार फोटो ही गायब कर दी
पिछले बजट में हलवा बांटने वाली फोटो थी, इस बार वह भी नहीं दिखाई। इस बार हलवा खाया लेकिन दिखाया नहीं। तेलंगना में 19 फीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़े हैं। देश में ओबीसी की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है। वित्त मंत्री हलवा बांट रही थीं। खिलाया किसे पता नहीं। इनके बारे में नहीं सोचा।
भाजपा में ओबीसी सांसद हैं, दलित हैं, आदिवासी भी हैं। याद रखिए, आप 50% से ज्यादा हैं पॉपुलेशन में और आपके पास कोई पावर नहीं हैं।हमने तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण कराया है। हमने पाया कि राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की है। इस देश में कोई भी सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी ओबीसी, दलित या आदिवासी के स्वामित्व में नहीं है।
चीनी सेना ने घुसपैठ की, पीएम इनकार करते रहे
राहुल ने कहा- दूसरा हिस्सा बैंकिंग सिस्टम का है। ये सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो आम आदमी तक पहुंच सके। हम डिफेंस के बारे में बात करते हैं, चीन घुसपैठ करके बैठा है लेकिन पीएम इससे इनकार करते हैं जबकि सेना यही मानती है। पीएम चीनी घुसपैठ से इनकार कर सकते हैं जबकि सेना प्रमुख कहते हैं उनकी सेना हमारे क्षेत्र में है। चीन के पास ऐसा सिस्टम है जो बहुत बड़ा है उसके दम पर चीनी सेना हमारी सरहद के अंदर घुसी है।
राहुल ने अपना पक्ष साबित करते हुए कहा- इसलिए मैं कहता हूं कि मेक इन इंडिया पूरी तरह से फेल है क्योंकि हम अपनी रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। हम चाइनीज से सामना नहीं कर पा रहे। क्योंकि चाइनीज मोटर, चाइनीज बैटरी और चाइनीज ऑप्टिक का कब्जा है हम उसे खरीद रहे हैं।
राहुल ने कहा- हम रक्षा के बारे में बात करते हैं। आज हमारे सामने चीन है। प्रधानमंत्री इससे इनकार दिया और आर्मी उनसे सहमत नहीं थी। मुद्दा था कि हमारी सीमा में चीन घर बना रहा है। पता नहीं क्या वजह है कि हमारे आर्मी चीफ उनसे बातचीत कर रहे हैं। और हमारे चीफ ऑफ डिफेंस कह रहे हैं कि चीन ने घुसपैठ कर ली है। लोग सोचते हैं कि युद्ध सेना और हथियारों से होती है। सच यह है कि चीन के पास ज्यादा बड़ा इंडस्ट्रियल सेटअप है। मेक इन इंडिया फेल हो गया, इंडिया ने प्रोडक्शन करना छोड़ दिया यही वजह है कि चीन घुसपैठ कर रहा है।
लेकिन प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार किया है और सेना ने प्रधानमंत्री के इस दावे का खंडन किया है कि चीन हमारे 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा करके बैठा है।
राहुल गांधी के इस दावे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “आप जो बोल रहे हैं, उसका सबूत आपको सदन में पेश करना होगा।”
राहुल गांधी का दावा- चीन हमसे हर मुकाबले 10 साल आगे
राहुल ने कहा- हम जब कंप्यूटर लाए तो हमारी हंसी उड़ाई गई। वाजपेयी जी विरोध करते थे, भले मैं उनका सम्मान करता हूं। इस देश के युवाओं को बदलाव के बारे में सोचना चाहिए। ड्रोन क्या है जो बैटरी से चलता है, उसमें कैमरा लगा है। ऐसा ही इलेक्ट्रिक कार को देखें ये इलेक्ट्रिक मोटर है जिसमें बैटरी लगी है।
इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी, ऑप्टिक्स और एआई ये आज की चार बुनियादी चीजें हैं।
गूगल, फेसबुक सभी कंपनियां डेटा पर काम कर रही है। भारत के पास न तो प्रोडक्शन डेटा न कंजप्शन डेटा है। ये वो चीज है जो युवाओं को पसंद आएगी ताकि रिवोल्यूशन लाया जा सके।
हमारा फोकस किस पर होना चाहिए। चीन भारत से 10 साल आगे है। वह टेक्नोलॉजी में आगे है।
भारत में सामाजिक तनाव बढ़ रहा
हम एक देश के रूप में उत्पादन को व्यवस्थित करने में विफल रहे और इसे चीनियों को सौंप दिया।
हम चाइनीज फोन चलाते हैं, बांग्लादेशी शर्ट पहनते हैं इसका सारा पैसा चीन में जाता है। इसलिए मुझे राष्ट्रपति के भाषण में यह लगा कि भारत को कंज्प्शन पर फोकस करना चाहिए।
भारत को पूरी तरह उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करना होगा, भारत में सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
राहुल ने कहा- देश को कंजम्प्शन और प्रोडक्शन पर फोकस करना चाहिए
पिछले 60 सालों में सबसे कम इंफ्रास्टक्चर हुआ। तो इस सवाल का जवाब क्या है, युवाओं को क्या बताएंगे। कोई भी देश दो चीजों पर चलता है कंजम्प्शन और प्रोडक्शन। 1990 से सभी सरकारों ने कंज्प्शन पर अच्छा काम किया। रिलायंस, अडाणी, टाटा, महिंद्रा सभी तेजी से बढ़े लेकिन ओवरऑल देश का विकास नहीं हुआ। मैं इस देश के युवाओं को बताना चाहता हूं कि देश में रिवोल्यूशन आने वाला है। हम पेट्रोल से इलेक्ट्रिक मोटर पर जा रहे हैं। वॉरफेयर, मेडिकल ट्रीटमेंट, एजुकेशन सभी में बदलाव आ रहा है।
- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “हमारे सेना प्रमुख ने कहा है कि चीनी हमारी सीमा में घुसे हुए हैं। यह एक तथ्य है। चीन हमारे क्षेत्र में क्यों घुसे हुए हैं, इसका कारण महत्वपूर्ण है। चीन हमारे देश में इसलिए बैठा है, क्योंकि ‘मेक इन इंडिया’ असफल हो चुका है।”
- राहुल ने कहा, “चीन इसलिए यहां बैठा है, क्योंकि भारत उत्पादन करने से मना कर रहा है और मुझे चिंता है कि भारत इस क्रांति को एक बार फिर से चीनी कंपनियों को सौंपने जा रहा है। जब हम चीन से युद्ध लड़ेंगे, तो हम चीनी इलेक्ट्रिक मोटर्स, चीनी बैटरियों और चीनी ऑप्टिक्स से लड़ रहे होंगे और हमें चीनी मोटर्स, चीनी ऑप्टिक्स और चीनी बैटरियां खरीदनी पड़ेंगी।”
- राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास एक रणनीतिक साझेदार है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका कहा जाता है। यह साझेदारी इस बात पर केंद्रित होनी चाहिए कि भारत और अमेरिका मिलकर इस क्रांति का लाभ कैसे उठा सकते हैं। भारत संयुक्त राज्य अमेरिका जितना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी बिना हमारी मदद के एक औद्योगिक प्रणाली नहीं बना सकते। अमेरिकी वह सब कुछ नहीं कर सकते, जो भारत कर सकता है, क्योंकि उनकी लागत संरचना हमारी तुलना में कहीं अधिक महंगी है। हम वह चीजें बना सकते हैं, जिन्हें अमेरिकी कभी सोच भी नहीं सकते।”
- कांग्रेस सांसद ने कहा, “किसी भी देश को बुनियादी रूप से दो चीजें व्यवस्थित करनी होती हैं, एक है उपभोग को व्यवस्थित करना और दूसरी है उत्पादन को व्यवस्थित करना। उपभोग को व्यवस्थित करने का आधुनिक तरीका सेवाएं हैं। वहीं, उत्पादन को व्यवस्थित करने का आधुनिक तरीका मैन्युफैक्चरिंग है, लेकिन उत्पादन केवल मैन्युफैक्चरिंग से कहीं अधिक है। हम एक देश के रूप में उत्पादन को व्यवस्थित करने में विफल रहे हैं। हमारे पास कुछ बेहतरीन कंपनियां हैं जो उत्पादन को व्यवस्थित करने की कोशिश करती हैं। असल में हमने उत्पादन का संगठन चीनी कंपनियों को सौंप दिया है। यह मोबाइल फोन, भले ही हम कह रहे हैं कि इसे भारत में बनाया जाता है, यह सच नहीं है। यह फोन भारत में असेंबल किया जाता है, लेकिन इसके सभी घटक चीन में बने हैं, हम चीन को टैक्स दे रहे हैं।”
- राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा था, मुझे लगता है यह अच्छा विचार था। इसका परिणाम आपके सामने है, मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) 2014 में जीडीपी का 15.3% थी, जो अब घटकर 12.6% हो गई है, जो पिछले 60 वर्षों में निर्माण का सबसे कम हिस्सा है। मैं प्रधानमंत्री को दोष नहीं दे रहा, यह कहना उचित नहीं होगा कि उन्होंने कोशिश नहीं की। मैं कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री ने कोशिश की, लेकिन वह असफल रहे।”
- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “हालांकि, हम विकसित हुए हैं, हमने तेजी से विकास किया है, अब थोड़ा धीमा विकास हो रहा है, लेकिन हम बढ़ रहे हैं। एक सामान्य समस्या जो हमें सामना करना पड़ा है, वह यह है कि हम बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं कर पाए। न तो यूपीए सरकार और न ही वर्तमान एनडीए सरकार ने इस देश के युवाओं को रोजगार के बारे में स्पष्ट उत्तर दिया है।”
- लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, “मुझे कहना होगा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण को सुनने में मुझे काफी कठिनाई हुई, क्योंकि जो बातें कही जा रही थीं, वे पिछले बार और उससे पहले भी मैंने सुनी थीं। यह सरकार द्वारा किए गए कामों की एक ही लंबी सूची थी।”
- राहुल गांधी ने कहा, “मुझे याद है चुनावों से पहले आप (बीजेपी) कह रहे थे ‘400 पार’ और आप यह कह रहे थे कि आप इस (संविधान) को बदल देंगे। तब मुझे खुशी हुई थी यह देखना कि प्रधानमंत्री अंदर आए और फिर उन्हें संविधान के सामने अपना सिर झुकाने के लिए मजबूर होना पड़ा, यह कांग्रेस के सभी लोगों के लिए गर्व का क्षण था कि हमने प्रधानमंत्री और पूरे देश को यह समझाया कि कोई भी ताकत इसे छूने की हिम्मत नहीं करेगी। मुझे पता है कि RSS ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। मोहन भागवत ने कहा है कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता नहीं मिली थी। उन्होंने कहा है कि यह निरर्थक है। हम कभी भी आपके इस सपने को पूरा नहीं होने देंगे। यह संविधान हमेशा भारत पर राज करेगा।”
- राहुल गांधी ने कहा, “लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बात करते हैं, लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि AI अपने आप में बिल्कुल निरर्थक है, क्योंकि AI डेटा के ऊपर काम करता है। बिना डेटा के AI का कोई मतलब नहीं है। और अगर हम आज के डेटा को देखें, तो एक बात बिल्कुल साफ है। दुनिया के उत्पादन प्रणाली से निकलने वाला हर एक डेटा, जो इस फोन को बनाने के लिए इस्तेमाल होता है, जो इलेक्ट्रिक कारों को बनाने के लिए इस्तेमाल होता है, जो आज दुनिया के सभी इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के लिए इस्तेमाल होता है, वह डेटा चीन के पास है। और उपभोग डेटा अमेरिका के पास है। चीन के पास इस क्षेत्र में भारत से कम से कम 10 साल का लीड है।”
- उन्होंने आगे कहा, “चीन ने पिछले 10 सालों से बैटरी, रोबोट्स, मोटर्स, ऑप्टिक्स पर काम किया है और हम पीछे हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारा बैंकिंग सिस्टम 2-3 कंपनियों द्वारा कब्जा न हो, जो आपको उत्पादन प्रणाली बनाने की अनुमति नहीं देतीं। लेकिन हमारा बैंकिंग सिस्टम खुला, गतिशील और छोटे और मझोले व्यवसायों और उन लाखों उद्यमियों के लिए सुलभ होगा, जो इस क्रांति में हिस्सा लेना चाहते हैं। हमारी विदेश नीति इस क्रांति को ध्यान में रखेगी। जब हम संयुक्त राज्य अमेरिका से बात करते हैं, तो हम अपने प्रधानमंत्री को अपने राज्याभिषेक के लिए आमंत्रित करने के लिए अपने विदेश मंत्री को नहीं भेजेंगे, क्योंकि अगर हमारे पास उत्पादन प्रणाली होती और अगर हम इन तकनीकों पर काम कर रहे होते, तो अमेरिकी राष्ट्रपति यहां आते और आमंत्रित करते प्रधानमंत्री।”







