आम बजट में बिहार की बल्ले-बल्ले तो हुई पर इसके साइड इफेक्ट में महागठबंधन की सियासत गर्म हो गई है. कांग्रेस ने जब बिहार के लिए बजट प्रावधान की कांग्रेस ने तारीफ तब की है, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और आरजेडी ने बजट में बिहार के लिए कुछ खास नहीं होने की बात कही है. ऐसे में कांग्रेस का यह स्टैंड हाल के दिनों में दूसरी बार है जब वह आरजेडी के मत से अलग खड़ी दिखी है. बीते दिनों 18 जनवरी को भी ऐसा ही हुआ था जब राहुल गांधी ने बिहार की जातिगत गणना पर सवाल खड़े किये थे जबकि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बिहार कास्ट सेंसस को अपनी उपलब्धि बताते रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कांग्रेस तेजस्वी की फजीहत क्यों करा रही है? वो भी तब जब माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव की अगुवाई में बिहार में महागठबंधन चुनावी मैदान में उतरेगा. लेकिन, उसके पहले दो बड़े मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जिस तरह से अलग रुख दिखाया है वो थोड़ा हैरान करता है.
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि जब आम बजट पेश होने के बाद दिल्ली में जो बड़े कांग्रेसी नेता हैं, उन्होंने बजट को बिहार का बजट बताकर निशाना साधा है, वहीं तेजस्वी यादव ने बजट को बिहार के लिए छलावा बताया है. जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस तो तेजस्वी की ‘फजीहत’ पर उतर आई है. अगर ऐसा नहीं तो मुद्दा एक है, तब राय अलग अलग क्यों? आखिर कांग्रेस तेजस्वी की राह पर नहीं चल रही है, मामला कहीं गड़बड़ तो नहीं है.
हालांकि,दिल्ली के कांग्रेस नेताओं और तेजस्वी यादव के अलग-अलग स्टैंड के बाद जब बिहार महागठबंधन में मामला गर्माने लगा तब बिहार कांग्रेस के नेताओं ने बात संभालने की कोशिश की है. इसकी अगुवाई करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने केंद्रीय बजट पर जमकर निशाना साधते हुए बजट को बिहार के लिए धोखा बताया और कहा कि बजट में बिहार के लिए घोर नाइंसाफी हुई है.
बहरहाल, चुनावी साल है और एक तरफ जहां एनडीए अपनी एकजुटता दिखाने के लिए पूरे बिहार में एनडीए की संयुक्त यात्रा निकाल जनता के बीच जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के नेता किसी भी बड़े मुद्दे पर अलग अलग रुख दिखा रहे हैं, ये अच्छे संकेत नहीं कहे जा सकते हैं. वह भी तब जब दूसरी ओर एनडीए पूरी मजबूती से एक साथ खड़ा दिख रहा है और महागठबंधन की मतभिन्नता को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है.
बहरहाल, चुनावी साल है और एक तरफ जहां एनडीए अपनी एकजुटता दिखाने के लिए पूरे बिहार में एनडीए की संयुक्त यात्रा निकाल जनता के बीच जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के नेता किसी भी बड़े मुद्दे पर अलग अलग रुख दिखा रहे हैं, ये अच्छे संकेत नहीं कहे जा सकते हैं. वह भी तब जब दूसरी ओर एनडीए पूरी मजबूती से एक साथ खड़ा दिख रहा है और महागठबंधन की मतभिन्नता को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है.







