कनाडा से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, अपने ही देश में भारी राजनीतिक दवाब झेल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस्तीफा देने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो जस्टिन ट्रूडो कनाडा के पीएम पद से आज सोमवार या फिर इस हफ्ते के भीतर ही इस्तीफा देने वाले हैं। बता दें कि जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा के रिश्ते भारत समेत कई अन्य देशों से खराब हुए हैं। इसके साथ ही कनाडा में महंगाई भी बड़ी समस्या बनती जा रही थी।
कनाडा में इसी साल अक्टूबर से पहले संसदीय चुनाव होने हैं, लेकिन ट्रूडो इस्तीफा दे देते हैं तो तय समय से पहले चुनाव की मांग हो सकती है।
द ग्लोब एंड मेल की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को लिबरल पार्टी के नेशनल कॉकस की बैठक होने जा रही, ट्रूडो इस बैठक से पहले इस्तीफा सौंप देंगे। माना जा रहा है कि नेशनल कॉकस की बैठक में ट्रूडो को विद्रोह का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ट्रूडो को लगता है कि उन्हें कॉकस की बैठक से पहले इस्तीफे का ऐलान कर देना चाहिए।
ट्रूडो की पार्टी के 20 से ज्यादा सांसद उनसे सार्वजनिक तौर पर इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा पर्सनल मीटिंग में भी कई लोग उनसे कह चुके हैं कि ट्रूडो के पास इस्तीफे के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
पिछले महीने कनाडा की डिप्टी PM और वित्तमंत्री क्रिस्टिया ने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ट्रूडो पर इस्तीफे का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। क्रिस्टिया का कहना था कि ट्रूडो ने उनसे वित्तमंत्री का पद छोड़ दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा था।

ट्रूडो के पास बहुमत नहीं
अभी कनाडा की संसद हाउस ऑफ कॉमन्स में लिबरल पार्टी के 153 सांसद हैं। कनाडा के हाउस में कॉमन्स में 338 सीटें है। इसमें बहुमत का आंकड़ा 170 है। पिछले साल ट्रूडो सरकार की सहयोगी पार्टी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) ने अपने 25 सांसदों का समर्थन वापस ले लिया था। NDP खालिस्तानी समर्थक कनाडाई सिख सांसद जगमीत सिंह की पार्टी है।
ट्रूडो की विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के पास 120 सीटें हैं।
गठबंधन टूटने की वजह से ट्रूडो सरकार अल्पमत में आ गई थी। हालांकि 1 अक्टूबर को हुए बहुमत परीक्षण में ट्रूडो की लिबरल पार्टी को एक दूसरी पार्टी का समर्थन मिल गया था। इस वजह से ट्रूडो ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया था।
पिछले साल अक्टूबर में हुए इप्सोस के एक सर्वे में सिर्फ 28% कनाडाई लोगों का ही कहना था कि ट्रूडो को फिर से चुनाव लड़ना चाहिए। वहीं एंगस रीड इंस्टीट्यूट के मुताबिक ट्रूडो की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 30% पर आ गई है। दूसरी तरफ उन्हें नापसंद करने वालों की संख्या 65% तक पहुंच गई है।
देश में हुए कई सर्वे के मुताबिक अगर कनाडा में चुनाव होते हैं तो कंजरवेटिव पार्टी को बहुमत मिल सकता है, क्योंकि जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है।

उप प्रधानमंत्री दे चुकीं इस्तीफा
हाल के समय में कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली सरकार की लोकप्रियता लगताार गिर रही है। इससे पहले ट्रूडो सरकार की सबसे ताकतवर मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने भी इस्तीफा दे दिया था। इस इस्तीफे को ट्रूडो के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा था। वह देश की वित्त मंत्री का पद भी संभाल रही थीं।
ट्रंप ने उड़ाया था ट्रूडो का मजाक
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो का मजाक उड़ाया था। ट्रंप ने ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहा था। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूडो को पेशकश की थी कि वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना दें। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगर कनाडा सरकार वहां से अमेरिका आने वाले अवैध प्रवासियों और अवैध मादक पदार्थों के प्रवाह को रोकने में विफल रहती है तो कनाडा पर 25 प्रतिशत शुल्क (कर) लगाया जाएगा। ट्रूडो ने इस पर चिंता जताते हुए कहा था कि इस तरह के शुल्क से कनाडा की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।
दरअसल, कनाडा में बुधवार को लिबरल पार्टी के कॉकस का आयोजन होगा। इससे पहले ही जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे का ऐलान हो सकता है। अब तक ये बात स्पष्ट नहीं है कि ट्रूडो अंतरिम नेता के रूप में बने रहेंगे या नहीं, जबकि लिबरल पार्टी नए नेतृत्व की तलाश कर रही है। बीते साल दिसंबर में जस्टिन ट्रूडो सरकार की प्रमुख सहयोगी एनडीपी के नेता जगमीत सिंह ने कहा था कि वह अल्पमत लिबरल सरकार को गिराने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेंगे।







