पूर्व आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार आज यानी सोमवार किया जाएगा। आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर उनके आवास से महावीर मंदिर पहुंच चुका है। बड़ी संख्या में लोग आचार्य किशोर कुणाल को श्रद्धांजलि देने महावीर मंदिर पहुंचे रहे हैं।
सुबह 11 बजे तक महावीर मंदिर परिसर में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। जहां पर लोग जाकर उनका अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार उनके गृह जिले में किया जाएगा। महावीर मंदिर से उनके पार्थिव शरीर को हाजीपुर वैशाली स्थित कोनहारा घाट पर ले जाया जाएगा। आचार्य के पार्थिव शरीर को कुर्जी से महावीर मंदिर ले जाया गया. किशोर कुणाल की अंतिम यात्रा गौशाला रोड, सदाकत आश्रम, कुर्जी से शुरू होकर राजीव नगर, अटल पथ, पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर (सुबह 10:00 बजे), गांधी मैदान, मरीन ड्राइव, गायघाट, गांधी सेतु होते हुए कोनहारा घाट हाजीपुर पहुंचेगी. वहां करीब 1: 00 बजे आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा. शवयात्रा के दौरान भी उनके व्यक्तित्व और सामाजिक योगदानों को लोग याद करते रहे. शव यात्रा में महावीर मंदिर न्यास से संचालित होनेवाले अस्पतालों के कई चिकित्सा और कर्मी के अलावा पटना विवि के शिक्षक व छात्र भी शामिल हुए.

तेजस्वी यादव सहित कई नेता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे
रविवार की सुबह 8 बजे हार्ट अटैक आने से आचार्य किशोर कुणाल का निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें देर रात 2 बजे महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वे 1972 बैच के (गुजरात कैडर) के आईपीएस थे, बाद में पुलिस सेवा छोड़ सामाजिक-धार्मिक कार्यों को अपने जीवन का मिशन बनाया और अंतिम सांस तक इसी में लगे रहे। वे इन दिनों रामो विग्रहवान धर्म: नामक पुस्तक लिख रहे थे। यह उनके द्वारा लिखी गई अंतिम पुस्तक होगी।
राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक लोगों ने भी दुख व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, जदयू, बीजेपी और राजद के कई नेता उनके अंतिम दर्शन के लिए आवास पर पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जताया शोक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य किशोर कुणाल एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील पदाधिकारी थे। उन्होंने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव के पद पर रहते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों को अच्छे से किया। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाया। उनके निधन से प्रशासनिक सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी उनके निधन पर शोक जताया। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि उनके निधन से पूरे बिहार को गहरा सदमा लगा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्य आत्मा को वे अपने श्री चरणों में स्थान दें।
अंतिम दर्शन को लगी रही कतार, सायण निलयम पहुंचे लोग
74 साल की उम्र में आचार्य किशोर कुणाल ने अंतिम सांस ली है. किशोर कुणाल के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर देर रात तक हस्तियां का तांता लगा रहा. सोमवार की अल सुबह से ही उनके आवास पर लोग पहुंचने लगे थे. हर किसी की जुबान पर उनकी सादगी और उनकी उपलब्धियों के चर्चे थे. परिवार के सदस्यों के अलावा कई लोग रात भर उनके आवास पर ही रुके थे. कुर्जी स्थित उनके आवास सायण निलयम में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए शहर के कई गणमान्य लोगों के अलावा राजनीति, शिक्षा जगत व समाजसेवा से जुड़े लोगों का तांता लगा रहा. मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह भी देर रात किशोर कुणाल के आवास पर पहुंचे. किशोर कुणाल के अंतिम दर्शन के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी देर रात पहुंचे, जहां उन्होंने किशोर कुणाल को श्रद्धांजलि दी.






