अमेरिका में बना एफ-16 लड़ाकू विमान बीते सोमवार (26 अगस्त) को दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक टॉप यूक्रेनी पायलट की मौत हो गई. यह विमान लंबे समय से इंतजार के कुछ सप्ताह बाद ही देश में पहुंचा था. इस बात की जानकारी यूक्रेनी सैन्य सूत्र ने सीएनएन को दी.
सूत्र ने बताया कि यूक्रेनी रक्षा बलों का मानना है कि इस घटना के पीछे पायलट की गलती नहीं थी. पायलट ओलेक्सी मेस, जिन्हें “मूनफिश” के नाम से भी जाना जाता था, यूक्रेन के खिलाफ रूस के “अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले को विफल करते समय” दुर्घटना में मारे गए, उन्होंने बताया कि पायलट को गुरुवार को दफना दिया गया. दुर्घटना की जांच की जा रही है और जांच में हिस्सा लेने के लिए अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा.
एफ-16 फाइटर जेट के लिए मूनफिश को दी गई थी स्पेशल ट्रेनिंग
पायलट की मौत यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका है. पहले F-16 विमान इस महीने की शुरुआत में ही देश में आए थे और मूनफिश उन कुछ पायलटों में से एक थे जिन्हें उन्हें उड़ाने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेनी वायु सेना ने सोमवार को रूस की प्रक्षेपित मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट करने के लिए एफ-16 का इस्तेमाल किया, यह पहली बार है जब किसी यूक्रेनी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इन जेटों का इस्तेमाल युद्ध में किया जा रहा था.
मुश्किलों के बाद यूक्रेन को मिला था एफ- 16
कीव को एफ-16 विमान प्राप्त करने के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ा. वोलोजिमीर जेलेंस्की रूस के आक्रमण की शुरुआत के बाद से ही अपने पश्चिमी सहयोगियों से लड़ाकू विमानों की मांग कर रहे थे. अन्य उपकरणों की तरह, पश्चिमी देशों ने F-16 देने पर सहमति जताने में हिचकिचाहट दिखाई. नीदरलैंड और डेनमार्क ने 2023 की गर्मियों की शुरुआत में उन्हें देने का वादा किया था.
यूक्रेन के F-16 को पुतिन ने तो नहीं मार गिराया !
रूस-यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस बीच यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अपने ही लोगों पर गुस्सा आ गया है. दरअसल जेलेंस्की ने यूक्रेन की वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मायकोला ओलेशचुक को बर्खास्त कर दिया है. यह फैसला देश के बहुमूल्य नए एफ-16 लड़ाकू विमानों में से एक को नष्ट करने पर चल रही बहस के बीच लिया गया है.
BBC की रिपोर्ट के अनुसार ज़ेलेंस्की ने बर्खास्तगी का कारण तो नहीं बताया, लेकिन टेलीग्राम पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि “हमारे सभी योद्धाओं की देखभाल करना” उनकी जिम्मेदारी है. बता दें कि सोमवार को, यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों से इस महीने की शुरुआत में प्राप्त अमेरिका निर्मित F-16 लड़ाकू विमानों में से एक रूसी मिसाइलों की बौछार के दौरान गिर गया. इस घटना में पायलट की मौत हो गई.
यूक्रेन का दावा रूस ने नहीं गिरा F-16
हालांकि यूक्रेन ने कहा कि दुर्घटना का कारण दुश्मन के हमले का सीधा नतीजा नहीं था. इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल ओलेशचुक ने कुछ राजनेताओं के साथ इस बात पर बहस की कि इस नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है. टेलीग्राम को भेजे अपने संदेश में ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल ओलेशुक को बदलने का निर्णय लिया है, तथा उन्होंने कहा कि “कमान स्तर पर हमें स्वयं को मजबूत करना होगा तथा अपने लोगों की सुरक्षा करनी होगी.” वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या रूस के हमले के कारण F-16 लड़ाकू विमान गिरा.
यूक्रेनी राजनीतिज्ञ मारियाना बेज़ुहला, जो संसदीय रक्षा समिति में बैठती हैं, ने गुरुवार को दावा किया कि विमान को यूक्रेन की पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली द्वारा मार गिराया गया था. ओलेशचुक ने शुक्रवार को पहले कहा था कि जांच चल रही है और कोई भी कुछ नहीं छिपा रहा है. उन्होंने बेज़ुहला पर सैन्य नेतृत्व को बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि माफी मांगने का समय आ गया है. अपनी बर्खास्तगी की घोषणा के बाद, सुश्री बेज़ुहला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि सत्य की जीत होगी.







