झारखंड में छात्रों के प्रोटेस्ट मार्च के बीच बड़ा एक्शन लिया गया है. झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी कि JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें CID ने गिरफ्तार किया है. कल ही JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दिया. इससे पहले 22 जुलाई 2026 को एल खांग्याते ने इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफा तब दिया था कि जब CID ने JPSC परीक्षा धांधली के मामले में छापेमारी की.
18 जगहों पर छापेमारी की गई
झारखंड CID ने सोमवार को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खांग्याते से करीब सात घंटे पूछताछ की. यह पूछताछ कमीशन की ओर से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई. वहीं राज्य भर में 18 जगहों पर छापेमारी की गई. एक अधिकारी ने जानकारी दी कि एल. खांग्याते सुबह करीब 11 बजे CID अफसरों के सामने पेश हुए. वहीं शाम करीब 6 बजे एजेंसी का ऑफिस छोड़ चले गए. इस मामले में यह पूछताछ का चौथा दौर था. एल. खांग्याते जेपीएससी परीक्षाओं में धांधली के मामले में मुख्य किरदार माने गए थे. एल. खांग्याते पर पहले ब्लैकलिस्टेड कंपनी चुनने के आरोप लगे हैं.
जांच के बीच खियांग्ते ने दिया था इस्तीफा
एल. खियांग्ते ने हाल ही में JPSC के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा राजभवन भेजा था, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया, जब JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद चल रहा था। छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे। इसे लेकर छात्र लगातार आंदोलन भी कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं।
सीआईडी कर रही मामले की जांच
मामले की जांच झारखंड सीआईडी को सौंपी गई है। जांच के क्रम में एजेंसी ने जेपीएससी कार्यालय में भी कार्रवाई की है। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। वहीं, छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।







