प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी रविवार को महाराष्ट्र और राजस्थान के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह 11 लाख लखपति दीदियों को सम्मानित करेंगे. पीएम मोदी सबसे पहले महाराष्ट्र के जलगांव जाएंगे. इसके बाद वह राजस्थान के जोधपुर का दौरा करेंगे. पीएम मोदी जलगांव में उन 11 लाख नई ‘लखपति दीदी’ को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के दौरान इस मुकाम को हासिल किया है. पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह सवा ग्यारह बजे जलगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल होंगे. जहां से वह 2,500 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड जारी करेंगे. इसका लाभ 4.3 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लगभग 48 लाख सदस्यों को होगा.
5000 करोड़ का ऋण बांटेंगे पीएम मोदी
यही नहीं कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5,000 करोड़ का बैंक ऋण भी बांटेंगे. जिससे 2.35 लाख एसएचजी के 25.8 लाख सदस्यों को लाभ मिलेगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी जलगांव में एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान नई लखपति दीदियों का दर्जा हासिल करने वाली 11 लाख महिलाओं को प्रमाणपत्र भी सौंपेंगे.
बता दें कि इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक एक करोड़ महिलाएं लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी हैं. इसके बाद पीएम मोदी शाम करीब साढ़े चार बजे राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होने के लिए जोधपुर पहुंचेंगे. पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी राजस्थान हाईकोर्ट संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे.
पीएम मोदी पहली बार जाएंगे जलगांव
बता दें कि इससे पहले, शनिवार को पीएम मोदी के जलगांव दौरे को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहली बार जलगांव के दौरे पर आ रहे हैं. उनके तीसरे कार्यकाल में लखपति दीदी बनी करीड़ डेढ़ लाख महिलाएं कार्यक्रम में शामिल होंगी. इस दौरान पीएम मोदी उनसे बातचीत भी करेंगे.
महाराष्ट्र दौरे से पहले पीएम ने किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र दौरे पर जाने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट किया. पीएम मोदी ने लिखा, “मैं 25 अगस्त को महाराष्ट्र के जलगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए उत्सुक हूं. इस कार्यक्रम के दौरान 11 लाख लखपति दीदी को प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे. यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इसके साथ ही 2,500 करोड़ रुपये का एक कोष भी शुरू किया जाएगा, जो स्वयं सहायता समूहों के साथ काम कर रही लाखों महिलाओं को लाभ पहुंचाएगा.”







