मिडिल ईस्ट में पूरी तरह बड़े पैमाने पर जंग छिड़ने के आसार अब नजर आने लगे हैं. एक ओर इजरायल की सेना ने जहां दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले शुरू किए तो वहीं दूसरी ओर हिजबुल्लाह ने एक बड़े ड्रोन और रॉकेट हमले के साथ इसका जवाब दिया. हिजबुल्लाह ने कहा कि जुलाई में बेरूत में अपने कमांडर फुआद शुकर की इजरायली सेना द्वारा की गई हत्या का बदला भी लिया गया.
मिडिल ईस्ट में यह जंग तब अपने उफान पर है जब गाजा में युद्ध विराम के लिए मध्यस्थता वार्ता में प्रगति के कोई संकेत नहीं होने की सूचना दी गई है. एक फिलिस्तीनी अधिकारी ने मीडिया से कहा कि मिस्र की राजधानी काहिरा में मौजूद हमास प्रतिनिधिमंडल शहर से चला गया है. जिससे शांति वार्ता के आगे बढ़ने की उम्मीद अब करीब-करीब खत्म होने के कगार पर है.
वहीं गाजा पट्टी में इजरायल की सेना ने शनिवार को कम से कम 71 फिलिस्तीनियों को मार डाला. इजरायली टैंक और बुलडोजर केंद्रीय शहर डेयर एल-बलाह में आगे बढ़े, जिससे दो दिनों में 100,000 से अधिक लोगों को भागने पर मजबूर होना पड़ा. गौरतलब है कि गाजा पर इजरायल के हमले में कम से कम 40,334 लोग मारे गए हैं और 93,356 घायल हुए हैं. 7 अक्टूबर को हमास की अगुवाई वाले हमलों के दौरान इजरायल में एक अनुमान के मुताबिक 1,139 लोग मारे गये.
अमेरिका की प्रतिक्रिया
इन हमलों के बाद अमेरिका ने कहा कि वह इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता रहेगा. राष्ट्रपति जो बाइडन के निर्देश पर वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी अपने इजरायली समकक्षों के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता सीन सेवेट ने एक बयान में कहा कि हम इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते रहेंगे और हम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए काम करते रहेंगे.
रात भर में इजरायल पर 320 रॉकेट दागे गए
रविवार को हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने रात भर में इजरायल पर 320 से अधिक रॉकेट दागे, जिसमें कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. जबकि इजरायल की सेना ने कहा कि वह हिजबुल्लाह समूह के खिलाफ पूर्व-आक्रमणकारी हमले कर रही है.







