बिहार के भागलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन फोरलेन पुल का पाया संख्या 9 का सुपर स्ट्रक्चर एक बार फिर धराशायी हो गया. घटना के बाद बिहार सरकार का ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है, क्योंकि कंपनी अगले कुछ ही महीनों में इसे चालू करने का दावा कर रह थी. ऐसे में लेकिन अगर ये पुल चालू हो जाता तो कितना बड़ा हादसा हो सकता था. इसकी कल्पना करना भी कठिन है.
दरअसल आज सुबह के लगभग 7 बजकर 15 मिनट पर महज कुछ ही सेकेंड में यह पुल नदी में गिर गया. चंद पलो में करोड़ों रूपये की लागत से बन रहा पुल एक बार फिर गंगा नदी में गिर गया. बिहार के भागलपुर में सुलतानगंज-अगुनावी गंगा नदी पर बन रहा फोरलेन पुल एक बार फिर धराशाई हो गया और इसी के साथ नीतीश सरकार सालों से विकास के जो दावे करती आ रही है, उस पर फिर से सवाल उठने लगे हैं.
जानें कब-कब गिरा पुल
बता दें, यहां पर पुल गिरने की घटना यह तीसरी बार बार हुई है. पहली घटना 30 अप्रैल 2022 को अहले सुबह हुई थी जब पाया संख्या 4 और 6 को जोड़ने वाली लगभग 36 सेंगमेंट हवा के झोंके में तास के पत्ते की धराशायी हो गया था. फिर दूसरी बार 5 जून 2023 की शाम लगभग 6 बजे पाया संख्या 11,12,13 को जोड़ने वाली कई सुपर स्ट्रक्चर नदी में गिर गया था. यह तीन साल में तीसरी घटना है. वहीं तीसरी बार जब शनिवार को पाया संख्या 9 का सुपर स्ट्रक्चर एक बार फिर जमींदोज हो गया.
1750 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण
बताते चलें कि 1750 करोड़ की लागत से सुल्तानगंज-अगुवानी के बीच गंगा नदी पर बन रही इस पुल का निर्माण एसपी सिंघला कंस्ट्रक्शन कंपनी कार्य कर रही है. कंपनी का कहना था कि वो अगले वर्ष तक पुल को चालू कर देगी. लेकिन, अब पुल गिरने की घटना ने कंपनी के निर्माण कार्य पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. वहीं अब इस मामले में पुल निर्माण निगम ने सफाई दी है, पुल निर्माण निगम ने कहा है कि जो स्ट्रक्चर गिरा वो पहले क्षतिग्रस्त भाग का ही हिस्सा था. सभी को हटाने का निर्देश दिया जा चुका है. हटाने के क्रम में क्षतिग्रस्त भाग का एक हिस्सा गिर गया. निगम का कहना है कि गंगा में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण एक हिस्सा गिरा. यहां कोई नया कार्य नहीं कराया जा रहा था. बता दें, 2023 में क्षतिग्रस्त हुए अगुवानी पुल मामले की जांच IIT रुड़की के टीम ने की थी.
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि० की सफ़ाई
नाबार्ड योजनान्तर्गत अगुवानी घाट (खगड़िया जिला) एवं सुल्तानगंज (भागलपुर जिला) के बीच गंगा नदी पर 2×2 लेन वाला उच्चस्तरीय आर०सी०सी० पुल निर्माण कार्य। इस योजना का निर्माण हेतु कार्य EPC Mode पर आवंटित था जिसके Design की जिम्मेवारी संवेदक की थी। पुल के Extra Dosed भाग के निर्माण के समय पहली बार 30 अप्रैल 2022 को क्षतिग्रस्त हुआ। जिसे तोड़कर हटाने का निर्देश दिया जा चुका है। इसके Design की जांच IIT, Roorkee द्वारा करायी गयी थी। इसके अतिरिक्त पुल के Sub structure एवं Foundation की भी जांच करायी जा रही है। इसी बीच इस तकनीक पर बन रहे पुल का दूसरा भाग दिनांक 04 जून, 2023 को क्षतिग्रस्त हुआ। जांच में इसका Design त्रुटिपूर्ण पाया गया तत्पश्चात तत्काल पुल का कार्य बंद करा दिया गया। संवेदक को इस तकनीक पर निर्माण किए जा रहे सभी भाग को हटाने का आदेश दिया गया है। इसी बीच पूर्व में क्षतिग्रस्त हुए भाग के शेष हिस्से जिसे हटाया जा रहा था, गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं तेज बहाव होने के कारण आज क्षतिग्रस्त हो गया। यह भाग पूर्व के क्षतिग्रस्त भाग जिसे हटाया जाना था का ही एक हिस्सा था। गत दुर्घटना के पश्चात् इस पुल पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराया जा रहा है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह आदेश दिया गया है कि संवेदक के Cost पर नये सिरे से इस भाग का कार्य कराया जाना है। उक्त के आलोक में नया Design प्रक्रियाधीन है तदोपरांत इसका नये सिरे से निर्माण कार्य कराया जाएगा।







