कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 8 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर हुआ था। घटना को लेकर देशभर के 3 लाख रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहे। AIIMS दिल्ली समेत देश के सभी सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू थीं। रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अपनी सुरक्षा के लिए सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की है। वहीं पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा कि 18 अगस्त तक पुलिस केस सॉल्व नहीं कर पाई तो जांच CBI को सौंप देंगे।
कोलकाता हाईकोर्ट में 3 याचिका लगाई गईं: कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर केस को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में 3 याचिकाएं लगाई गई हैं। इन याचिकाओं में मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है। एक याचिका में कहा गया है कि महिला डॉक्टर की मौत की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई। पीड़ित का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस मामले में ऐसा हुआ है। कोर्ट से अपील की गई है कि पीड़ित का नाम सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
IMA की मांग- अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती हो: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लेटर लिखा। इसमें मांग की गई है कि देश के अस्पतालों को ‘सेफ जोन’ घोषित किया जाए और इस शब्द की परिभाषा कानून में तय की जाए। इसके अलावा सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में पुलिस कैंप और पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने की भी मांग की गई है।
ममता बोलीं- पुलिस खुलासा नहीं कर पाई तो CBI को सौंपेंगे केस
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हम चाहते हैं कि पुलिस रविवार, 18 अगस्त तक जांच पूरी कर ले। ऐसा नहीं हुआ तो हम केस CBI को सौंप देंगे। यकीनन कोलकाता पुलिस सबसे अच्छी है, लेकिन अगर लोगों को कोई शक है तो हम इस मामले को ट्रांसफर कर देंगे।
ममता सोमवार सुबह ट्रेनी डॉक्टर के घर पहुंची थीं। इससे पहले उन्होंने ट्रेनी डॉक्टर के पिता से फोन पर बात की। उनसे कहा कि सरकार हर मुमकिन मदद करेगी। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी।

BJP बोली- सरकार सीरियस नहीं, लेफ्ट ने कहा– सिटी ऑफ जॉय, सिटी ऑफ डर में बदली
ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के बाद BJP ने कोलकाता में प्रोटेस्ट किया। इस दौरान सेंट्रल मिनिस्टर और BJP के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘TMC इस तरह की घटनाओं का डेटा छिपा सकती हैं, लेकिन इनसे साबित होता है कि बंगाल में महिलाएं अच्छी स्थिति में नहीं हैं।’
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मामले में CBI जाच की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर रही है। लगता है कि सरकार अपनी लापरवाही छिपा रही है या इस मामले को सीरियसली नहीं ले रही है।’
वहीं CPM के स्टेट सेक्रेटरी मोहम्मद सलीम ने कहा, ‘सिटी ऑफ जॉय, सिटी ऑफ डर में बदल गई है। तृणमूल सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है।’
उधर, कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल ने कहा कि हमने आरोपी को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया है। हम परिवार, डॉक्टर और स्टूडेंट्स के साथ खड़े हैं। पुलिस सुनिश्चित करेगी कि आरोप अदालत में साबित हो गए तो आरोपी को ज्यादा से ज्यादा सजा मिले। अगर कोई इस मामले की CBI जांच चाहता है, तो वो अपील कर सकते हैं।’
3 लाख डॉक्टर हड़ताल पर, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का इस्तीफा
सोमवार सुबह, आर जी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के के प्रिंसिपल प्रो. संदीप घोष ने इस्तीफा दे दिया। घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे।

इस्तीफे के बाद डॉ. संदीप घोष ने कहा, ‘ट्रेनी डॉक्टर मेरी बेटी की तरह थी। सोशल मीडिया पर मेरी बदनामी हो रही है। मैं नहीं चाहता की कभी किसी और के साथ ऐसा हो।’
घटना को लेकर सोमवार को ही देशभर के 3 लाख रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इससे AIIMS दिल्ली समेत देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में OPD पर असर पड़ा। हालांकि, इमरजेंसी में इलाज चलता रहा।
पुलिस की वर्दी में घूमता था आरोपी:पुलिस कैंपस में रह रहा था, घटना वाली रात दो बार हॉस्पिटल गया
‘गुरुवार रात 11 बजे बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। मैंने पूछा- खाना खा लिया? उसने कहा, अभी नहीं, ऑनलाइन आर्डर किया है। फिर उससे बात नहीं हुई। मेरी लड़की को मार दिया। बहुत मेहनत करके उसे डॉक्टर बनाया था।’
ये 31 साल की उस ट्रेनी डॉक्टर की मां का दर्द है, जो कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम करती थी। चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट में PG सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। शुक्रवार, 9 अगस्त को हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल में उसकी डेडबॉडी मिली।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि मर्डर से पहले उससे रेप किया गया था। शरीर पर चोट और खंरोच के कई निशान थे। चेहरे और आंखों पर खून के धब्बे थे। प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई थी।
मर्डर का आरोप कोलकाता पुलिस में सिविल वॉलंटियर संजय पर है। 33 साल का संजय अभी पुलिस की गिरफ्त में है। वो बेरोकटोक हॉस्पिटल में जाता था। खुद को पुलिसवाले की तरह दिखाता था। कोलकाता पुलिस की टीशर्ट पहनता था और बाइक पर भी कोलकाता पुलिस का टैग लगा रखा था।

अब पढ़िए उस रात क्या हुआ था
8 अगस्त की बात है। ओलिंपिक में जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का इवेंट था। गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, इसलिए ट्रेनी डॉक्टर, चार जूनियर डॉक्टर्स के साथ ओलिंपिक देख रही थीं। बाहर से खाना ऑर्डर किया था। नीरज चोपड़ा का इवेंट रात करीब 2 बजे तक चला।
नीरज के सिल्वर मेडल जीतने के बाद पांचों डॉक्टर्स ने इमरजेंसी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में साथ खाना खाया। इसके बाद बाकी लोग चले गए। ट्रेनी डॉक्टर सेमिनार हॉल में ही रुक गईं। उन्हें पढ़ाई करनी थी। पढ़ते-पढ़ते उनकी नींद लग गई। रात 3 बजे कुछ डॉक्टर्स ने उन्हें सेमिनार हॉल में सोते देखा था।
अगली सुबह करीब 9 बजे वहीं उनकी डेडबॉडी मिली। पुलिस और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। जांच के लिए 7 सदस्यों वाली SIT बनाई गई। इसकी अगुआई स्पेशल CP मुरलीधर शर्मा को दी गई।
पुलिस ने 6 घंटे के अंदर शुक्रवार देर रात संजय रॉय नाम के शख्स को अरेस्ट कर लिया। जांच में पता चला कि संजय गुरुवार रात 11 बजे हॉस्पिटल में घुसा था। दो घंटे बाद बाहर निकल गया। उस वक्त वो नशे में था। संजय सुबह 4 बजे फिर हॉस्पिटल पहुंचा। वो सीधे इमरजेंसी बिल्डिंग में घुसा और करीब 40 मिनट बाद बाहर निकला।
पुलिस को मर्डर वाली जगह से एक ब्लूटूथ इयरफोन मिला था। पुलिस ने सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन से इयरफोन कनेक्ट करके देखा। ये संजय के मोबाइल से कनेक्ट हो गया। CCTV फुटेज में भी दिख रहा है कि संजय सुबह 4 बजे ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर इमरजेंसी बिल्डिंग में जा रहा है। वो बिल्डिंग से बाहर निकला, तब उसका इयरफोन नहीं था।
आरोपी ने गुनाह कबूल किया, बोला- मुझे फांसी दे दो
पुलिस सोर्स के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद संजय ने गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने कहा, ‘मैंने अपराध किया है, मुझे फांसी दे दो।’ जांच में पता चला कि संजय हिंसक प्रवृत्ति का है। वो अपनी मां, बहन और पत्नी पर भी हमला कर चुका था।
विक्टिम डॉक्टर के नाखूनों में स्किन और ब्लड मिला था। जांच में दोनों के सैंपल संजय से मैच कर गए। उसे शुक्रवार को सियालदह कोर्ट में पेश किया गया। कोई वकील उसका केस लड़ने को तैयार नहीं हुआ। कोर्ट ने इस घटना की तुलना दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया कांड से की है।
पुलिस के मुताबिक, ट्रेनी डॉक्टर के मर्डर के बाद संजय अपने घर जाकर सो गया। उठने के बाद उसने अपने कपड़े धोए, ताकि खून के निशान न मिलें। हालांकि, पुलिस को संजय के जूतों पर खून के निशान मिल गए हैं। उसके मोबाइल में पोर्न वीडियो भी मिले हैं।
आरोपी का क्रिमिनल रिकॉर्ड, दोस्त से 2 लाख रुपए ठगे
सोर्स बताते हैं कि संजय 2019 में सिविल वॉलंटियर के तौर पर कोलकाता पुलिस से जुड़ा था। वो डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप में था। बाद में उसे डिपार्टमेंट के वेलफेयर सेल में भेज दिया गया। इस दौरान उसने डिपार्टमेंट में कनेक्शन बना लिए। इसके दम पर ही उसे पुलिस की चौथी बटालियन के कैंपस में रहने की जगह मिल गई। बाद में उसकी पोस्टिंग आरजी कर हॉस्पिटल में कर दी गई।
संजय का बैकग्राउंड जानने के लिए दैनिक भास्कर उसके गांव पहुंचा। यहां के लोग कैमरे पर नहीं आए, लेकिन बताया कि संजय गांव में बहुत बदनाम था। लड़कियों से शादी का वादा करके फिजिकल रिलेशन बनाता था। सेक्स वर्कर्स के पास जाता था। नौकरी लगवाने के बदले पैसे वसूलता था। उसने जिससे भी पैसे लिए, कभी लौटाए नहीं।
गांव में हमें संजय के बचपन के दोस्त रविशंकर मिले। वे उसके घर के बगल में फास्ट फूड की दुकान पर काम करते हैं। रविशंकर बताते हैं, ‘संजय ठीक आदमी नहीं था। उसका पुलिसवालों के साथ उठना-बैठना था। संजय सभी को बताता था कि वो कोलकाता सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में काम करता है।’
‘एक बार उसने कहा कि पुलिस में मेरी नौकरी लगवा देगा। इसके लिए मुझसे दो लाख बीस हजार रुपए मांगे। वो मेरा दोस्त था, इसलिए मैंने भरोसा कर लिया। उसे आधा पैसा कैश और बाकी चेक में दे दिया।’
वहीं, संजय के पड़ोसी कमलेश्वर रॉय बताते हैं, ‘डेढ़ साल से संजय कम ही घर आता है। वो पुलिस की वर्दी पहनकर घूमा करता था।’
एक बहन सब इंस्पेक्टर, दूसरी होमगार्ड, दोनों ने रिश्ता खत्म किया
गांव में पता चला कि संजय की तीन बहनें हैं। एक बहन कोलकाता पुलिस में सब इंस्पेक्टर और दूसरी होम गार्ड है। हालांकि, उन्होंने संजय से रिश्ता खत्म कर लिया है। घर में सिर्फ संजय की मां और छोटी बहन रहती हैं।
हम उनसे मिलने पहुंचे। संजय की मां कहती हैं, ‘मेरा बेटा ऐसा नहीं कर सकता। वो कई दिनों से घर नहीं आया है। जब भी आता, रात में दो या तीन बजे ही आता था। इसके अलावा मैं कुछ नहीं जानती।’
पड़ोसी बताते हैं कि संजय की मां मेंटली डिस्टर्ब है। छोटी बेटी घर पर मां की देखभाल करती है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि संजय की चार पत्नियां थीं। संजय उनसे मारपीट करता था। इसलिए तीन पत्नियां उसे छोड़कर चली गईं। चौथी पत्नी की मौत कैंसर से हुई थी। संजय की सास दुर्गादेवी बताती हैं कि संजय उनकी बेटी को बहुत पीटता था। वो तीन महीने की प्रेग्नेंट थी, तब भी उसे रोज मारता। वो पुलिस के पास भी गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

संजय की पहली पत्नी ने 4 अगस्त, 2022 को कालीघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, संजय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
संजय की बहन सबिता रॉय कहती हैं, ‘कई साल से संजय घर नहीं आया है। मैंने उसे बहुत साल से नहीं देखा। पहली पत्नी के जाने के बाद उसने दूसरी शादी कर ली।’
‘मुझे नहीं पता था कि उसकी चार शादियां हुई हैं। मुझे सिर्फ दो के बारे में पता है। मुझे भी किसी ने बताया था कि तुम्हारे भाई की दूसरी शादी हो गई है। उस महिला की कैंसर से मौत हो गई थी।’







