संसद के दोनों सदन में मानसून सत्र की कार्यवाही जारी है। बुधवार (7 अगस्त) को सत्र का 13वां दिन है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने वायनाड त्रासदी का मुद्दा उठाया।
राहुल बोले- मैं अपनी बहन प्रियंका के साथ वायनाड गया था। मैंने अपनी आंखों से वहां का दर्द और बर्बादी देखी है। दो किलोमीटर के इलाके में पूरी बर्बादी हुई। 400 से ज्यादा लोग मरे। NDRF, SDRF और सेना ने राहत कार्य किए। अलग-अलग विचारधारा और कम्युनिटी के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए। यह बहुत बड़ी ट्रेजिडी है। मैं सरकार से मांग करूंगा कि वायनाड के लोगों के पुनर्वास के लिए पैकेज दे और इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करें।
केंद्र सरकार आज मौजूदा वक्फ एक्ट में करीब 40 संशोधन के लिए बिल ला सकती है। अभी वक्फ के पास किसी भी जमीन को अपनी संपत्ति घोषित करने की शक्ति है। नए बिल में इस पर रोक लगाई जा सकती है।
मैंने वायनाड हादसे का शिकार बने लोगों का दुख देखा: राहुल गांधी
स्पीकर से इजाजत मिलने पर राहुल गांधी ने कहा कि वायनाड में इतना बड़ा हादसा हुआ है. यहां ये (सत्ता पक्ष) लोग हमें बोलने नहीं दे रहे हैं. मैं अपनी बहन के साथ वायनाड गया था. वहां पर मैंने लोगों का दुख देखा है, जो इस प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए हैं. दो किलोमीटर तक का पहाड़ बह गया है. 400 से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं. मैं केंद्र सरकार, राज्य सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना समेत उन सभी संगठनों के काम पर कमेंट करना चाहूंगा, जो रेस्क्यू में लगे हुए हैं. सभी ने अच्छा काम किया.
वायनाड भूस्खलन को घोषित किया जाए राष्ट्रीय आपदा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि भूस्खलन की वजह से महत्वपूर्ण सड़कों को नुकसान पहुंचा है, जिससे रेस्क्यू टीम को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. मैं सरकार से गुजारिश करूंगा कि लोगों को फिर से बचाने के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाए. मैं चाहूंगा कि सरकार मुआवजे की राशि को भी बढ़ाए. साथ ही मैं सरकार से चाहूंगा कि वह वायनाड में हुए भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे. वायनाड में कुछ परिवार ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक ही लोग इस हादसे में बचे हैं.







