ईरान और इजरायल के बीच जंग की आहट ने पूरी दुनिया को सहमा सा दिया है. इन दो देशों के बीच जंग की आग मिडिल ईस्ट सहित पूरी दुनिया को झुलसाने की आशंका जताई जाने लगी है. कई लोग इसे महायुद्ध की संज्ञा दे रहे हैं तो कुछ तीसरा विश्व युद्ध छिड़ने की आशंका जता रहे हैं. इस बीच भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी कुशल कुमार की एक भविष्यवाणी खूब वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने 4 या 5 अगस्त से थर्ड वर्ल्ड वार छिड़ने की चेतावनी दी है.
कुशल कुमार को लोग भारत का नास्त्रेदमस भी कहकर पुकारते हैं. उन्होंने पहले भी रूस-यूक्रेन जंग और इजरायल-हमास युद्ध को लेकर जो दावे किए थे, वह सच साबित हो चुके हैं. ऐसे में तीसरा विश्व युद्ध छिड़ने की उनकी इस भविष्यवाणी को लेकर लोग काफी गंभीरता से ले रहे हैं.
वैसे कुशल कुमार पहले भी तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत को लेकर कई भविष्यवाणियां कर चुके हैं. पहले उन्होंने ऐलान किया था कि 18 जून 2024 को युद्ध शुरू हो जाएगा, लेकिन वह तारीख बिना किसी घटना के गुजर गई. फिर उन्होंने एक नई तारीख बताते हुए भविष्यवाणी की कि 26 या 28 जुलाई को तीसरा विश्व युद्ध शुरू होगा, लेकिन एक बार फिर उनकी भविष्यवाणी गलत निकली. अब देखना यह है कि क्या वह इस बार सही साबित होंगे?
कुशल कुमार के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह पंचकूला, हरियाणा के रहने वाले वैदिक ज्योतिष के लेखक हैं. इसमें उन्होंने बताया है कि उनके लेख कैलिफ़ॉर्निया की ‘द माउंटेन एस्ट्रोलॉजी’ (TMA) और न्यू यॉर्क की ‘हॉरोस्कोप’ जैसी दुनिया की जानी-मानी ज्योतिष पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं.
दिसंबर 2017 में ‘विजडम’ मैगज़ीन में प्रकाशित उनके लेख “एस्ट्रोलॉजिकल प्रॉबेबल अलर्ट्स फॉर द यूनाइटेड स्टेट्स इन 2018” से पता चलता है कि उनकी कई भविष्यवाणियां सच भी साबित हुई हैं. कुशल कुमार वैदिक ज्ञान और भारतीय ऋषियों द्वारा किए गए शोध के साथ-साथ दुनिया भर के विभिन्न धर्मों में आध्यात्मिकता पर भी लिखते हैं, और अपने लेखों के माध्यम से गहन और बहुमूल्य संदेश देते हैं.
इजरायल पर सोमवार को हमला करेगा ईरान!
ईरान ने हमास के पोलिट ब्यूरो चीफ इस्माइल हानिया की मौत का बदला लेने की कसम खाई है. खबर है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने हमले को मंजूरी भी दे दी है और ईरानी सेना जल्द ही इजरायल पर धावा बोल सकता है.
हनिया की मौत के बाद से ही पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जनरल माइकल कुरीला शनिवार को इजरायल पहुंचे. उनका यह दौरा हालांकि पहले से प्लान बताया जा रहा है, लेकिन इसे इजराइल के बचाव में ताकत जुटाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
इजरायल के लिए क्यों अहम सोमवार?
अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ईरान सोमवार को ही इजरायल पर हमला कर सकता है. हालांकि यह भी माना जा रहा है कि तेहरान सोमवार 12 अगस्त को तेल अवीव पर अटैक कर सकता है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने इजरायल को जख्म देने के लिए तिशा बाव के मौके को चुना है. यह दिन इजरायल के लिए काफी अहमियत रखता है और इसमें यहूदी लोग व्रत या रोजे रखते हैं, जो 12 अगस्त से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलता है.
दरअसल यहूदी मान्यता के अनुसार इस दिन उनके पूर्वजों पर कई आपदाएं आई थीं. इसी दिन येरूसलम में यहूदियों के प्रमुख मंदिर सोलोमन टेंपल को प्राचीन रोमन साम्राज्य ने ढहा दिया था. माना जा रहा है कि ईरान एक बार फिर इसी दिन इजरायल पर हमला करने की फिराक में है, जिससे उसके पुराने जख्म कुरेद सके.
इस खतरे को देखते हुए अमेरिका ने इस इलाके में अपनी फौज की ताकत बढ़ा दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एक लड़ाकू जेट स्क्वाड्रन की तैनाती के साथ मध्य पूर्व में एक विमानवाहक पोत भेज दिया है. अमेरिका और ब्रिटेन दोनों ही सरकारों ने अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह दी है, क्योंकि उन्हें आगे भी हालात बिगड़ने की आशंका है.







