संसद के मानसून सत्र और बजट से पहले पार्लियामेंट हाउस में ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई। बैठक में कांग्रेस ने लोकसभा उपाध्यक्ष पद मांगा। साथ ही कहा- NEET मामले में लोकसभा में चर्चा हो। सपा नेता रामगोपाल यादव ने यूपी कांवड़ यात्रा रूट की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने की मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया- बैठक में जेडीयू ने बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा, YSRCP ने आंध्र प्रदेश को भी विशेष दर्जा देने की मांग की।
समाजवादी पार्टी ने कांवड़ यात्रा में नेमप्लेट बदलने के मुद्दे को उठाया
बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देने की मांग की है. वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से रामगोपाल यादव ने कांवड़ यात्रा में नेमप्लेट बदलने का मसला उठाया और कहा ये गलत है.
केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस के जयराम रमेश, AAP सांसद संजय सिंह, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी समेत विपक्ष के बड़े नेता शामिल हुए। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी TMC इसमें नहीं आई। पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू को चिट्ठी लिखकर बताया कि उनकी पार्टी का कोलकाता में कार्यक्रम है, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।
सर्वदलीय बैठक मानसून सत्र के दौरान संसद अच्छे से चलाने के लिए बुलाई जाती है। विपक्ष और सरकार के बीच कुछ मुद्दों को लेकर हमेशा टकराव की स्थिति बनी रहती है, इसलिए संसद में हंगामा होता है और सत्र ठीक से नहीं चल पाता।
संसद की कार्यवाही पर हर मिनट का खर्च करीब 2.5 लाख रुपए
संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च होते हैं। यानी हर घंटे से हिसाब से यह रकम 1.5 करोड़ रुपए होती है। यह खर्चा सांसदों को मिलने वाली सैलरी, अलाउंस, संसद सचिवालय पर होने वाले खर्च, सचिवालय स्टाफ की सैलरी और सांसदों की सुविधाओं पर खर्च होता है। यानी जब-जब हंगामे के कारण संसद स्थगित होती है तो यह नुकसान आम जनता का होता है, क्योंकि वह टैक्स के रूप में लाखों रुपए देती है।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट
संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 12 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सदन में बजट पेश करेंगी जिसके बाद दोनों सदनों में चर्चा होगी।
5 मुद्दे जिन पर हंगामा होना तय
1. NEET-UG पेपर लीक : NEET-UG पेपर लीक केस में CBI अब तक 12 गिरफ्तारियां कर चुकी है। 7 राज्यों की पुलिस ने 45 आरोपियों को अरेस्ट किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NTA स्टेट, सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट डिक्लेयर कर चुकी है। लेकिन विपक्ष, पिछले सत्र की तरह इस बार भी इस मुद्दे पर हंगामा कर सकता है।
2. अग्निवीर (बेरोजगारी) : मुंबई में एक इवेंट में पीएम मोदी ने कहा था- पिछले 4 साल में 8 करोड़ को रोजगार मिला है। इस डेटा पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। उधर, सरकार के सहयोगी दल JDU के प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी अग्निवीर पर बदलाव की मांग की है। हालांकि, सरकार ने 12 जुलाई 2024 को पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भर्ती में 10 फीसदी सीटें आरक्षित करने का फैसला किया। वहीं, 17 जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है।
3. जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला : 2021 के बाद से अकेले जम्मू में 22 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। इन 3 साल में 47 जवान शहीद हुए और 23 नागरिकों की मौत हुई। सरकार बनने के बाद से जून और जुलाई में जम्मू कश्मीर के राजौरी, डोडा, रियासी और कठुआ में 7 आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें 11 जवान भी शहीद हुए हैं। विपक्ष के पास यह भी बड़ा मुद्दा होगा।
4. मणिपुर हिंसा : राहुल गांधी पिछले सत्र के खत्म होने के बाद मणिपुर दौरे पर गए थे। राहुल लगातार मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं। वहां हिंसा की घटनाएं फिर बढ़ गई हैं। पीएम का मणिपुर न जाना और हिंसा रोकने के लिए कदम न उठाना विपक्ष के पास हंगामे का ट्रंप कार्ड होगा।
5. ट्रेन हादसे : रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में देशभर में कम-से-कम 5000 KM रूट पर कवच लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जून 2024 तक भी सिर्फ 1500 KM ट्रैक पर ही लग पाया है। हाल ही में हुए कंचनजंगा और डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसे, जिनमें करीब 1 दर्जन लोगों की मौत हुई है, विपक्ष को दोबारा हंगामे का मौका दे सकता है।







