एक तरफ सीएम नीतीश कुमार बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर समीक्षा बैठक कर अपने अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रहे हैं. वहीं दूसरी ओर विपक्ष लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर बिहार सरकार को सड़क से सदन तक घेरने की बड़ी तैयारी कर रहा है. बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले विपक्षी पार्टियां राज्यभर में आक्रोश मार्च निकालने वाली हैं. वहीं इस बार विधानसभा सत्र के दौरान भी राज्य सरकार को घेरने की बड़ी तैयारी है.
वहीं इससे पहले बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर आज इंडिया गठबंधन का आक्रोश मार्च निकलेगा. दरअसल आज विपक्ष पार्टियों के ओर से बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में आज आक्रोश मार्च निकाला जाएगा. पटना में भी इनकम टैक्स गोलंबर से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला जाएगा. यह आक्रोश मार्च आरजेडी के अगुआई में शुरू होगा. हालांकि इस आक्रोश मार्च के समर्थन में कांग्रेस, माले के समर्थक भी मौजूद रहेंगे.
बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है. दरअसल क्राइम कंट्रोल और लॉ एंड ऑर्डर को लेकर शुक्रवार को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग आयोजित हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हो इस बैठक में राज्य और जिला प्रशासन के आलाधिकारी शामिल हुए. बैठक में फीडबैक लेने के बाद मुख्यमंत्री ने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लेने का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए.
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पेट्रोलिंग में बिल्कुल भी लापरवही नहीं की जाए. बिहार में बढ़ते अपराध पर नाराज में नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए हैं. इस मौके पर उन्होंने काफी तल्ख अंदाज में कहा कि लापरवाह पुलिसकर्मी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. उन पर सख्त कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए. सीएम ने इसकी निरंतर निगरानी की बात कही. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि रात्रि एवं पैदल पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वरीय अधिकारी क्षेत्र में जाकर रात में स्वयं औचक निरीक्षण करें.
बैठक में बिहार पुलिस मुख्यालय की तरफ से यह बताया गया कि कैसे राज्य में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है. ऑर्गेनाइज क्राइम पैटर्न के अलावा,रंगदारी की घटनाओंपर भी जोनल और जिला स्तर पर मुख्यमंत्री को फीडबैक दिया गया. डायल 1112 के माध्यम से राजधानी पटना समेत कई जिलों में क्राइम कंट्रोल कैसे हो रहा है इसके बारे में विशेष जानकारी सीएम को दी गई. डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में कम को बताया गया कि संगीन अपराधों में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर क्या कुछ कार्रवाई हुई है हत्या के मामले में किस कदर कमी आई है.
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में शामिल रहे पुलिस के आला अधिकारियों को कहा किअपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं। यह काम समय पर होना चाहिए ताकि दोषियों को समय पर सजा दिलाई जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी 60 फीसद हत्याएं भूमि विवाद की वजह से होती है. हालांकि यह अब घट रहा है. उन्होंने कहा कि जमीन का सर्वे व सेटेलमेंट का काम तेजी से पूरा किया जाए. इससे जमीन विवाद की वजह से होने वाले अपराध में तेजी से कमी आएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शराबबंदी कानून पर विशेष नजर रखी जाए. गड़ब़ड़ी करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई हो. इसमें जो पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं उनकी पहचान भी कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाए. सीएम ने अवैध खनन रोकने को लेकर भी सख्ती बरतने का निर्देश दिया है.
वहीं सीएम ने बिहार में सांप्रदायिक सद्भाव कायम रहने को लेकर पुलिसकर्मियों के काम की प्रशंसा भी की. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस ने इस दिशा मेें बेहतर काम किया है. मुख्यमंत्री ने यह कहा कि प्रशासन और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ असमाजिक तत्वों पर नजर बनाए रखे. वहीं सीएम ने कहा कि थाने में फरियाद लेकर आने वाले लोगाें के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि उनकी बातें सुनी जा रही हैं.
विपक्ष के मार्च पर सम्राट चौधरी का निशाना
बिहार में बढ़ते अपराध के खिलाफ महागठबंधन के दल आक्रोश मार्च निकाल रहे हैं. वहीं इसी बीच अपराध को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इन लोगों को यह आंकड़ा निकालना चाहिए कि 15 साल तक लालू प्रसाद यादव ने किस तरह का राज चलाया था. बिहार में कानून का राज खत्म किया था. लालू जी को सबसे पहले चाहिए था कि 15 साल तक जो बिहार के लोगों के साथ अन्याय किया था वो क्या था.
आज विपक्ष पार्टियों के ओर से बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में आज आक्रोश मार्च निकाला जाएगा. पटना में भी इनकम टैक्स गोलंबर से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला जाएगा. यह आक्रोश मार्च आरजेडी के अगुआई में शुरू होगा. हालांकि इस आक्रोश मार्च के समर्थन में कांग्रेस, माले के समर्थक भी मौजूद रहेंगे.







