बच्चों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वह किसके पास जाते हैं, किससे मिलते हैं, क्या बातें करते हैं और उनकी दोस्ती-दुश्मनी किससे है… ऐसे सवालों का जवाब अगर पटना के इन दो बच्चों के परिजनों को पता होता तो शायद वह अपने घर के चिराग को बुझने से रोक पाते। पटना में सोमवार सुबह जिन बच्चों की लाश मिलीं, उनके गायब होने की जानकारी रविवार की रात ही पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने केस नहीं लिया और खोजबीन भी नहीं की। जिस तरह से हत्या हुई है, उसे देखकर साफ लग रहा है कि किसी रंजिश में इन दो बच्चों (विवेक और प्रत्यूष ) को मारा गया है। किसी वारदात को देख लेने या किसी दुश्मनी के कारण ही अमूमन ऐसी हत्या होती है। पटना में दो बच्चों की हत्या पीट-पीट कर की गई और उनकी आंखें भी निकाल ली गई हैं।
दोनों बच्चों की बलि देने का आरोप
सड़क जामकर हंगामा कर रहे हैं लोगों का आरोप है कि पुलिस अगर सही समय पर एक्शन लेती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। ऐसी निर्मम हत्या आज तक नहीं देखी थी। अपराधियों ने बच्चों की आंखें तो फोड़ दी। इतना ही नहीं जीभ और सीने पर चाकू से वार कर दिया। विवेक के पिता का आरोप है कि ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट का काम रूका हुआ है। इसी को शुरू करने के लिए दोनों बच्चों की बलि दी गई।
पटना के गर्दनीबाग इलाके में 11 और 12 साल के 2 बच्चों की हत्या हुई है। सोमवार सुबह दोनों के शव मिले हैं। दोनों पड़ोसी थे। बच्चों के हाथ-पैर बंधे थे, शरीर पर चोट के निशान थे। 12 साल के विवेक के पिता विनोद कुमार का आरोप है कि बच्चों की आंखें फोड़ी गई है। जीभ और सीने में चाकू मारा गया है। रस्सी से दोनों के हाथ बंधे थे।
पिता का आरोप है कि कई दिनों से ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ था। उसे शुरू करने के लिए बच्चों की बलि दी गई है। ग्रीन सिटी में बच्चों की हत्या कर के शवों को यहां फेंका गया है।
इधर, गुस्साए लोगों ने पटना के बेऊर स्थित 70 फीट सड़क के पास सड़क जाम कर दिया है। आगजनी हुई है। लोगों का प्रदर्शन जारी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है।
दोनों बच्चों के शव सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में पड़े थे। मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों की नजर शवों पर पड़ी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। देर रात से गर्दनीबाग इलाके के तीन बच्चे गायब थे।
जिन बच्चों के शव मिले हैं वे गर्दनीबाग थाना क्षेत्र सरिस्ताबाद मोहल्ले के रहने वाले थे। एक बच्चे का नाम विवेक (12) है। जबकि, दूसरे का नाम प्रत्यूष (11) है। प्रत्यूष घर का इकलौता था। विवेक चौथी में पढ़ता था। जबकि, प्रत्यूष 6वीं में पढ़ता था। परिवार ने देर रात ही बच्चों के गायब होने की सूचना पुलिस को दी थी। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने एक्शन नहीं लिया।
परसा, जक्कनपुर, कंकड़बाग, पत्रकार नगर, रामकृष्णा नगर, गर्दनीबाग,बेऊर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। मृत विवेक के पिता विनोद कुमार ने पुलिस पर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे रविवार शाम को घर से खेलने निकले थे। उसके बाद अचानक लापता हो गए। काफी प्रयास के बाद जब दोनों का सुराग नहीं मिला तो उन्होंने इसकी सूचना गर्दनीबाग थाने को दी। रविवार करीब 10:00 बजे के आसपास जब गर्दनीबाग थाना को सूचना दिया गया तो थाना के एक सिपाही ने बताया कि अभी कोई पदाधिकारी नहीं है। सोमवार सुबह आकर इसकी जानकारी दीजिए। इसके बाद परिवार के सभी लोग रात भर दोनों बच्चे को खोजते रहे। सुबह में यह सूचना मिली कि दो बच्चे का शव 70 फीट के नजदीक एक पानी भरे गड्ढे में फेंका हुआ है। विनोद कुमार ने कहा कि अगर रात में ही पुलिस कोई कार्रवाई करती तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी। वरीय अधिकारियों से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई करे।







