NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट अब अगली सुनवाई 18 जुलाई को करेगा. अब 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इसपर बड़ा फैसला सुना सकता है. आपको बता दें कि इस मामले को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संग्राम मचा था. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच के सामने दूसरी सुनवाई होनी है. इससे पहले CJI की बेंच ने 8 जुलाई को मामले की पहली सुनवाई की थी. कोर्ट ने NEET विवाद से जुड़े 4 पक्ष – NTA, CBI, केंद्र सरकार और रीटेस्ट की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं से रिपोर्ट मांगी थी. अब सभी स्टेकहोल्डर्स के जवाब दाखिल होने के बाद अगली सुनवाई हो रही है. इस मामले में अब तक 7 राज्यों से 42 लोग गिरफ्तार हुए हैं. केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है कि ‘बड़े पैमाने पर कोई धांधली नहीं हुई’. ‘पटना, हज़ारीबाग से कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं मिला और कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला.
अब 18 जुलाई को होगी सुनवाई
NEET-UG पेपर लीक मामले में अब अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी. कोर्ट ने आज इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. पहले खबर आ रही थी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आज ही कोई बड़ा फैसला सुना सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने NEET स्टेकहोल्डर्स से मांगा था जवाब
NEET विवाद पर स्टेकहोल्डर्स ने 10 जुलाई की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। कोर्ट ने NEET विवाद से जुड़े 4 स्टेक होल्डर्स – NTA, CBI, केंद्र सरकार और रीटेस्ट की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं से रिपोर्ट मांगी थी।
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: सीबीआई ने बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट.
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: सीलबंद लिफाफे में फाइल की गई सीबीआई की रिपोर्ट.
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: नीट मामले में दोपहर बाद सुप्रीम कोर्ट में शुरू होगी सुनवाई.
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: केंद्र सरकार ने कहा- परीक्षा को लेकर सिस्टम फेल नहीं हुआ.
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: केंद्र सरकार ने कहा- सभी राज्यों में पेपर लीक नहीं हुए.
- NEET Supreme Court Hearing LIVE: पूरी परीक्षा को रद्द नहीं किया जाना चाहिए- सरकार
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में हुई गड़बड़ियों के चलते एग्जाम रद्द कर दोबारा कराने की मांग वाली कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट फिर से सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। शीर्ष अदालत में मामले की सुनवाई सुबह 10.30 बजे से शुरू हो सकती है। इससे एक दिन पहले बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि नीट-यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली नहीं हुई। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि वह नीट एग्जाम फिर से कराने के पक्ष में नहीं है। हलफनामे के अनुसार सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दोषी किसी भी छात्र को कोई लाभ न मिले। सुप्रीम कोर्ट में दायर इस हलफनामे में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि जुलाई 2024 के तीसरे हफ्ते से काउंसलिंग शुरू होगी। इस दौरान अगर पाया जाता है कि किसी भी छात्र ने गलत तरीके से परीक्षा पास की है तो उसका परीक्षा परिणाम रद्द कर दिया जाएगा। नीट यूजी मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि आईआईटी मद्रास के डेटा एनालिटिक्स कोई असामान्यता या बड़े पैमाने पर गड़बड़ी नहीं दिखाता है।
आपको बता दें कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई 2024 को एनटीए और सीबीआई से पेपर लीक होने के समय और परीक्षा के बीच की अवधि के बारे में जानकारी मांगी थी। इस बीच एनटीए ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीबीआई ने शीर्ष कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है।
सरकार ने आईआईटी से कराया नीट रिजल्ट का विश्लेषण
NEET UG supreme court hearing live: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नीट परीक्षा परिणाम के डेटा के विश्लेषण के लिए आईआईटी मद्रास से मदद मांगी थी। आईआईटी मद्रास ने साल 2023 व 2024 के शहरवार डाटा में शीर्ष 1.4 लाख रैंक वालों को शामिल किया। परीक्षण यह बताने के लिए पर्याप्त था कि क्या किसी शहर या परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थी को गड़बड़ी का लाभ मिला। हालांकि परीक्षण ने साबित किया कि ऐसा नहीं हुआ। किसी खास शहर या केंद्र में बड़े पैमाने पर बच्चों को असाधारण अंक नहीं मिले हैं। यह जरूर सामने आया कि छात्रों के अंकों में उछाल आया है। यह रेंज 550 से 720 के बीच है। लेकिन, इसके लिए पाठ्यक्रम में 25 फीसदी की कटौती को श्रेय दिया जा सकता है। है। साथ ही, उच्च अंक पाने वाले छात्र विभिन्न शहरों और केंद्रों में फैले हैं। इसके साफ संकेत हैं कि उच्च अंक मिलने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
सीबीआई ने दर्ज की हैं छह एफआईआर
नीट एग्जाम में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने छह एफआईआर दर्ज की हैं. बिहार में दर्ज एफआईआर क्वेश्चन पेपर लीक होने से संबंधित है जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में दर्ज एफआईआर अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं.
एनटीए ने पेपर लीक से इनकार किया
सीबीआई ने पेपर लीक की जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में दायर किया है. एनटीए ने पटना में किसी भी तरह की पेपर लीक की घटना को नकार दिया है. अभी तक पेपर लीक के सीधे आरोप पटना और झारखंड के सेंटर्स पर लगे थे, लेकिन एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में इससे इनकार किया है.







