ईरान में आज राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे। इससे पहले शुक्रवार को हुए राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिला था। ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए 50% वोट हासिल करना जरूरी होता है।
पिछले हफ्ते हुए चुनाव में पजशकियान को 42.5% वोट मिले थे, जबकि सईद जलीली 38.8% वोट मिले। ऐसे में अब सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले इन दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है।

सबसे अधिक मसूद पजशकियान को मिला वोट
पिछली हफ्ते चुनाव आयोग के प्रवक्ता मोहसेन इस्लामी ने कहा था कि चुनाव में 2 करोड़ 45 लाख वोट पड़े। इसमें सबसे अधिक 1 करोड़ 4 लाख वोट मसूद पजशकियान को मिले। दूसरे नंबर पर सईद जलीली रहे जिन्हें 94 लाख वोट मिले थे।
तीसरे नंबर पर संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ रहे जिन्हें 33 लाख वोट मिले और आखिरी नंबर पर रहने वाले मुस्तफा पोरमोहम्मदी को 2 लाख 6 हजार वोट मिले थे।

छाया हिजाब का मुद्दा
इस चुनाव में पहली बार ऐसा हो रहा है जब भ्रष्टाचार, पश्चिमी देशों के प्रतिबंध, प्रेस की आजादी, प्रतिभा पलायन रोकने जैसे नए मुद्दे छाए हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाला चुनावी मुद्दा हिजाब कानून का है। 2022 में ईरान में हिजाब विरोधी आंदोलन और उसके बाद सरकार के द्वारा उसके दमन के चलते कई वोटर्स के जेहन में यह सबसे बड़ा मुद्दा रहा है।
हिजाब लंबे समय से धार्मिक पहचान का प्रतीक रहा है, लेकिन ईरान में यह एक राजनीतिक हथियार भी रहा है। 1979 में इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में जब से हिजाब का कानून लागू हुआ था, तब से महिलाएं अलग-अलग तरह से इसका विरोध करती रही है। ईरान के 6.1 करोड़ वोटर्स में से आधे से ज्यादा महिलाएं हैं।
ईरान में चुनाव से जुड़े नियम
- 18 साल से अधिक उम्र का कोई भी शख्स नेशनल आईडी कार्ड दिखाकर वोट दे सकता है।
- देश भर में 58,640 बूथों पर चुनाव बैलेट बॉक्स के जरिए वोटिंग हो रही है।
- वोटिंग बूथ स्कूल, मस्जिद और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर बने हैं।
- राष्ट्रपति चुनाव 40 से 75 साल के बीच के व्यक्ति ही लड़ सकते हैं।
- चुनावी नतीजे के बाद ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह खामेनई नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से पहले इसके नतीजों को मंजूरी देंगे।







