बिहार में भूमि विवाद को खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने बड़ी पहल करने जा रही है. दरअसल बिहार के राजस्व भूमि सुधार विभाग की तरफ से 9888 अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र सौंपा जाएगा. ये सभी बिहार के भूमि के सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इन लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियोजन पत्र देंगे. बताया जा रहा है कि इन लोगों पर बिहार के भूमि सुधार विभाग में बड़ी ज़िम्मेदारी होगी और ये लोग बिहार में कई वर्षों से लंबित जमीन विवाद को सुलझाने का काम करेंगे.
जानकारी अनुसार इस दौरान जिन लोगों को नियोजन पत्र मिलेगा वो बिहार के तमाम भूमियों का सर्वेक्षण करेंगे. साथ ही पूरी जानकारी इकट्ठा कर सरकार को रिपोर्ट देंगे कि जमीन किसकी है और सही है कि नहीं. उसके बाद ही जमीनों को ऑनलाइन चढ़ाने में मदद मिलेगी. अब जमीनों पर जिसका नाम ऑनलाइन दिखेगा, सरकार की नजर में ही उसे सही माना जाएगा ताकि भूमि विवाद खत्म हो सके. बता दें, बिहार सरकार की इस पहल से एक तरफ तो नौकरी के अवसर मिलेंगे साथ ही बिहार में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों को सुलझाया जा सकेगा.
9888 अभ्यर्थियों को मिलेगा नियुक्ति पत्र: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के बाद विभाग के कामकाज में सहूलियत होगी. नीतीश सरकार की ओर से 2020 चुनाव में 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का वादा किया गया था. सरकार का दावा है कि 2025 से पहले 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे दिया जाएगा. साथ ही 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया जा रहा है. पिछले दिनों जल संसाधन मंत्री और नीतीश कुमार के खास विजय कुमार चौधरी ने दावा किया कि सरकार अपने वादा से अधिक नौकरी और रोजगार दे रही है.
नौकरी पर तेजस्वी का दावा: बिहार में नौकरी और रोजगार को लेकर लगातार सियासत होती रही है. नीतीश कुमार जब एनडीए से महागठबंधन में चले गए थे तो 17 महीने के कार्यकाल को लेकर तेजस्वी यादव लगातार दावा करते हैं उन्हीं के कारण 5 लाख के करीब युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. बिहार के युवाओं को वही नौकरी उपलब्ध करा सकते हैं.
दोनों डिप्टी सीएम भी रहेंगे मौजूद: इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ विभागीय मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विभिन्न सोशल साइंस के माध्यम से ऑनलाइन लाइव टेलीकास्ट भी किया जाएगा.







