ADVERTISEMENT
Saturday, July 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

NDA के लिए सिरदर्द बनेंगे बिहार BJP के दो वरिष्ठ नेता !

UB India News by UB India News
June 30, 2024
in पटना, भाजपा
0
NDA के लिए सिरदर्द बनेंगे बिहार BJP के दो वरिष्ठ नेता !
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

राजनीतिक रिश्ता हो या फिर व्यक्तिगत, बड़बोलेपन से बचना चाहिए। राजनीति में दबाव की सियासत करने के लिए उल्टा-सीधा बोलने से बचना चाहिए। पार्टियों के रिश्ते और गठबंधन के रिश्ते की मर्यादा होती है कि नेताओं को हमेशा संभलकर बोलना होता है। बिहार के संदर्भ में बात करें, तो पहली बार जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़ा, उसके मूल कारण में नेताओं की उग्र बयानबाजी थी। इसमें कोई दो राय नहीं कि उस समय के कथित फायरब्रांड और बयान वीर बीजेपी नेताओं ने बड़ी-बड़ी बातें की। हालांकि, कारण ये भी था कि नरेंद्र मोदी को बीजेपी आगे कर रही थी।

गठबंधन की राजनीति के दौर में सहयोगी दलों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए बयान देना चाहिए। बिहार में बीजेपी के एक दो नेता एक बार फिर से कुछ-कुछ ऐसा बोलने लगे हैं, जो गठबंधन की सेहत के लिए बाद के दिनों में ठीक नहीं होगा। इससे सियासी तल्खी बढ़ेगी।

RELATED POSTS

बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल……

श्रावणी मेला में कांवरियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी………….

गठबंधन धर्म का पालन करें- जानकार

जी हां, बिहार की राजनीति में इन दिनों बीजेपी के दो नेताओं की खूब चर्चा हो रही है। पहले नेता हैं- अश्विनी चौबे। इन्हें पार्टी ने बक्सर से टिकट नहीं दिया। फिलहाल ये पार्टी में तो हैं, लेकिन बहुत कुछ ऐसा बोलने लगे हैं, जिससे खुद इनकी पार्टी सहज नहीं है। दूसरे हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान।  इन दोनों नेताओं के बयानों से फिलहाल किसी तरह का कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है। ऐसा लगातार होता रहा, तो सहयोगी दल के नेता भी कुछ न कुछ बोलेंगे। उसके बाद टकराव की स्थिति बढ़ेगी। सुनील पांडेय मानते हैं कि बीजेपी के लिए ये दोनों नेता बाद में सिरदर्द साबित हो सकते हैं। पांडेय कहते हैं कि पूर्व में दोनों नेताओं ने राज किया है। अब दबाव की राजनीति करने लगे हैं। ये पार्टी की सेहत के लिए ठीक नहीं है।

बीजेपी के बड़बोले नेता

ध्यान रहे कि अश्विनी चौबे और संजय पासवान, इन दोनों को पार्टी ने विभिन्न पद दिए। सम्मान दिया। वर्षों तक विधायक, राज्य में मंत्री, विधान पार्षद और केंद्रीय मंत्री तक रहे। अब ये लोग पार्टी को सियासत सीखाने में जुटे हुए हैं। इन दोनों नेताओं की बयानबाजी आने वाले दिनों में बिहार के संदर्भ में अमित शाह और नरेंद्र मोदी की टेंशन बढ़ा सकते हैं। हाल में संजय पासवान का विधान पार्षद वाला कार्यकाल खत्म हुआ है। अब वे कह रहे हैं कि बिहार में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 12 सीटें इसलिए मिलीं कि साथ में नीतीश कुमार रहे। नीतीश कुमार की वजह से बीजेपी 12 सीट निकाल पाई। जब बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व ये बात स्पष्ट कर चुका है कि बिहार में आगामी 2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। अश्विनी चौबे सीख दे रहे हैं कि बीजेपी को अकेले दम पर विधानसभा चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।

‘संभलकर बोलना चाहिए’

इन दोनों नेताओं की मंशा को सहयोगी दल भी समझ रहे हैं। बीजेपी की ओर से इन पर लगाम लगाने का प्रयास अवश्य किया जाएगा। इनके पास फिलहाल कोई काम नहीं है। ये संगठन के लिए भी कुछ बेहतर नहीं कर रहे हैं। इनके बयान से सिर्फ और सिर्फ सियासी रिश्ते में खटास आ सकती है। उससे कोई फायदा नहीं हो सकता। पार्टी के अंदर संजय पासवान के बेटे को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दे रखी है। संजय पासवान के बेटे गुरु प्रकाश बीजेपी में लगातार काम कर रहे हैं। पूर्व में राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे। धीरेंद्र कहते हैं कि बीजेपी का एक सिस्टम है। उस सिस्टम के साथ नेताओं को चलना होता है। आपको कब पद देना है। कब आपको आगे ले जाना है, ये पूरी शिद्दत के साथ केंद्रीय नेतृत्व तय करता है। कुछ नेता ऐसे होते हैं, उन्हें लगता है अंतिम सांस तक पद पर बने रहें।

चौबे पर पार्टी की नजर

अश्विनी चौबे ने 26 जून को मीडिया को दिए बयान में कहा था कि बिहार में बीजेपी अकेले फाइट करे। बीजेपी के नेतृत्व में चुनाव हो। बीजेपी प्रदेश कार्यालय से जुड़े नेताओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अश्विनी चौबे के बारे में केंद्र में फीडबैक पहले भी गया था। टिकट कटने के बाद भी जा रहा है। उनका व्यवहार अब पार्टी विरोधी लग रहा है। उनकी उम्र का लिहाज है। बक्सर में उन्होंने मिथिलेश तिवारी के पक्ष में बिल्कुल भी काम नहीं किया। पार्टी की उन पर नजर है। उन्हें क्या लगता है कि उनके बयानों को कोई सुन और देख नहीं रहा है। अश्विनी चौबे ने इशारों में सम्राट चौधरी पर सवाल खड़ा किया था। सम्राट चौधरी की मेहनत उन्हें नहीं दिख रही है। उन्हें वे बाहरी बता रहे हैं। अश्विनी चौबे को अब संगठन के लिए काम करना चाहिए। इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए।

अश्विनी चौबे वाली पीढ़ी का जमाना बीजेपी में गया। उन्हें अब समझ जाना चाहिए कि उनके बारे में बक्सर के कार्यकर्ताओं ने ही शिकायत केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाई। उनके खिलाफ कई प्रखंडों में बीजेपी कार्यकर्ता पुतले जलाते दिखे। उसके बाद उनका टिकट कटा। अब आराम से संगठन का काम करना चाहिए।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल……

बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल……

by UB India News
July 3, 2026
0

बिहार में बीजेपी की परंपरागत सीट रही बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का ऐलान हो चुका है। इस सीट...

श्रावणी मेला में कांवरियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी………….

श्रावणी मेला में कांवरियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी………….

by UB India News
July 3, 2026
0

पर्यटन सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित पर्यटन विभाग कार्यालय में 30 जुलाई-28 अगस्त के...

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

by UB India News
July 3, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट की सूरत पूरी तरह नहीं पर बदलने वाली है। पीएम मोदी के आसपास बैठने वाले...

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पीएमसीएच में दूसरी बड़ी कार्रवाई………………..

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पीएमसीएच में दूसरी बड़ी कार्रवाई………………..

by UB India News
July 3, 2026
0

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक्शन मोड में आ गए. वह लगातार हॉस्पिटल्स की व्यवस्थाओं को जायजा लेते दिखाई...

चिराग ने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी…………..

चिराग ने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी…………..

by UB India News
July 3, 2026
0

भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय...

Next Post
नीतीश के नेतृत्व में JDU ने लिया अहम फैसला, लालू-तेजस्वी और राहुल के सपनों पर फिरा पानी

नीतीश के नेतृत्व में JDU ने लिया अहम फैसला, लालू-तेजस्वी और राहुल के सपनों पर फिरा पानी

कल से बिहार में लागू होंगे तीन नए आपराधिक कानून…..

कल से बिहार में लागू होंगे तीन नए आपराधिक कानून.....

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend