आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से बदसलूकी और मारपीट करने के आरोप के मामले में विभव कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती है. आरोपी विभव कुमार को पुलिस रिमांड के दूसरे दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास लेकर जा सकती है. यहां पुलिस सीन ऑफ क्राइम का रीक्रिएशन कर सकती है.
दिल्ली पुलिस ने रविवार (19 मई, 2024) को ही सीएम आवास से कुछ गैजेट्स और सीसीटीवी का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्ड) अपने कब्जे में लिया है. पुलिस अब स्वाति मालीवाल के बयान और विभव से अब तक हुई पूछताछ के आधार पर जब्त डीवीआर की फुटेज को चेक करेगी.
दिल्ली पुलिस क्या जानना चाहती है?
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ये जानना चाहती है कि जो बयान स्वाति मालीवाल ने दिया और विभव ने जो पूछताछ में बताया है क्या वह CCTV के DVR की घटना वाले दिन की रिकॉर्डिंग से आपस में मेल खाता है या नहीं.
इसके अलावा दोबारा एफएसएल (FSL) की टीम सीएम हाउस पुलिस के साथ आ सकती है. दरअसल कोर्ट स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट के आरोप के मामले में विभव कुमार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज चुकी है.
मामला क्या है?
अरविंद केजरीवाल के घर से 13 मई को पीसीआर कॉल की गई थी. मामले में स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री आवास के अंदर विभव ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें बुरी तरीके से मारा-पीटा. पूरे मामले को लेकर बीजेपी और AAP एक दूसरे पर निशाना साध रही है.
AAP और बीजेपी ने क्या कहा?
AAP नेता आतिशी ने हाल ही में कहा था कि ये बीजेपी की साजिश है और इसका चेहरा स्वाति मालीवाल हैं. वहीं बीजेपी ने निशाना साधते हुए कहा कि ये ही AAP का असली चेहरा है.
सीएम आवास के कैमरों का रिकॉर्डर जब्त, वीडियो के नष्ट हिस्से वापस पाने का प्रयास
आप सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई के मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी निवास से सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर जब्त की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब्त डीवीआर से 13 मई के घटनाक्रम का वीडियो फुटेज निकाला जाना है। डिलीट किए हिस्से को डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद से निकालने की कोशिश की जाएगी।
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने सीएम आवास के प्रवेश द्वार के बाहर लगे कैमरों की डीवीआर जब्त की थी। रविवार को ड्राइंगरूम के अलावा घर के अन्य हिस्सों में लगे कैमरों की डीवीआर ले गई। भारद्वाज ने इन आरोपों को खारिज किया कि डीवीआर से कोई हिस्सा डिलीट किया गया है। उन्होंने कहा, आमतौर पर लोग ड्राइंगरूम में कैमरे नहीं लगाते। मैंने यहां कभी सीसीटीवी नहीं देखा। जब कैमरा था ही नहीं, तो उसकी फुटेज डिलीट करने का सवाल ही नहीं उठता। पुलिस के पास सबकुछ है, यदि उन्हें वीडियो में कुछ दिखता है, तो मीडिया से साझा कर सकते हैं।
इस बीच, केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेजते समय स्थानीय कोर्ट ने डाटा डिलीट करने पर सवाल उठाए। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल ने कहा, पुलिस को दिए पेन ड्राइव में वारदात के समय का वीडियो नहीं था। साथ ही, आरोपी का अपने फोन को फॉर्मेट करना बहुत कुछ कहता है। जज ने फैसले में कहा, आरोपी को पुलिस रिमांड में दिया जाना जरूरी है। इसलिए जांच अधिकारी के आवेदन को आंशिक रूप से मंजूर किया जाता हैै। पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगा था।
बिभव को जांच के लिए मुंबई ले जाएगी पुलिस
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बिभव ने मुंबई में अपना फोन फॉर्मेट करने की बात कही है। आमतौर पर फोन फॉर्मेट करने से पहले लोग डाटा हार्ड डिस्क या कंप्यूटर में सेव कर लेते हैं। डाटा को रिकवर करने के लिए उसे मुंबई ले जाना पड़ेगा। पुलिस बिभव पर सबूतों से छेड़छाड़ की धारा भी जोड़ सकती है।
आप के मार्च को पुलिस ने रास्ते में रोका
आम आदमी पार्टी ने सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में रविवार को भाजपा मुख्यालय तक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने मार्च को बीच में ही रोक दिया। पुलिस ने दीनदयाल उपाध्याय मार्ग व आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी थी।
भाजपा ने मानी हार : केजरीवाल
सीएम केजरीवाल ने मार्च के बाद कहा, हमने सड़क पर आधा घंटा इंतजार किया, ताकि पुलिस आए और हमें गिरफ्तार करे, लेकिन भाजपा ने हार मान ली। केजरीवाल ने कहा, कार्यकर्ताओं को और बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। भाजपा अब राघव चड्ढा, आतिशी और सौरभ भारद्वाज को जेल भेजने की बात कह रही है।
ड्रामेबाजी छोड़कर चुप्पी तोड़ें : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ड्रामा छोड़कर केजरीवाल सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई पर चुप्पी तोड़ें। उन्हें कुछ खास सवालों के जवाब देने चाहिए। पूछा, क्या उन्होंने हमले का आदेश दिया था? क्या बिभव को इसलिए संरक्षण दे रहे हैं क्योंकि उसके पास आपकी काली करतूतों की जानकारी है? सीसीटीवी का फुटेज क्यों गायब है?
बिभव ने मुंबई में फॉर्मेट कराया आईफोन, नहीं बता रहे पासवर्ड
पुलिस ने स्वाति मालीवाल पिटाई मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीएस बिभव कुमार के खिलाफ स्थानीय कोर्ट में जांच में सहयोग न करने समेत कई आरोप लगाए। अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट के सामने संक्षेप में पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखी और कहा कि एक लोकसेवक और संसद के वर्तमान सदस्य को उस आरोपी ने बुरी तरह पीटा जिसकी सेवा एक माह पहले ही खत्म की जा चुकी है।
जांच अधिकारी के नोटिस के बावजूद घटनास्थल के सीसीटीवी की डीवीआर पुलिस को नहीं दी गई। जूनियर इंजीनियर रैंक के एक अधिकारी ने पेन ड्राइव में सीसीटीवी फुटेज सौंपा, लेकिन जब उसकी जांच की गई तो बताए गए घटना के समय का वीडियो ब्लैंक मिला।
श्रीवास्तव ने कहा, चूंकि आरोपी की पहुंच घर के अंदर तक है इसलिए सीसीटीवी से छेड़छाड़ के तथ्य को स्पष्ट किया जाना जरूरी है। इसके लिए आरोपी की रिमांड जरूरी है। उन्होंने कहा, आरोपी ने एक आईफोन सौंपा है लेकिन यह भी बताया कि उसने एक दिन पहले ही मुंबई में इसे फॉर्मेट किया है। आरोपी फोन का और उसमें इंस्टॉल एप्स का पासवर्ड नहीं बता रहा है।
यह बेहद सामान्य सी बात है कि फोन को फॉर्मेट करते समय कोई भी सामान्य पृष्ठभूमि का व्यक्ति फोन के डाटा की एक कॉपी किसी अन्य हार्डडिस्क या कंप्यूटर में सुरक्षित रखता है। इसलिए आरोपी को मुंबई ले जाकर इस तथ्य की जांच करना और डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करना भी जरूरी है। इसके अलावा मालीवाल की पिटाई के समय जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया उसे भी बरामद किया जाना है।







