लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने सोमवार को गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया. आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को हटाने का भी आदेश दिया. साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिवों को हटा दिया गया है. लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद आयोग ने बृह्नमुंबई महानगर पालिका के आयुक्त इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को हटाने का भी आदेश दिया.
इसके साथ ही बृहन्मुंबई नगर आयुक्त (BMC ) इकबाल सिंह चहल को भी हटा दिया गया है. साथ ही अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त को भी हटाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के जीएडी सचिव को भी पद से हटाया गया है.
पश्चिम बंगाल में डीजीपी के अलावा कई और अधिकारियों को भी हटाया गया है. इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने सीएम दफ्तर से भी कुछ अधिकारियों को हटा दिया है. बता दें कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को 2016 में विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी सक्रिय चुनाव ड्यूटी से हटा दिया था. 6 राज्यों के गृह सचिव और बंगाल के डीजीपी को हटाने पर चुनाव आयोग ने कहा कि यह एक्शन चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित कराने के लिए लिया गया है.
आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जिन्होंने (पद पर) तीन साल पूरा कर लिया है या अपने गृह जिलों में तैनात हैं. महाराष्ट्र ने कुछ नगर निगम आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों के संबंध में निर्देशों का पालन नहीं किया था.
आयोग ने नाखुशी जताते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को सोमवार शाम छह बजे तक रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ ही बीएमसी के आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्तों एवं उपायुक्तों का स्थानांतरण करने का आदेश दिया.
मुख्य सचिव को महाराष्ट्र में समान रूप से पदस्थापित सभी नगर निगम आयुक्तों और अन्य निगमों के अतिरिक्त आयुक्तों या उपायुक्तों को स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया गया है. यह आदेश मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्तों – ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के बीच सोमवार को यहां हुई बैठक के बाद आया है.







