आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल से बाहर चल रहे सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. अब सत्येंद्र जैन को सरेंडर करना होगा और वापस जेल जाना ही होगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सत्येंद्र जैन को आज यानी सोमवार को ही सरेंडरन करना होगा.
दरअसल, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन फिलहाल स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत पर थे. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने फैसला सुनाया और सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी.
ED ने सत्येंद्र जैन को दिल्ली शराब नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। ED ने आरोप लगाया था कि उन्होंने उनसे जुड़ी 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है।
गिरफ्तारी के बाद जैन ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। 6 अप्रैल 2023 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट में जैन ने स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत की भी मांग की थी। 26 मई 2023 को कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी। तब से अभी तक उनकी जमानत बढ़ती गई।

सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस
इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 24 अगस्त 2017 को CBI की तरफ से दर्ज की गई FIR को आधार बनाकर जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। सत्येंद्र जैन ने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 तक कई लोगों के नाम पर चल संपत्तियां खरीदी थीं। जिसका वे संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके थे। उनके साथ पूनम जैन, अजित प्रसाद जैन, सनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।







