संदेशखाली कांड के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. टीएमसी नेता शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार करने के बाद बशीरहाट कोर्ट में पेश किया गया था. इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को शाहजहां शेख की 10 दिनों की रिमांड दे दी. इतना ही नहीं, कोर्ट ने शाहजहां शेख की जमानत की अर्जी को अस्वीकार कर दिया.
बता दें कि पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपी तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख को 55 दिन बाद बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि शेख को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि से लगभग 30 किलोमीटर दूर मिनाखान में एक घर से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस के मुताबिक, टीएमसी नेता शाहजहां शेख कुछ साथियों के साथ उस घर में छिपा था. गिरफ्तार करने के बाद उसे बशीरहाट अदालत ले जाया गया. जहां कोर्ट ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.
कलकत्ता उच्च न्यायालय के बुधवार को कहा था कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या पश्चिम बंगाल पुलिस शेख को गिरफ्तार कर सकती है। इसके 24 घंटे के भीतर ही शेख को हिरासत में ले लिया गया.
राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने शेख की गिरफ्तारी के लिए सोमवार रात राज्य सरकार को 72 घंटे की ‘‘समयसीमा’’ दी थी. राज्यपाल ने कहा, ‘अंधकार के बाद उजाला जरूर होता है. मैं इसका स्वागत करता हूं.’ एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शेख का पता उसके मोबाइल फोन की ‘‘लोकेशन’’ से चला. उन्होंने कहा, ‘‘ शेख समय-समय पर अपना स्थान बदल रहा था. उसके मोबाइल फोन के टावर की ‘लोकेशन’ से उसका पता लगाया गया.
पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता से लगभग 65 किलोमीटर दूर बशीरहाट अदालत में भारी पुलिस बल तैनाती किया गया है. हालात को नियंत्रित करने के लिए संदेशखालि के कुछ हिस्सों में अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है.
मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बुधवार को कहा था कि यह देखते हुए कि शेख काफी समय से फरार है ऐसे में पश्चिम बंगाल पुलिस के अलावा ‘‘केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकती है. उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य पुलिस को उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.
पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में शेख के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं. इस दौरान उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिलाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ. उन्होंने बताया कि शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले शेख के करीबी सहयोगी शिवप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा, उसके एक अन्य सहयोगी अजीत मैती को भी जमीन हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि ज्यादातर शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि शाहजहां ने लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया और इलाके की महिलाओं पर अत्याचार किया.
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में पांच जनवरी को लगभग एक हजार लोगों की भीड़ ने ईडी के अधिकारियों पर उस वक्त हमला कर दिया था जब वे राज्य में कथित राशन वितरण घोटाले की जांच के सिलसिले में शेख के परिसर पर छापेमारी के लिए गये थे.







