एक तरफ देशभर में लाखों लोग श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार में अयोध्या राम मंदिर को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. बता दें कि जदयू के विधायक डॉ. संजीव कुमार ने कहा है कि, ”महागठबंधन के सहयोगी दल भगवान राम की आलोचना से बचें. हिन्दू ही क्यों, किसी भी धार्मिक समूह की भावना आहत करना सही नहीं है. धर्म, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य-सब अलग-अलग विषय हैं. ये सभी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनमें से किसी के नाम पर ईश्वर की आलोचना नहीं की जा सकती है.” वहीं गुरुवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर के धर्म संबंधी बयान की आलोचना की. मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर ने कहा कि, ”अभी उनकी मानसिक बीमारी प्रारंभिक अवस्था में है. किसी मनोविज्ञानी से इलाज हो तो ठीक हो जाएंगे.”
‘ऐसे लोग जुबान पर लगाम लगाकर रखें’ – डॉ. संजीव कुमार
आपको बता दें कि आगे जदयू विधायक ने कहा कि, ”ऐसे लोग जुबान पर लगाम लगाकर रखें वरना जनता लगाम लगा देगी तो परेशानी होगी. हम छद्म लोकप्रियता के लिए क्षुद्र राजनीति के पक्ष में नहीं हैं.” आगे उन्होंने कहा कि, ”उनके नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. हम गर्व से कहते हैं कि हम राष्ट्रवादी हिंदू हैं.”
‘नीतीश कुमार के साथ हैं’ – डॉ. संजीव कुमार
वहीं आपको बता दें कि जदयू के फिर से राजग में जाने के सवाल पर जदयू विधायक ने आगे कहा कि, ”हमारे नेता नीतीश कुमार स्थिर रहते हैं. दूसरे दल ही उनके पास आते हैं. उन्हें नहीं पता कि जदयू से कौन नया दल जुड़ रहा है. हां, नीतीश कुमार के सभी निर्णयों के हम साथ हैं.”
‘शिक्षा मंत्री हमेशा हिंदू धर्म के खिलाफ देते रहते हैं बयान’
वहीं आपको बता दें कि शिक्षा मंत्री के बयान को लेकर जेडीयू विधायक संजीव कुमार ने मनीष कश्यप से बातचीत में कहा कि, ”शिक्षा मंत्री धर्म के विरोध में बोलते रहते हैं, वह हिंदुओं के वोट से जीतकर आते हैं और उन्हीं के खिलाफ बोलते हैं. उन्हें चुनाव में जनता जूते की माला पहनाएगी. बिहार का दुर्भाग्य है, जो इस तरह का शिक्षा मंत्री कुर्सी पर बैठा है.”
साथ ही आगे संजीव कुमार ने मनीष कश्यप के साथ बातचीत में यहां तक कह दिया कि, ”भारत में बोलने की आजादी है, इसलिए लोग कुछ भी बोल देता हैं. हिंदू धर्म की सहनशीलता को लोग कमजोरी समझ बैठे हैं, वह रामचरित्र मानस पर खुलकर बोलते हैं, अगर वह कुरान के बारे में बयान देते तो तुरंत असर दिख जाता.”







