जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने रविवार को अपने इस्तीफे के पीछे की कहानी उजागर करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बहस की थी, जो उनके इस्तीफे के फैसले को स्वीकार नहीं कर रहे थे। सिंह ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र मुंगेर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सीएम नीतीश कुमार मेरे फैसले से सहमत नहीं थे। मैंने उनसे मेरा इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया और कहा कि मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम करना है। जद-यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यभार के कारण, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में समय देने में असमर्थ हूं।
नीतीश की सहमति
उन्होंने कहा कि यदि मैं लगातार वहाँ नहीं रहूंगा तो मेरा चुनाव अभियान प्रभावित होगा। तब वह सहमत हुए और मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिंह ने कहा कि उन्होंने मुझसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। मैं इसके लिए तैयार नहीं था। तब नीतीश जी ने मुझसे कहा कि यदि आप नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, तो मैं आपके किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। 2022 में भी मैंने उनसे अनुरोध किया था कि मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने दें क्योंकि मैं अपने गृह क्षेत्र को समय नहीं दे पा रहा हूं। तब उन्होंने कहा था कि अगर मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तो वह दीवार पर मेरा सिर पटक देंगे।”
ललन ने लिखा पत्र
ललन सिंह ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। उसके बाद पटना पहुंचने के बाद अपने हस्ताक्षर से एक पत्र जारी किया। उन्होंने उस पत्र में कुछ मीडिया संस्थानों और समाचार पत्रों पर कई तरह के तोहमत लगाए। उन्होंने उस पत्र में ये भी कहा कि वे बहुत जल्द वैसे मीडिया संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने उनकी छवि को धूमिल करने का काम किया है। ललन सिंह के इस्तीफे के बाद मीडिया में बहुत सारी खबरें एक साथ चलने लगीं। जिसमें ललन सिंह के इस्तीफे के पीछे लालू परिवार का हाथ बताया जाने लगा। यहां तक कि एक समाचार पत्र ने यहां तक लिख दिया कि बिहार में नया सत्ता समीकरण शुरू हो गया है। ललन सिंह ने ऐसे सभी मीडिया संस्थानों को चेतावनी जारी की।
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ललन की सफाई
नीतीश कुमार फिलहाल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। दिल्ली में पार्टी के प्रवक्ता ने यहां तक कहा था कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता है। उधर, रविवार को अचानक विधानसभा अध्यक्ष लालू यादव से मिलने पहुंच गए। उसे लेकर भी मीडिया में कयासों का दौर शुरू हो गया। उसके पहले ललन सिंह को लेकर बहुत कुछ लिखा जा चुका था। मीडिया में ये खबरें भी चली कि ललन सिंह ने जेडीयू के कुछ विधायकों के साथ बैठक की है। हालांकि, ललन सिंह ने उस बात से इनकार करते हुए कहा कि दिल्ली में वे मुख्यमंत्री के साथ रहे और जेडीयू के सांसदों के साथ बातचीत की। ललन सिंह ने अपनी ओर से बता दिया है कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के कार्य को लेकर पार्टी पद से इस्तीफा दिया है। इसमें और कुछ भी बात नहीं है।







