दिन था बुधवार और तारीख थी 26 नवंबर 2008. इसी दिन भारत पर सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था. पाकिस्तान से आए आतंकियों ने देश के वित्तीय राजधानी मुंबई के 8 जगहों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मुंबई के इस आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे, जिसमें कई बच्चे भी शामिल थे. आतंकियों को मारने के लिए मुंबई पुलिस को सेना की मदद लेनी पड़ी थी. पुलिस के कई जवान भी इस हमले में शहीद हो गए थे.
इस हमले में एक आतंकी अजमल आमिर कसाब पुलिस के हत्थे चढ़ा था, जिसे 2012 में ट्रायल के बाद फांसी पर लटकाया गया. कसाब के खुलासे ने पूरी दुनिया को तब स्तब्ध कर दिया, जब इस हमले में अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे शख्स का नाम सामने आया.
इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हाफिज सईद, जकी-योर रहमान लखवी, साजिद मीर, डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा का हाथ बताया गया था. इन सभी को भारत लंबे वक्त से कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहा है.
हालांकि, इनमें से कई अभी भी बेखौफ अपने-अपने देश में घूम रहे हैं. इस स्टोरी में आइए जानते हैं कि आखिर ये 5 आरोपी अब तक क्यों फांसी के फंदे से दूर हैं?
1. डेविड कोलमैन हेडली- मुंबई हमले का मुख्य साजिशकर्ता हेडली ही है. हेडली ने हमले से पहले पूरे मुंबई की रेकी की थी. डेविड ने मुंबई अटैक से पहले शहर का पूरा नक्शा तैयार किया था. इसके लिए कई बार वो अमेरिका से वीजा लेकर भारत आया था.
हेडली के पिता सलीम जिलानी पाकिस्तान के एक मशहूर ब्रॉडकास्टर थे. वर्तमान में हेडली अमेरिका की जेल में बंद है और वहां 35 साल की सजा काट रहा है. हेडली को अमेरिकी कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के 12 मामलों में दोषी ठहराया है.
हेडली को भारतीय जांच एजेंसी को सौंपने की मांग को अमेरिका 2020 में ही खारिज कर चुका है. अमेरिका के सरकारी वकील ने उस वक्त कोर्ट में तर्क दिया था कि हेडली ने हमले के बाद अपना दोष स्वीकार कर लिया था और उसे कोर्ट से सजा मिल चुकी है, इसलिए उसे भारत को नहीं सौंपा जा सकता है.
2. तहव्वुर राणा- तहव्वुर हुसैन राणा मुंबई हमले का मास्टर माइंड डेविड कोलमैन हेडली का सहयोगी है. राणा अभी अमेरिकी पुलिस की गिरफ्त में है. 2020 में भारत ने राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, जिसे मई 2023 में अमेरिका की निचली अदालत ने मंजूर कर लिया.
हालांकि, उसके प्रत्यर्पण में अभी भी कई कानूनी पेचीदगी है. 62 साल के राणा ने मुंबई हमले के लिए साजिश रचने का काम किया था. उसने हेडली को भारत पहुंचाने और उसके संदेश को पाकिस्तान के आंतकियों को भेजने का काम किया था.
3. हाफिज सईद- मुंबई पर हमले की पूरी योजना लश्कर-ए-तैयबा ने बनाया था. हाफिज सईद इस संगठन का सरगना है. हमले के अगले दिन ही हाफिज सईद को पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. हाफिज अभी भी जेल में बंद है.
हाफिज सईद आतंकवाद के 3 मामलों में पाकिस्तान की अदालत से दोषी करार दिया जा चुका है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अलग-अलग शहरों में हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ सात केस दर्ज हैं.
हालांकि, पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेंसी की वजह से उसकी हनक अभी भी पाकिस्तान में है. कुछ जानकारों का कहना है कि सईद के लिए जेल ही सबसे सुरक्षित जगह है.
4. जकी-योर रहमान लखवी- मुंबई हमले के वक्त लखवी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेशन प्रमुख था. हमले की स्क्रिप्ट को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी लखवी को ही मिली थी.
लखवी वर्तमान में पाकिस्तान में पांच साल की जेल की सजा काट रहा है. 2021 में उसे आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए गिरफ्तार किया गया था.
आतंकी जब मुंबई में गोली बरसा रहे थे, तो उस वक्त भी लखवी उसके संपर्क में थे. आतंकी कसाब ने पूछताछ में इसका खुलासा किया था. कसाब के दावे की पुष्टि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी की थी.
लखवी को आतंकी हमले के बाद भी पाकिस्तान ने पकड़ा था, लेकिन उसे बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया था. लखवी को लेकर पाकिस्तान के ढील-ढाल रवैए की अमेरिका ने भी निंदा की थी.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक प्रतिबंध समिति ने लखवी पर चेचन्या, बोस्निया, इराक और अफगानिस्तान सहित कई देशों में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया.
5. साजिद मीर- मुंबई हमले में साजिद मीर ने अहम भूमिका निभाई थी. हमले के दौरान मीर द्वारा आतंकियों को निर्देश देने का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसे भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था.
मीर ही वो हैंडलर था, जो हेडली के संपर्क में भी था. मीर पर अमेरिका ने भी 5 मिलियन डॉलर का ईनाम रखा है. मीर को लेकर पाकिस्तान लगातार झूठ बोलता आ रहा है. 2020 से पहले पाकिस्तान ने मीर के मरने का दावा किया था.
लेकिन जब वो FATF में बुरी तरह घिर गया, तो उसने उसके जेल में रहने की बात कही. पाकिस्तान में मीर 15 साल की जेल की सजा काट रहा है.
3 बार बदली थी मुंबई पर हमले की तारीख
मुंबई पर आतंकी हमले की तारीख 3 बार बदली गई थी. हमले के मुख्य साजिशकर्ता हेडली ने पूछताछ में खुलासा किया था कि पहले 29 सितंबर 2008 को मुंबई पर अटैक करने की रणनीति थी, लेकिन जैसे ही 10 आतंकी भारत आने के लिए समुंद्र में घुसे, वैसे ही उनकी नाव डूब गई. लाइफ जैकेट पहने होने की वजह से वे सभी आतंकी बच गए.
इसके कुछ दिन बाद फिर से इन आतंकियों को हमले के लिए भेजा गया, लेकिन इस बार भी काम नहीं बन पाया. आखिरी में 26 नवंबर की तारीख तय की गई.
इस हमले के बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने अबु हमजा नामक शख्स को गिरफ्तार किया था. हमजा पर आरोप था कि उसी ने सभी पाकिस्तानी आतंकियों को भारत के बारे में बताया और उसे हिंदी सिखाया.
हमजा ने गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे किए, उसके मुताबिक मुंबई पर हमले का पहला प्लान 2006 में बना था, लेकिन किसी कारण से यह प्लान सफल नहीं हो पाया था. हमजा ने खुफिया एजेंसी को बताया था कि 2007 में लखवी ने उसके पास 10 लड़के को भेजा था. इन सभी लड़कों को मैंने ही ट्रेनिंग दिया था.
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि :
पीएम मोदी ने रविवार 26 नवंबर को रेडियो प्रोग्राम मन की बात के 107वां एपिसोड में 26/11 हमलों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को हम कभी नहीं भूल सकते हैं। आज ही के दिन देश पर सबसे जघन्य हमला हुआ था।
उन्होंने कहा कि आतंकियों ने मुंबई को, पूरे देश को थर्रा कर रख दिया था। लेकिन भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौसले के साथ आतंक को कुचल भी रहे हैं। मुंबई हमले में जान गंवाने वाले लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं। इस हमले में हमारे जो जांबाज वीरगति को प्राप्त हुए, उन्हें देश आज याद कर रहा है।







