गाजा में अमेरिका और अरब द्वारा अल्प युद्ध विराम की मांग को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा ठुकराए जाने के बाद इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। अब तक मानवीयता का हवाला देते हुए गाजा में अल्प युद्ध विराम की मांग पर अड़ा अमेरिका भी नेतन्याहू के कड़े रुख को देखने के बाद पीछे हट गया है। अमेरिका और अरब नेताओं की मांग पर नेतन्याहू ने साफ कह दिया था कि गाजा में युद्ध विराम का मतलब आतंकियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें ऐसे अन्य हमले करने का मौका देना है। साथ ही नेतन्याहू ने यह भी कहा था कि मानवीय दृष्टि से अल्प युद्ध विराम तभी संभव है, जब हमास आतंकी 240 बंधकों को मुक्त कर दें। नेतन्याहू की ये शर्त अब अमेरिका को भी समझ में आ गई है।
लिहाजा अमेरिका भी अब अल्प युद्ध विराम की जिद छोड़ दी है। वहीं इजरायल-हमास युद्ध में हजारों फिलस्तीनी नागरिकों की मौत की निंदा कर रहे अरब नेताओं ने शनिवार को तत्काल संघर्षविराम पर जोर दिया। इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने आगाह किया कि ऐसा कदम प्रतिकूल होगा, क्योंकि इससे आतंकवादी समूह को और हिंसा करने का बढ़ावा मिलेगा। मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, कतर और अमीरात के राजनयिकों के साथ दोपहर की वार्ता के बाद ब्लिंकन ने चर्चा को गाजा में नागरिकों की रक्षा करने और उन तक सहायता पहुंचाने की साझा इच्छा बताया।
अरब नेताओं के संग बैठक से 1 दिन पहले नेतन्याहू से मिले थे ब्लिंकन
अरब देशों और ब्लिंकन के संदेशों में विसंगति स्पष्ट है। ब्लिंकन ने इस बैठक से एक दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बंद कमरे में बातचीत की थी। अरब मंत्री युद्ध को रोकने और इजरायल के युद्ध हथकंड़ों की निंदा करने का बार-बार आह्वान कर रहे हैं। मिस्र के राजनयिक सामेह शौकरी ने कहा, ‘‘हम गाजा में फिलस्तीनियों की ‘सामूहिक सजा’ को आत्म-रक्षा के अधिकार के रूप में माने जाने वाले औचित्य को स्वीकार नहीं कर सकते। यह बिल्कुल भी वैध आत्मरक्षा नहीं हो सकती।’’ ब्लिंकन अमेरिका के इस रुख पर अड़े रहे कि संघर्ष विराम से इजरायल के सात अक्टूबर को हमास के अचानक किए हमले के बाद अपने नागरिकों की रक्षा करने के अधिकार और दायित्व को नुकसान पहुंचेगा।
अमेरिका ने संघर्ष विराम से हमास के फिर से खड़े होने की आशंका जताई
ब्लिंकन ने कहा कि बाइडन प्रशासन की इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करने की प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि संघर्ष विराम से हमास फिर से खड़ा होगा और जो उसने किया उसे दोहराने में समर्थ हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका गाजा निवासियों तक सहायता पहुंचाने के लिए इजराइल के अभियान में ‘‘मानवीय अल्प विराम’’ का समर्थन करता है। उनकी इस अपील को एक दिन पहले नेतन्याहू ने ठुकरा दिया था। अरब अधिकारियों ने यह भी कहा कि ब्लिंकन के मुख्य एजेंडे में से एक गाजा के युद्ध के बाद के भविष्य पर चर्चा करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि हत्याओं को रोकने और मानवीय सहायता बहाल करना तत्काल कदम हैं जिन्हें सबसे पहले उठाए जाने की जरूरत है।
हमास ने ब्लिंकन के बयान पर कही ये बात
बेरूत से हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ओसामा हमदान ने पत्रकारों को बताया कि ब्लिकंन को ‘‘आक्रामकता रोकनी चाहिए और ऐसे विचार नहीं रखने चाहिए जिन्हें लागू नहीं किया जा सकता।’’ हमदान ने कहा कि गाजा का भविष्य फिलस्तीनी तय करेंगे और अरब के विदेश मंत्रियों को अमेरिकी राजनयिक को बताना चाहिए कि ‘‘वह ऐसा अरब गठबंधन नहीं बना सकते जो फिलस्तीनी लोगों के खिलाफ हो।’’ ब्लिंकन ने जॉर्डन में सबसे पहले लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती से मुलाकात की। आतंकवादी समूह हिजबुल्ला लेबनान में ही स्थित है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि ब्लिंकन ने ‘‘लेबनान को युद्ध में घसीटे जाने से रोकने में’’ मिकाती के नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने कतर के विदेश मंत्री से मुलाकात की। कतर हमास के साथ सबसे प्रभावशाली वार्ताकार के रूप में उभरा है। ब्लिकंन ने फलस्तीनी शरणार्थियों की मदद कर रहे संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के प्रमुख फिलिप लजारनी से भी वार्ता की।
इजराइल के जमीनी हमले में हमास के 2500 ठिकाने तबाह:गाजा के वॉटर स्टेशन, यूनिवर्सिटी पर भी हमला; हमास ने सेंट्रल इजराइल पर रॉकेट दागे
इजराइल-हमास जंग के बीच रविवार को इजराइली सेना ने बताया कि गाजा में जमीनी ऑपरेशन की शुरुआत से अब तक हमास के करीब 2500 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं शनिवार को हमलों में गाजा के सबसे बड़े जबालिया रिफ्यूजी कैंप का मुख्य वॉटर स्टेशन तबाह हो गया।
इजराइल ने गाजा की अल-अजहर यूनिवर्सिटी पर भी हमला किया। शनिवार रात हमास ने भी सेंट्रल इजराइल पर कई रॉकेट दागे। इस दौरान इजराइली नागरिक सायरन की आवाजें सुनकर अपने घरों में घुस गए। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने आयरन डोम की मदद से मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। हमले में किसी को भी नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।
दूसरी तरफ, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा है कि उनकी सेना हमास के गाजा चीफ याह्या सिनवार को मिटा देंगे। उन्होंने कहा- हमास की कोई सीमा नहीं है। 7 अक्टूबर को जो हुआ उससे ये पता चलता है कि हमास किसी भी हद तक जा सकता है। इसके लिए उसके नेता जिम्मेदार हैं। जब ये जंग खत्म होगी तब गाजा में कोई हमास नहीं होगा।
इजराइल ने साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद कहा
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच जंग से जो हालात बने हैं वो बेहद मुश्किल हैं। उन्होंने इजराइली विदेश मंत्री एली कोहेन से बात करते हुए कहा- भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ लड़ता आया और आगे भी लड़ेगा। हम फिलिस्तीन मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के मुताबिक हल चाहते हैं। इस पर कोहेन ने कहा- हम इजराइल का साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद देते हैं।
इजराइल के खिलाफ इंतिफादा की मांग
शनिवार को व्हाइट हाउस के पास फ्रीडम प्लाजा पर करीब 10 हजार फिलिस्तीनी समर्थकों ने प्रदर्शन किया। रैली के दौरान प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन को आजादी के लिए नारे लगाते नजर आए। इस दौरान कुछ लोगों ने इजराइल के खिलाफ इंतिफादा की भी मांग उठाई। लोगों ने कहा कि उन्हें यहूदी देश नहीं बल्कि 1948 चाहिए, जब अरब देशों ने मिलकर इजराइल पर हमला किया था।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि इजराइल-हमास जंग को मानवीय कारणों से कुछ समय के लिए रोकने के विषय पर बातचीत आगे बढ़ी है।