पंजाब में 1 नवंबर यानी आज बुधवार को होने जा रही महा-डिबेट ‘मैं पंजाब बोलदा हां’ में कौन-कौन पहुंचेगा, ये असमंजस बरकरार है। विपक्ष के नेता व कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने इस डिबेट को कहा ड्रामा करार दे दिया है। वहीं बीती शाम अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह डिबेट का हिस्सा बनने से इनकार कर चुके हैं। वहीं, कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शर्तों पर आने की बात कही। इसके अलावा सुनील जाखड़ के आने पर असमंजस अभी बना हुआ है।
इसी बीच डिबेट में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ से अमृतसर पहुंच चुके हैं। उनका हेलिकॉप्टर पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) के अंदर ही लैंड हुआ। सीएम के लुधियाना पहुंचते ही किसानों का PAU के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए। जब उन्हें अंदर नहीं जाने दिया तो वे गेट पर ही प्रदर्शन के लिए बैठ गए। अंत में पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने डिबेट में आने की बात कही थी। फोन पर बातचीत में पूर्व सीएम चन्नी ने बताया कि वह डिबेट के लिए आ रहे थे। लेकिन उन्हें लुधियाना एंट्री नहीं दी गई और उनके काफिले को वापस लौटा दिया गया है।
डिबेट के लिए AAP नेताओं का आना शुरू हो गया है। खन्ना से विधायक तरणप्रीत सिंह PAU पहुंचे हैं। पंजाब कैबिनेट मिनिस्टर गुरमीत सिंह खुडि्डयां इससे पहले यूनिवर्सिटी पहुंचे और सुरक्षा की जांच कर वापस लौट गए। उनका कहना है कि सभी विरोधी पार्टियों को न्योता दिया गया है और सभी को इस डिबेट में भाग लेना चाहिए।
सुबह से यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा इंतजाम सख्त किए गए हैं। गेट नंबर 1 से किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। डिबेट के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को गेट नंबर 2 से भेजा जा रहा है। अन्य किसी को भी यूनिवर्सिटी के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। स्टूडेंट्स को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है।
इन सभी के बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने डिबेट पर पहुंचने की बात कही है। कौन-कौन इस डिबेट का हिस्सा बनेगा और किसकी कुर्सी खाली रहेगी, इस पर पर्दा आज दोपहर 12 बजे तक उठा जाएगा। इन सब के बीच लुधियाना इस डिबेट के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
इस डिबेट के लिए पंजाब सरकार की ओर से पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) के डॉ. मनमोहन सिंह ऑडिटोरियम को बुक किया गया है। इस ऑडिटोरियम की सिटिंग कैपेसिटी लगभग 1000 लोगों की है, लेकिन सीएम मान की ओर से पंजाब के 3 करोड़ लोगों को खुला न्योता दिए जाने से पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई। जिसके बाद डिबेट में कुछ लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई है, अन्य अगर कोई PAU पहुंचता है तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया जाएगा।
पंजाब सरकार ने लिंक किया शेयर
पंजाब सरकार ने 3 करोड़ पंजाबियों को डिबेट का हिस्सा बनने के लिए एक लिंक शेयर किया है। पंजाबी डिबेट को लाइव देख सकते हैं। इस लिंक से वे डिबेट सुन तो सकते हैं, लेकिन पार्टिसिपेट नहीं कर पाएंगे।
राजा वड़िंग ने रखी चार शर्तें
PPCC प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने डिबेट आने के लिए चार शर्तें रख दी हैं। जिनमें पहली, SYL मुद्दे पर बहस, दूसरी एक महीने में नशा खत्म करने का वादा, तीसरा पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को दुरुस्त करने का वादा और चौथा सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इंसाफ व उनके पिता को संतुष्ट करने का वादा करने की शर्त रख दी है। वहीं, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के पहुंचने पर असमंजस बना हुआ है।
अकाली दल का साफ इनकार
वहीं, अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल इस डिबेट में हिस्सा नहीं बनने वाले हैं। अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह ने साफ कर दिया है कि अकाली दल इस डिबेट का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा- शिअद ने आप और मुख्यमंत्री से अपील की थी कि उसे बहस की रूपरेखा तय करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। इसे केवल सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मुद्दे पर केंद्रित किया जाना चाहिए।
सुनील जाखड़ का आरोप- SYL पर बहस नहीं करना चाहते
पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ के पहुंचने पर भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया – SYL मुद्दे पर चर्चा तक करने को तैयार नहीं? क्या आप गंभीर हैं मान साहब? क्योंकि अगर आप मजाक कर रहे हैं तो मजाक आप पर है।
आप वास्तव में मुझसे यह उम्मीद नहीं करते कि मैं आपके साथ जुड़ूं और इस उपहास को विश्वसनीयता प्रदान करूं जो पंजाब के जल के महत्वपूर्ण मुद्दे को कमजोर करता है? इस पर बहस करने से भागकर आपने सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के हितों की अनदेखी करने का आरोप स्वीकार कर लिया है।
AAP ने रखे 4 मुद्दे
AAP पंजाब ने आज की बहस से पहले सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट को शेयर किया है। इसमें 1 नवंबर को पंजाब में नशा कैसे फैला, किसने दी गैंगस्टरों की पनाह, किसने युवाओं को रखा बेरोजगार और किसने दिया पंजाब को धोखा विषयों पर बड़ा खुलासा होने का दावा किया है।
वहीं इस पोस्ट पर विपक्षी दल भड़क गए हैं और आरोप है कि पंजाब सरकार असल व SYL मुद्दे पर बहस करने बच रही है।
पंजाब CM की ओपन डिबेट तस्वीरों में-












