ADVERTISEMENT
Saturday, July 18, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

गठबंधन के लिए राह बिल्कुल आसान नहीं!….

UB India News by UB India News
September 30, 2023
in Lokshbha2024, ब्लॉग
0
गठबंधन के लिए राह बिल्कुल आसान नहीं!….
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

2024 ज्यादा दूर नहीं है. खासकर I.N.D.I.A गठबंधन के लिए, जिन्हें लोकसभा चुनाव से अपनी एकजुटता साबित करनी है और तीसरी बार लोकसभा चुनाव में अपनी जीत की उम्मीद कर रही मोदी सरकार को कड़ी टक्कर देनी है.

लेकिन शुरुआत में जिस तरह ये गठबंधन बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर जो ताकत दिखा रहा था वो अब धीरे-धीरे फीका होता नजर आ रहा है.

RELATED POSTS

20 जुलाई से बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र…………….

एक देश-एक चुनाव’ प्रशासनिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता लाता है…………….

अब सवाल ये उठता है कि क्या समय से पहले ही I.N.D.I.A गठबंधन ने तमाम उत्साह दिखा दिया या ये गठबंधन अभी किसी खास रणनीति के चलते सही समय के इंतजार में है.

सही समय पर नहीं कर पा रही फैसलों पर अमल
I.N.D.I.A गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है ये सवाल उनके पिछले कुछ फैसलों को देखकर लगने लगा है.

पिछले कुछ समय से I.N.D.I.A गठबंधन में लगातार जो फैसले लिए जा रहे हैं उनपर अमल नहीं किया जा रहा है. मुंबई में I.N.D.I.A गठबंधन की मीटिंग होने के बाद लगातार फैसले लेने की बात बोली गई थी, लेकिन असल में हुआ इसके ठीक उलटा.

मुंबई की मीटिंग में ही ये कहा गया था कि अलायंस की पहली रैली भोपाल में निकाली जाएगी, भोपाल में ही अलायंस की दूसरी बैठक भी होनी थी लेकिन मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने रैली स्थगित करने की जानकारी देकर सभी को हैरान कर दिया.

सूत्रों की मानें तो कमलनाथ नहीं चाहते थे कि अलायंस की रैली भोपाल में आयोजित कर विधानसभा चुनाव को राष्ट्रीय चुनाव बनाया जाए, जिसके बाद अब तक गठबंधन की बैठक और रैली के लिए दूसरी तारीख और स्थान का ऐलान नहीं किया गया है.

मुंबई में हुई बैठक में इंडिया गठबंधन ने अलग-अलग कमेटी बनाने का भी ऐलान किया था लेकिन उन कमिटियों की भी कुछ खास सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है. हालांकि एक बार कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक जरूर हुई थी लेकिन उस मीटिंग में भी कुछ खास निकलकर सामने नहीं आया.

दिख रहा गठबंधन के नेताओं का मतभेद
जहां एक ओर गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेता एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, वहीं अब अलायंस के नेताओं में खुद आपसी मतभेद नजर आने लगे हैं.

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आक्रामक रूप से हमलावर हैं, जिसके चलते राज्य में दोनों के बीच तनाव साफ नजर आ रहा है. अधीर के बयान का मुद्दा इंडिया गठबंधन की बैठक में भी उठा था.

वहीं पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच के मतभेद हर दिन बढ़ते नजर आ रहे हैं, पंजाब में कांग्रेस अपने एक विधायक की गिरफ्तारी से नाराज दिख रहा है. साथ ही ममता बनर्जी गठबंधन में वामपंथी दलों की मौजूदगी और उनके योगदान पर सवाल खड़े कर रही हैं.

ऐसे में जिन राज्यों में विपक्षी पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ने को लेकर स्पष्ट हैं वहां भी सीट शेयरिंग को लेकर तस्वीरें साफ नजर नहीं आ रही हैं. बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक सीट शेयरिंग को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है.

अखिलेश यादव वैसे तो अलायंस की हर मीटिंग में शामिल हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर अभी यहां भी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

इसके अलावा डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन पर दिए गए बयान को लेकर अलायंस बैकफुट पर नजर आया. नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने उदयनिधि के इस बयान को I.N.D.I.A गठबंधन का सामूहिक बयान बताया. इसके चलते गठबंधन में शामिल बाकी नेता उदयनिधि के इस बयान से दूरी बनाते नजर आए.

नजर आता है कि अंदरुनी तौर पर गठबंधन में शामिल पार्टियों नेताओं को पता है कि चुनौती बेहद बड़ी है और बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की खासी जरूरत है, लेकिन ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा है इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

गठबंधन में शामिल एक और राष्ट्रीय पार्टी सीपीएम भी उहापोह की स्थिति में है. सीपीएम ने अब तक कॉर्डिनेशन कमेटी के लिए किसी भी सदस्य को नामित नहीं किया है.

विपक्ष सीट शेयरिंग क्यों नहीं कर रहा उजागर?
गठबंधन की मुख्य पार्टी कांग्रेस के लीडर्स I.N.D.I.A गठबंधन में सुस्ती की बात को साफतौर पर खारिज करते हैं. उनके नेताओं का दावा है कि सब कुछ सही है और योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है.

सीट शेयरिंग की बात को लेकर नेताओं ने तर्क दिया है कि इसे लेकर एक-दो राज्यों में ही परेशानी है, लेकिन उसे भी समय के साथ सुलझा लिया जाएगा.

बताया जा रहा है कि फिलहाल इंडिया गठबंधन साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों का इंतजार कर रहा है. यदि इस चुनाव में पार्टियां बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब होती हैं तो गठबंधन में सीटों को लेकर भी वो मजबूती से अपना दावा पेश कर सकते हैं.

हालांकि कुछ क्षेत्रीय दलों को यह भी आशंका है कि ज्यादा देरी करने से गठबंधन अपने लक्ष्य से भटक न जाए. पिछली कुछ बैठकों में कुछ दलों द्वारा इसे लेकर चिंता भी जाहिर की गई है.

बता दें अलायंस ये योजना बना रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में वो कम से कम 400 लोकसभा सीटों पर सामूहिक उम्मीदवार उतारे.

कॉर्डिनेशन कमिटी के कामकाज से भी खुश नहीं है कई सदस्य
गठबंधन के निर्णय लेने के लिए 14 सदस्यीय कोर्डिनेशन समिती का गठन किया गया है. जिसमें शिर्ष नेतृत्व को महत्व दिया गया है.

लेकिन गठबंधन के कई सदस्य 14 सदस्यों की कोर्डिनेशन कमिटी के कामकाज से भी खुश नहीं हैं. ये कमेटी शीर्ष निर्णयों को लेने का काम करती है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार, इंडिया गठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें बताया कि ये स्पष्ट हो गया है कि जब तक संबंधित पार्टियों के शीर्ष नेता मौजूद नहीं होंगे तब तक निर्णय किए जाने या उनका सम्मान किए जाने की संभावना नहीं है.

सूत्रों की मानें तो कश्मीर स्थित एक पार्टी के नेता ने समिति की बैठकों में भाग लेने के महत्व पर भी सवाल खड़े किए हैं. साथ ही उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए एक नई कार्यप्रणाली या व्यवस्था लाने का आव्हान भी किया है.

इस कोर्डिनेशन कमिटी ने 13 सितंबर को पहली बैठक आयोजित की थी. जिसमें भोपाल में दूसरी बैठक रखना तय हुआ था. साथ ही कमिटी का प्रस्ताव था कि जाति जनगणना को अपने मुख्य चुनावी मुद्दों में शामिल किया जाए.

भोपाल में होने वाली बैठक के फैसले का कांग्रेस नेता कमलनाथ ने विरोध किया तो वहीं जाति जनगणना का ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने. इस तरह इस कमेटी के दोनों ही निर्णयों पर सहमति नहीं बन पाई.

13 सितंबर को अपनी बैठक के दौरान कोर्डिनेशन कमेटी ने 14 टेलीविजन समाचार एंकरों के बहिष्कार के अलायंस की मीडिया कमेटी के फैसले का भी समर्थन किया. इस फैसले पर भी सभी की सहमति नहीं बन पाई.

न केवल जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार, बल्कि कांग्रेस के कुछ सदस्य भी इस फैसले से सहमत नहीं थे.

25 सितंबर को हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल की एक सार्वजनिक बैठक के दौरान जेडीयू के केसी त्यागी ने टिप्पणी की कि “छोटे दिल से बड़े काम पूरे नहीं किए जा सकते” और भाजपा को हराने के लिए एकता की आवश्यकता पर जोर दिया जाए.

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी घमंड से अलग होकर फैसले लेने की बात कही.

साथ ही इंडिया गठबंधन के नेताओं में कांग्रेस के प्रति असंतोष भी बढ़ रहा है, उनका आरोप है कि वो विभिन्न इंडिया समितियों को अपने दूसरे दर्जे के नेताओं को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में उपयोग कर रही है, जिससे अन्य दलों के समान या अधिक अनुभवी नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है.

गठबंधन को फिर नजरों में लाने के लिए बड़े पैमाने पर आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने के सुझाव दिए गए हैं, जिसमें पटना, नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी और दिल्ली जैसे शहरों में सार्वजनिक बैठकें शामिल हैं.

कैसा रहा पिछला रिकॉर्ड?
I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर आशंकाएं अलायंस के पिछले रिकॉर्ड को देखकर भी जताई जा रही हैं. दरअसल 2019 में आम चुनाव से पहले भी ऐसी ही एकजुटता बनाने की कोशिशें की गई थीं.

उस वक्त TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू और बीआरएस लीडर केसीआर ने विपक्ष को बीजेपी के खिलाफ साथ लाने की पहल की थी.

हालांकि उस वक्त बीजेपी के पक्ष में आए एक तरफा चुनाव परिणामों ने गठबंधन की संभावनाओं का खारिज कर दिया था.

अब ये दोनों नेता I.N.D.I.A का हिस्सा नहीं हैं. हालांकि गठबंधन नेताओं की मानें तो इस बार हालात कुछ और हैं. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इस बात को मानते हैं कि आने वाला लोकसभा चुनाव उनके लिए करो या मरो वाली स्थिति होगा.

हालांकि इंडिया गठबंधन के बाद NDA भी अपने गठबंधन को विस्तार देने में जुट गया है, लेकिन फिलहाल तमिलनाडु में AIADMK का बीजेपी से अलग होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है.

सूत्रों की मानें तो अभी भी बीजेपी इस गठबंधन को बचाने की पुरजोर कोशिशों में लगी हुई है.

कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में बीजेपी की लीडरशिप इस अलायंस के टूटने का कारण बनी है. जिसे लेकर पार्टी के आला नेता इससे खासा नाराज भी हैं.

बहरहाल 2024 बहुत करीब है. ऐसे में राज्यों के छोटे-बड़े दल जिस गठबंधन में शामिल होंगे उन्हें ही फायदा मिलता नजर आ रहा है. अब देखना ये होगा कौनसा अलायंस चुनाव से पहले एकजुट होता है और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपनी मजबूत पकड़ बनाने में कामयाब हो सकता है.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग खत्म , पांचों सीटों पर NDA की जीत तय …………..

20 जुलाई से बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र…………….

by UB India News
July 18, 2026
0

बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा सियासी मुद्दा...

एक देश-एक चुनाव’ प्रशासनिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता लाता है…………….

एक देश-एक चुनाव’ प्रशासनिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता लाता है…………….

by UB India News
July 18, 2026
0

इस मानसून सत्र की दहलीज पर ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर देश में जैसी बहस छिड़ी है, वैसी किसी अन्य...

सोनम वांगचुक का आंदोलन और अनशन से कितना पुराना नाता !……………

सोनम वांगचुक का आंदोलन और अनशन से कितना पुराना नाता !……………

by UB India News
July 18, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को आज सुबह दिल्ली पुलिस उठाकर...

क्या विपक्ष ‘सनातन और सेक्युलरिज्म’ के द्वंद्व से बाहर निकल पाएंगे?

क्या विपक्ष ‘सनातन और सेक्युलरिज्म’ के द्वंद्व से बाहर निकल पाएंगे?

by UB India News
July 16, 2026
0

जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जनाधार और प्रभाव बढ़ रहा है, वहीं विपक्षी दलों द्वारा उन्हें हटाने की मुहिम तेज...

संविधान संशोधन बिल से पहले अमित शाह का ‘ऑपरेशन 2/3’!

संविधान संशोधन बिल से पहले अमित शाह का ‘ऑपरेशन 2/3’!

by UB India News
July 15, 2026
0

देश की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा मुद्दा छाया हुआ है, वह है संविधान संशोधन विधेयक को दो-तिहाई बहुमत...

Next Post
2000 रु के नोट को बदलने की डेडलाइन रिजर्व बैंक ने  7 अक्टूबर तक बढाई

2000 रु के नोट को बदलने की डेडलाइन रिजर्व बैंक ने 7 अक्टूबर तक बढाई

नीतीश कैबिनेट में 32 प्रस्तावों पर लगी मुहर

बिहार के चार IAS अधिकारियों का तबादला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend