जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर कहा कि यह चुनावी जुमला है। इस विधेयक को लाने का मकसद महिलाओं को संसद या विधानसभा में आरक्षण देना नहीं है। ये २६ पार्टियों का जो इंडि़या गठबंधन बना है‚ उसका पैनिक रिएक्शन है। ये इस बार महिलाओं को छलना चाहते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि २०१४ में इन्होंने देश के बेरोजगारों को छला दो करोड रोजगार का वादा करके। २०१४ में इन्होंने देश के गरीबों को छला– कालाधन लाएंगे‚ सबके खाते में १५ लाख–२० लाख पहुंचाएंगे। इस बार इस देश की महिलाओं को ये छलना चाहते हैं। अगर इनकी मंशा होती तो २०२१ में इन्होंने जातीय आधारित जनगणना शुरू कराई होती। आज आवश्यकता है कि जातीय आधारित जनगणना आप कराएं। इस सदन में मांग होती रही‚ पर आप नहीं कराए। क्योंकि आपको कराना नहीं है। गरीबों‚ अतिपिछडों‚ पिछडों के प्रति न्याय करने में आपका विश्वास नहीं है। इसलिए आपने जनगणना नहीं कराई। आपने कराई होती तो अब तक जनगणना खत्म हो गई होती। यदि जनगणना करवा दिया गया होता तो यह लागू हो गया होता। इसकी जरूरत ही नहीं पडती। आपने ३३४ए प्रावधान जो किया है‚ वो अनिश्चितकाल तक चलता रहेगा और २०२४ की भारी जुमलेबाजी कर महिलाओं को छलेंगे। लेकिन‚ महिलाएं और देश की जनता जान गई हैं कि आप भारी जुमलेबाज हैं‚ आपके किसी जुमले पर उसको भरोसा नहीं है।







