संसद के विशेष सत्र में सरकार ने संसद के लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ को मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया। विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ‘संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023’ पेश किया।
संसद के विशेष सत्र का बुधवार 20 सितंबर को तीसरा दिन है। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पर डिबेट का जवाब देने अमित शाह आए। उन्होंने कहा- संविधान के संशोधित करने वाले 128वें संशोधन पर बात करने के लिए मैं यहां खड़ा हूं। ये कहते ही विपक्ष का हंगामा शुरू कर दिया। इस पर शाह मुस्कुराते हुए राहुल गांधी की तरह बोले- डरो मत।
शाह ने कहा- महिला आरक्षण बिल युग बदलने वाला विधेयक है। कल का दिन भारतीय संसद के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। कल नए सदन का पहली बार श्री गणेश हुआ, कल गणेश चतुर्थी थी और पहली बार कई सालों से लंबित पड़े बिल को पास किया गया। देश में एससी-एसटी के लिए जितनी सीटें आरक्षित हैं, उनमें से भी 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
कुछ लोगों के लिए महिला सशक्तीकरण चुनाव जीतने का मुद्दा हो सकता है, लेकिन मेरी पार्टी और मेरे नेता मोदी के लिए यह मुद्दा राजनीति नहीं, बल्कि मान्यता का मुद्दा है। मोदी ने ही भाजपा में महिलाओं को पार्टी पदों पर 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाया।
शाह से पहले राहुल गांधी ने कहा कि मैं महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हूं, लेकिन ये अधूरा है। जब सांसदों को पुरानी संसद से नई संसद में ले जाया जा रहा था तो राष्ट्रपति को मौजूद होना चाहिए था।
हमारे इंस्टीट्यूशंस में OBC की भागीदारी कितनी है, मैंने इसकी रिसर्च की। सरकार चलाने वाले जो 90 सेक्रेटरी हैं, उनमें से तीन सिर्फ 3 ही OBC से हैं। इसे जल्दी से जल्दी बदलिए। ये OBC समाज का अपमान हैं।
राहुल के बोलने के दौरान सांसदों ने हंगामा किया तो वे बोले- डरो नहीं। देश की आजादी की लड़ाई महिलाओं ने भी लड़ी थी। महिला आरक्षण बिल पर बिल्कुल भी देरी नहीं करना चाहिए और इसे आज से ही लागू कर देना चाहिए।
ओम बिड़ला ने इस दौरान उन्हें टोकते हुए कहा- मैं राहुल गांधी से अपील करता हूं कि सदन में सभी सदस्य बराबर हैं। इसलिए उन्हें ‘डरो मत डरो मत नहीं कहें।
संसद के विशेष सत्र से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें:
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक होगी बिल पर चर्चा
इस पर पूरे दिन चर्चा होगी। यह 11 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलने का समय निर्धारित किया गया है…इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है: महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
शाम 4 बजे बहस में हिस्सा लेंगी स्मृति ईरानी
आज की बहस में सबसे ज्यादा निगाहें सोनिया गांधी और स्मृति ईरानी पर रहेंगी। बता दें कि स्मृति ईरानी आज शाम 4 बजे बहस में हिस्सा लेंगी।
महुआ मोइत्रा और डिंपल यादव भी ले सकती हैं बहस में हिस्सा
महिला आरक्षण बिल पर बहस में ज्यादा से ज्यादा महिला सांसद हिस्सा लेंगी। सत्ता पक्ष से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोर्चा संभालेंगी तो विपक्ष से सबसे बड़ा चेहरा होंगी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। इसके अलावा स्मृति ईरानी, महुआ मोइत्रा, अनुप्रिया पटेल और डिंपल यादव भी बहस में हिस्सा ले सकती हैं।
महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में 7 घंटे की चर्चा
महिला आरक्षण बिल पर आज लोकसभा में 7 घंटे की चर्चा होगी, लेकिन उससे पहले विपक्षी गठबंधन की मीटिंग होगी। I.N.D.I.A गठबंधन के फ्लोर नेता महिला आरक्षण बिल को लेकर रणनीति तय करेंगे।
कांग्रेस की तरफ से बहस कर सकती हैं सोनिया गांधी
कांग्रेस की तरफ महिला आरक्षण विधेयक पर बहस की ज़िम्मेदारी खुद सोनिया गांधी संभाल सकती हैं। इनके अलावा अलग-अलग दलों की महिला सांसद इस ऐतिहासिक बिल पर लोकसभा में चर्चा में हिस्सा ले सकती हैं।
बीजेपी की तरफ से निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी लेंगी हिस्सा
आज महिला आरक्षण विधेयक पर होने वाली बहस में बीजेपी की तरफ से निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी और सांसद दिया कुमारी हिस्सा लेंगी।
नारी शक्ति वंदन बिल पर आज लोकसभा में बहस
महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए पेश किये गये नारी शक्ति वंदन बिल पर आज लोकसभा में बहस शुरू होने जा रही है।
नई संसद में कामकाज के पहले दिन पेश हुआ बिल
नई संसद में कामकाज के पहले दिन यानी 19 सितंबर को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पेश किया गया। इस बिल के मुताबिक, लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन लागू किया जाएगा। लोकसभा की 543 सीटों में से 181 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ये रिजर्वेशन 15 साल तक रहेगा। इसके बाद संसद चाहे तो इसकी अवधि बढ़ा सकती है।

विशेष सत्र के तीसरे दिन के बड़े अपडेट्स…
- तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले I.N.D.I.A गठबंधन के नेता मीटिंग कर रणनीति बनाएंगे। ये मीटिंग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ऑफिस में होगी।
- आज राज्यसभा में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा की जाएगी। सदन के पटल पर पेपर्स और रिपोर्ट्स पेश होने के बाद यह चर्चा शुरू होगी।
परिसीमन के बाद ही लागू होगा बिल
नए विधेयक में सबसे बड़ा पेंच यह है कि यह डीलिमिटेशन यानी परिसीमन के बाद ही लागू होगा। परिसीमन इस विधेयक के पास होने के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर होगा। 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले जनगणना और परिसीमन करीब-करीब असंभव है।
इस फॉर्मूले के मुताबिक विधानसभा और लोकसभा चुनाव समय पर हुए तो इस बार महिला आरक्षण लागू नहीं होगा। यह 2029 के लोकसभा चुनाव या इससे पहले के कुछ विधानसभा चुनावों से लागू हो सकता है।

बिल पास होने से लोकसभा में 181 महिला सांसद होंगी
कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बताया कि अभी लोकसभा में 82 महिला सांसद हैं, इस बिल के पास होने के बाद 181 महिला सांसद हो जाएंगी। यह आरक्षण सीधे चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए लागू होगा। यानी यह राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों पर लागू नहीं होगा।







