राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत मिली है. इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज यानी शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोनम जमानत पर पहले ही रिहा हो चुकी है. इसलिए इस मामले में दखल देना उचित नहीं. अब मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त सब चौंक गए, जब अचानक सोनम रघुवंशी के सामने केतन अग्रवाल और सिया गोयल का जिक्र हुआ.
सबसे पहले जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को क्या राहत दी है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठते हैं, जिनकी आगे सुनवाई की आवश्यकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों जमानत खारिज नहीं की
सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं. इसलिए इस समय उनकी रिहाई में दखल देना उचित नहीं.’ सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मेघालय सरकार गई है. मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी से भी जवाब मांगा कि आप बताएं कि आपकी जमानत क्यों न खारिज की जाए. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच में यह सुनवाई हुई.
सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं. इसलिए इस समय उनकी रिहाई में दखल देना उचित नहीं.’ सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मेघालय सरकार गई है. मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी से भी जवाब मांगा कि आप बताएं कि आपकी जमानत क्यों न खारिज की जाए. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच में यह सुनवाई हुई.
केतन और सिया का जिक्र क्यों और किसने किया
अब समझते हैं कि आखिर केतन और सिया का जिक्र कैसे हुआ? सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की जमानत का विरोध एसजी तुषार मेहता कर रहे थे. एसजी तुषार मेहता सरकार की ओर से पेश हुए थे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑर्डर देने के दौरान अचानक तुषार मेहता ने एक अन्य मामले का हवाला दिया. एसजी तुषार मेहता का ने केतन और सिया का नाम लिए बगैर कहा कि हाल ही में एक पत्नी ने पति की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह विग पहनता था. एसजी मेहता का यह बयान कथित तौर पर सिया-केतन हत्याकांड की ओर संकेत माना जा रहा है. उन्होंने इस उदाहरण के जरिए अदालत के सामने अपने तर्क रखे.
अब समझते हैं कि आखिर केतन और सिया का जिक्र कैसे हुआ? सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की जमानत का विरोध एसजी तुषार मेहता कर रहे थे. एसजी तुषार मेहता सरकार की ओर से पेश हुए थे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑर्डर देने के दौरान अचानक तुषार मेहता ने एक अन्य मामले का हवाला दिया. एसजी तुषार मेहता का ने केतन और सिया का नाम लिए बगैर कहा कि हाल ही में एक पत्नी ने पति की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह विग पहनता था. एसजी मेहता का यह बयान कथित तौर पर सिया-केतन हत्याकांड की ओर संकेत माना जा रहा है. उन्होंने इस उदाहरण के जरिए अदालत के सामने अपने तर्क रखे.
इतना ही नहीं, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं. पहले भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं और यह मामला केवल गिरफ्तारी के दौरान हुई एक तकनीकी या क्लेरिकल गलती का नहीं है. मेघालय सरकार का तर्क है कि यदि सोनम बाहर रही तो उसके फरार होने का खतरा बना रहेगा.
सोनम के वकील ने क्या कहा
सोनम रघुवंशी की तरफ से पेश वकील ने कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो वकील मुहैया कराया गया और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए. उनका दावा था कि पुलिस ने सिर्फ एक खाली प्रोफॉर्मा दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर यह मुद्दा इतना अहम था तो इसे पहले क्यों नहीं उठाया गया.कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमानत सिर्फ तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है?
सोनम रघुवंशी की तरफ से पेश वकील ने कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो वकील मुहैया कराया गया और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए. उनका दावा था कि पुलिस ने सिर्फ एक खाली प्रोफॉर्मा दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर यह मुद्दा इतना अहम था तो इसे पहले क्यों नहीं उठाया गया.कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमानत सिर्फ तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है?
क्या है पूरा मामला
बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मेघालय हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को सही ठहराया गया था. सोनम पर मई 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. वहीं, मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को शिलांग अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया था.
बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मेघालय हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को सही ठहराया गया था. सोनम पर मई 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. वहीं, मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को शिलांग अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया था.







