कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की दो दिवसीय बैठक आज से हैदराबाद में शुरू हो गई है. इस मीटिंग में I.N.D.I.A गठबंधन में सीट बंटवारे की दिक्कतों पर चर्चा होने की संभावना है. साथ ही कांग्रेस पार्टी के व्यापक चुनावी रोडमैप पर चर्चा होगी. गौरतलब है कि इस साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम शामिल हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि I.N.D.I.A में शामिल कुछ दलों के साथ सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस की राज्य इकाइयों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बड़ा अंतर सामने आया है.
द इंडियन एक्सप्रेस केी रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर उत्साहित है और उसका मानना है कि इस बार लोकसभा चुनाव में प्रचार का स्वर और शैली ‘मोदी बनाम राहुल’ थीम के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी. हालांकि, पार्टी सीट-बंटवारे पर गठबंधन के अन्य दलों के साथ बातचीत में जल्दबाजी नहीं करना चाहती. कांग्रेस को 5 राज्यों के चुनाव नतीजों का इंतजार है. लेकिन I.N.D.I.A गंठबंधन के कई दल इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अक्टूबर के अंत सीट बंटवारे पर सहमति बन जाए.
कांग्रेस को किसका है इंतजार?
कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि पार्टी पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के नतीजों का इंतजार करना चाहती है. क्योंकि इन राज्यों में अच्छा प्रदर्शन 2019 के लोकसभा चुनाव में अधिक सीटों पर उसकी दावेदारी को मजबूती प्रदान करेगा. लेकिन अन्य दलों की ओर से सीट बंटवारे को लेकर दबाव को देखते हुए कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर राज्य इकाइयों के नेताओं के साथ चर्चा करेगा.
बंगाल और पंजाब में संकट
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के लिए, पार्टी के राज्य प्रमुखों, सभी मुख्यमंत्रियों और विधायक दल नेताओं को आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्य इस मीटिंग में शिरकत कर रहे हैं. कांग्रेस को अपनी पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल इकाइयों से धक्का-मुक्की की उम्मीद है. पहले दो राज्यों में, पार्टी के नेता आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ हैं. वहीं पश्चिम बंगाल में राज्य नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर नाराज है. इसके आलावा कांग्रेस नेतृत्व महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन दलों के साथ सीट बंटवारे प कड़ी सौदेबाजी की तैयारी कर रहा है.







