दिल्ली की मीटिंग से पहले पटना में राजनीतिक हलचल तेज हैं। महागठबंधन की तीनों बड़ी पार्टियों (जेडीयू-आरजेडी-माले) ने मेगा बैठक की। माना जा रहा है कि इंडिया एलायंस की बैठक से पहले ये पार्टियां अपना होमवर्क दुरुस्त करने की कोशिश कर रही थीं। जेडीयू और कांग्रेस को छोड़ किसी का भी लोकसभा में हिस्सेदारी नहीं है। फिलहाल जेडीयू के पास 16 सासंद हैं तो कांग्रेस के पास एक। आरजेडी और लेफ्ट पार्टियों के एक भी सांसद नहीं है। ऐसे में इनको अपने दावे को काफी मजबूती से मीटिंग में रखना होगा। लिहाजा इनको कुछ ज्यादा ही होमवर्क करना पड़ा रहा है।
इंडिया गठबंधन से जुड़ी पार्टियों के लिए 14 सितंबर का दिन काफी अहम है। इसका कुछ ज्यादा ही असर बिहार में देखने को मिल रहा है। राज्य की सत्ता में भागीदार जेडीयू, आरजेडी और सीपीआईएमएल ने अलग-अलग बैठक की। आरजेडी में तो दो दिनों तक महामंथन किया गया। वहीं, सीएम आवास पर जेडीयू नेताओं की बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू के जिलाध्यक्षों और प्रमंडल प्रभारियों के साथ बैठक कर फीडबैक ली। जबकि सीपीआईएमएल की ओर से दिपांकर भट्टाचार्य ने मीटिंग की। माना जा रहा है कि सीट बंटवारे को लेकर इसमें रणनीति बनाई गई।
बिहार के मुख्यमंत्री आज भी जेडीयू नेताओं से मिलेंगे और जमीनी फीडबैक लेंगे। सोमवार को नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जेडीयू के सभी 51 संगठन जिलों के जिला और नगर अध्यक्ष, 11 प्रमंडल प्रभारियों संग उन्होंने बैठक किया। नीतीश कुमार ने सभी जेडीयू नेताओं से जमीनी फीडबैक लिया। जिलाध्यक्ष और प्रमंडल प्रभारी जमीन पर क्या महसूस करते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी ली।
राजद ने शुरू की लोकसभा चुनाव की तैयारी, बूथस्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
लोकसभा चुनाव को लेकर अब सारी पार्टियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। राजद ने भी लगातार दो दिनों तक इसको लेकर पटना में मंथन किया। सोमवार को भी राजद नेता तेजस्वी यादव ने दक्षिण बिहार के विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों, जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों के साथ बैठक की और लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की। इस दौरान बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक के बाद बाहर निकले प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दंगाइयों को सत्ता से हटा देना है, जो देश को तबाह कर रहे हैं। राजद के विधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि पार्टी किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां संगठन को मजबूत करने को लेकर बैठक करती रहती हैं, इसमें कोई नई बात नहीं है। आगामी चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई।
बिहार में माले ने ठोकी 9 सीटों पर दावेदारी
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर लेफ्ट पार्टियां काफी ऐक्टिव हैं। माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पटना में पार्टी मीटिंग के बाद कहा कि सांगठनिक स्तर पर पार्टी को मजबूत और ऐक्टिव करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही है। सिवान, काराकट, बक्सर, पाटलिपुत्र, जहानाबाद के सीटों पर माले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तैयारियां कर रही है। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार की 9 सीटें ऐसी हैं, जिस पर हमारी पार्टी का जनाधार है। कुछ लोकसभा जिसके दो-दो विधानसभा से हमारे विधायक जीतकर आए हैं। उन्होंने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में हमारे 12 विधायक हैं, जिसको लेकर हमलोगों का आकलन है कि 9 सीटें ऐसी हैं, जिस पर माले का जनाधार है।
कोऑर्डिनेशन कमेटी में तेजस्वी और ललन भी शामिल
समन्वय समिति में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, द्रमुक नेता टीआर बालू, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत, आप सांसद राघव चड्ढा, भाकपा के डी. राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। इसके अलावा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और समाजवादी पार्टी सांसद जावेद अली खान शामिल हैं।







