इंडिया या भारत, क्या देश का नाम बदलने वाला है? जिस तरह बीजेपी भारत नाम को लेकर पिच तैयार कर रही है, उससे चर्चा तेज है कि 18 सितंबर से बुलाए गए संसद के स्पेशल सत्र (Parliament special session 2023) में सरकार इससे जुड़ा प्रस्ताव ला सकती है। इसी से जुड़े सवाल पर बीजेपी के एक नेता ने कहा, संसद सत्र का इंतजार करें। दरअसल, पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमें गुलामी की छोटी से छोटी निशानी से मुक्ति चाहिए। इसके बाद कई जगह बदलाव शुरू हुए। राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया।
जी20 से जुड़े डिनर में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर से जो निमंत्रण पत्र भेजा गया, उस पर President Of India की जगह President Of Bharat लिखा गया। इसे लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया में भारत शब्द का इस्तेमाल शुरू कर दिया और इसके पक्ष में तर्क देने शुरू कर दिए, वहीं कांग्रेस ने इसे संघीय ढांचे पर हमला करार दिया।
मोदी सरकार ‘नाम बदलने वाली’ सरकार बनकर रह गई है : प्रियांक खरगे
कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद “गेम चेंजर” होने का दावा किया था, लेकिन वह महज ‘नेम चेंजर’ बनकर रह गई है।वह इंडिया का नाम बदलकर ‘भारत’ करने की केंद्र की कथित योजना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। सोशल मीडिया पर मंत्री खरगे ने कहा कि 2014 से पहले भारत अमेरिका, रूस और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा था। उन्होंने (भाजपा) गुजरात और उत्तर प्रदेश मॉडल के नाम पर जातियों और जातीय समूहों के बीच नफरत के बीज बोए हैं। अब, उन्होंने एक ‘मणिपुर मॉडल’ बनाया है। खरगे ने कहा, ‘बीजेपी से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिसने देश को पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों से तुलना करने पर मजबूर कर दिया है?’
तो राष्ट्रपति भवन खाली करवा दें: अधीर रंजन चौधरी
‘भारत’ नाम को लेकर विवाद पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का बयान आया है। उन्होंने बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि ‘INDIA से इतना बुरा लगता है तो राष्ट्रपति भवन तो पहले वायसराय हाउस था, अंग्रेजों से इतनी समस्या है तो राष्ट्रपति भवन खाली कर देना चाहिए।’ चौधरी ने कहा कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक को भी खाली करो दो, इतना दिक्कत है तो गोले से उड़ा दो
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने इंडिया बनाम भारत मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर बीजेपी के डर को दिखाता है। बीजेपी ज्यादा शोर मचाएगी तो इसका असर दक्षिण के राज्यों पर पड़ सकता है। उसे इस बात से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत हम सबका है।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, राष्ट्रपति भवन ने 9 सितंबर को जी20 डिनर के लिए जो इन्विटेशन भेजा है, उसमें इंडिया की जगह भारत लिखा है। संविधान में अनुच्छेद 1 के मुताबिक, इंडिया जिसे भारत कहते हैं, वह राज्यों का एक संघ है। अब इस राज्यों के संघ पर भी हमला हो रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, कांग्रेस को देश के सम्मान और गौरव से जुड़े हर विषय से इतनी आपत्ति क्यों है।
विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के घटक दलों ने भी राष्ट्रपति भवन के नए निमंत्रण पत्र पर विरोध दर्ज कराया। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, अचानक ऐसा क्या हुआ कि देश का नाम बदला जा रहा है। हम देश को भारत कहते हैं, इसमें नया क्या है? अंग्रेजी में हम इंडिया कहते हैं… दुनिया हमें इंडिया नाम से जानती है। AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, इंडिया नाम से विपक्ष का अलायंस बनने के बाद ये देश का नाम बदल रहे हैं। अगर कल इंडिया अलायंस ने मीटिंग करके अपना नाम भारत रख लिया तो क्या ये भारत का नाम बदलकर बीजेपी रख देंगे।
यह डर है, जबसे इस देश के प्रमुख दलों ने I.N.D.I.A गठबंधन बनाया, जब से हमने अपने गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखा है तब से इन लोगों को अपने देश से ही डर लगने लगा है… आप क्या-क्या बदलेंगे… यह(इंडिया) संविधान द्वारा दिया हुआ नाम है, आपको इसे बदलने का अधिकार किसने दिया?
संजय राउत, सांसद, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)