तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन (MK Stalin) के बेटे सह मंत्री उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) के बयान को लेकर बिहार में राजनीति जोरों पर ही रही है. बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में सोमवार (4 सितंबर) को परिवाद भी दायर हो चुका है. अब उदयनिधि स्टालिन के बयान पर बीजेपी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने कड़ी टिप्पणी करते हुए हमला बोला है. गिरिराज सिंह ने तीन नेताओं से जवाब मांगे हैं.
‘2024 के चुनाव में जनता जवाब देगी’
गिरिराज सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए बयान में सोमवार को कहा कि अगर स्टालिन के बेटे अपनी बात पर कायम हैं कि ‘मैं भगवा को मिटा कर ही दम लूंगा’ तो इसका जवाब राहुल गांधी, लालू यादव और नीतीश कुमार को देना होगा कि मुंबई की बैठक के बाद कौन सी विरासत खड़ी की है? गलतफहमी में न रहें. चाहे उदयनिधि स्टालिन हो या लालू यादव हों, हिंदू इसका जवाब देगा, इसका प्रतिकार करेगा. राहुल गांधी को जवाब देना पड़ेगा और नहीं दिए तो 2024 के चुनाव में जनता जवाब देगी.
सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि स्टालिन के बयान पर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि यह लोग नीच मानसिकता के हैं. सभी धर्म का सम्मान करना चाहिए. जिस धर्म से जो आता है उस धर्म को लोग मानते हैं, लेकिन किसी के धर्म के खिलाफ बोलना यह पूरी तरह अनुचित है.
मुजफ्फरपुर में परिवाद दायर
इस मामले में सोमवार को मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर कराया गया है. अधिवक्ता सुधीर ओझा ने हिंदू धर्म के खिलाफ में की गई टिप्पणी को लेकर यह परिवाद दायर कराया है. मंत्री उदयनिधि की ओर से मंच से हिंदू धर्म को डेंगू और मलेरिया बताकर करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गई है. 14 सितंबर की तारीख दी गई है.







