भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल ने सही अर्थों में आजादी की नींव रखने का काम किया। शुक्ल के बुलावे पर ही मोहनदास करमचंद गांधी चंपारण आए और महात्मा बने। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी राजकुमार शुक्ल को अब तक की सरकारों ने वह सम्मान नहीं दिया जिसके वह हकदार थे। उन्होंने शुक्ल समाज के लोगों से वादा किया कि भाजपा महान स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान की लड़ाई लड़ेगी और उसे मंजिल तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि शुक्ल जी किसी धर्म, जाति के नहीं थे, वे देश के आजादी के दीवाने थे, जिन्होंने आजादी की नींव रखी।
चौधरी ने शुक्रवार कि पंडित राजकुमार शुक्ल ने सही अर्थों में आजादी की नींव रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में अकेले भाजपा की सरकार बनी तो शुक्ल जी की जयंती पर राजकीय समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने शुक्ल जी के समाज के लोगों से वादा किया कि भाजपा महान स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान की लडाई लडेगी और उसे मंजिल तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि शुक्ल जी किसी धर्म‚ जाति के नहीं‚ देश की आजादी के दीवाने थे।
सम्राट चौधरी ने ये बातें शुक्रवार को बीजेपी दफ्तर में पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती समारोह के दौरान कही। समारोह मे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं ने शक्ल की तस्वीर पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर नेताओं को संबोधित करते हुए लोगों को आश्वस्त किया कि अगर बिहार में अकेले भाजपा की सरकार बनी तो शुक्ल जयंती को राजकीय समारोह का दर्जा दी जायेगी। इस दिवस पर राजकीय समारोह आयोजित की जाएगी।
‘आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका रही’
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आजादी की लड़ाई में पंडित शुक्ल की अहम भूमिका रही। उनके त्याग और बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र सदैव याद रखेगा। उन्होंने कहा कि राय ने आजादी के बाद देश के विभाजन पर कहा कि देश की आजादी में मर मिटने वालों ने देश के विभाजन का सपना नहीं देखा था। उस समय सरदार वल्लभ भाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद तक ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि भारत माता को दुखित करने वाली प्रवृतियों का बीज नष्ट करने से नहीं बल्कि उनका समूल नष्ट करने की जरूरत है।
इधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने इस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित शुक्ल चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार ही नहीं, बल्कि सफल राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम की मजबूत नींव थे। उनके प्रयास ने बापू को चंपारण बुलाया और उन्हें विश्व के सबसे बड़े कृषक आंदोलन का नेतृत्व देकर स्वाधीनता संग्राम को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। आजादी के लिए शुक्ल ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके प्रयास ने बापू को चंपारण बुलाया और उन्हें विश्व के सबसे बडे कृषक आदोलन का नेतृत्व देकर स्वाधीनता संग्राम को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। आजादी के लिए शुक्ल जी ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इतिहासकारों ने उनके संघर्ष गाथा को जो जगह मिलनी चाहिए थी वह नहीं दी है।
कार्यक्रम का संयोजन भाजपा ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अर्चना राय भट्ट ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश भट्ट ने की।







