लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बदलकर एक तीर से दो निशाने लगाए हैं। सियासी पंडितों की माने तो भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दांव खेला है और नीतीश कुमार के अति पिछड़ा वोट बैंक में सेंधमारी की जुगत में लग गयी है।
नई जिम्मेदारी मिलते ही हरि सहनी की हुंकार
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक बीजेपी ने हरि सहनी को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को सियासी तौर पर समाप्त करने की ठान ली है लिहाजा हरि सहनी को बिहार विधान परिषद का नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। वहीं, इस बड़ी जिम्मेदारी के मिलने के बाद हरि सहनी ने भी हुंकार भरी है और कहा है कि सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।
मल्लाहों को अधिकार दिलाना मुख्य मकसद
हरि सहनी ने कहा कि देश में एकबार फिर मोदी सरकार बनेगी। नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। मल्लाह समाज को एकजुट किया जाएगा और बिहार से गुंडाराज का भी खात्मा होगा। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि मल्लाह के इस बेटे पर पार्टी ने भरोसा जताया है, जिसपर खरा उतरने की पूरी कोशिश करुंगा।







