लालू प्रसाद यादव बुधवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बताया गया कि लालू प्रसाद मेडिकल जांच के लिए दिल्ली गए हैं। इससे पहले सोमवार को लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी। अभी की राजनीति में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के मिलने-जुलने के कई मायने हैं। खास तौर से तब जब लालू प्रसाद खुद नीतीश कुमार के आवास पर जाएं। हालांकि दोनों एक ही महागठबंधन में हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी एकजुटता में बड़ी भूमिका दोनों ने निभाई है।
अब तो अपनी उम्र भी बताने लगे नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने बिहार म्यूजियम में आयोजित कार्यक्रम में यह कहकर एक बार फिर से जैसे यह बताया कि अब उनकी उम्र काफी हो चली है। उन्होंने अपनी उम्र भी बतायी कि वे 73 वर्ष के हो गए हैं। दूसरी तरफ बिहार की राजनीति में इसकी चर्चा एक साल से तेज है कि नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव को सत्ता की बागडोर सौंपेंगे। इसकी मांग भी आरजेडी में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी जैसे वरीय नेता भी कर चुके हैं। यह दबाव नीतीश कुमार पर है। लालू प्रसाद की भी चाहत यही है। लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच जो मुलाकात हुई उसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात 45 मिनट तक चली।
दो बड़े एजेंडों पर हुई चर्चा
तेजस्वी यादव को सीएम बनाने के मामले से इतर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के सामने दो एजेंडा या काम है। एक तो अगस्त के अंत में INDIA की बैठक मुंबई में होनी है और दूसरा मंत्रिमंडल का विस्तार। मंत्रिमंडल विस्तार की बात करें तो राहुल गांधी और लालू प्रसाद के बीच दिल्ली में इसको लेकर बातचीत पहले ही हो चुकी है। राहुल गांधी, लालू प्रसाद से मिलने मीसा भारती के आवास पर गए थे। उसमें तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। जानकारी है कि कांग्रेस ने अपनी तरफ से नाम तय कर लिया है, लेकिन आरजेडी में इस पर पेंच फंसा हुआ है। जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह और अनंत सिंह के करीबी कार्तिक कुमार को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल करना नीतीश कुमार को गंवारा नहीं है। हालांकि कांग्रेस का दबाव है कि उसके कोटे के लिए मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाए, लेकिन नीतीश कुमार चाहते हैं कि एक साथ ही कांग्रेस और आरजेडी के लिए मंत्रिमंडल विस्तार किया जाए। नहीं तो महागठबंधन को लेकर लोगों में गलत मैसेज जा सकता है।
कांग्रेस में इनकी चर्चा सबसे आगे
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार महराजगंज के विधायक विजय शंकर दुबे, औरंगाबाद के विधायक आनंद शंकर, मुजफ्फरपुर के विधायक विजयेंद्र चौधरी और एमएलसी मदन मोहन झा के नामों की चर्चा मंत्री पद के लिए सबसे आगे है। कांग्रेस पार्टी नीतीश मंत्रिमंडल में दो और मंत्री पद चाहती है। अभी कांग्रेस से दो मंत्री मंत्रिमंडल में हैं।
दिल्ली में राजनीतिक रूप से एक्टिव रहेंगे लालू प्रसाद
INDIA गठबंधन की जो बैठक मुंबई में होनी है उसमें नीतीश कुमार को कॉर्डिनेटर बनाया जाता है कि नहीं इस पर सभी की निगाह है। अब तक की दो बैठकों में यह काम नहीं हो पाया है। बेंगलुरू की बैठक में तो नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव प्रेस कांफ्रेस से पहले ही निकल गए। दूसरे दिन नीतीश कुमार ने इस पर सफाई दी कि उनको राजगीर के कार्यक्रम में आने की जल्दबाजी थी। इस बीच यह साफ मैजेस गया कि कांग्रेस ने विपक्षी एकजुटता की वह बागडोर अपने हाथ में ले ली है जिसके लिए नीतीश कुमार ने काफी मेहनत की और लालू प्रसाद ने उनकी भरपूर की। नहीं तो अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को साथ लाने में कई मुश्किलें थीं। मुंबई की बैठक से पहले लालू प्रसाद दिल्ली गए हैं तो वे अपनी मेडिकल टेस्ट आदि तो कराएंगे ही साथ ही नीतीश कुमार के लिए भी रणनीतिक चालें चलेंगे। अभी संसद का सत्र चल रहा है इसलिए देश की राजनीति के कई प्रमुख नेता दिल्ली में हैं।







